
श्याम भक्तों के लिए खाटू धाम में श्याम बाग और श्याम कुंड आस्था के बड़े केन्द्र हैं। श्याम बगीची में प्राकृतिक वातावरण के बीच आस्था के विभिन्न रंगों की अनुभूति होती है। यहां परम भक्त आलूसिंह की समाधि भी बनाई हुई है। श्याम कुंड के बारे में मान्यता है कि यहां स्नान करने से श्रद्धालुओं के पाप धुल जाते हैं। पुरुषों और महिलाओं के स्नान के लिए यहां अलग-अलग कुंड बनाए गए हैं। मुख्य बाजार में स्थित प्राचीन शिवालय, मण्ढा रोड़ पर काशीदा बावड़ी पर स्थित शीश का दानी श्याम मंदिर, अलोदा रोड़ पर रघुनाथदास आश्रम, झामावास रोड़ पर युद्ध स्थल खेतर, लामिया रोड़ पर गणेशदास मंदिर व शनि मंदिर समेत अनेक धार्मिक स्थल है।
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खटवांग से बना खाटू श्याम
खाटूश्यामजी राजस्थान के सीकर जिले का एक महत्वपूर्ण गांव है। यह खाटूश्यामजी के मन्दिर के लिए प्रसिद्ध है। खाटू गांव की स्थापना राजा खट्टवांग ने की थी। खट्टवांग ने बर्बरीक के देवरे में बर्बरीक के सिर की प्राण प्रतिष्ठा कराई थी। खाटू की स्थापना के विषय में अन्य मत प्रचलित है। कई विद्वान इसे महाभारत के पहले का मानते हैं तो कई इसे ईसा पूर्व के समय का मानते है। बाबा श्याम के शीश को स्थापित करने के बाद खटवांग गांव खाटूश्यामजी के नाम से प्रसिद्ध हो गया।
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खाटू श्यामजी मंदिर
यहां वह मंदिर वर्तमान में भी मौजूद है जहां बर्बरीक के सिर को दफनाया गया था। सफेद संगमरमर से बनाया गया खाटू श्यामजी मंदिर बनावाया गया था। खाटू श्याम जी का मुख्य मंदिर राजस्थान के सीकर जिले के गांव खाटू में बना हुआ है। खाटू श्याम मंदिर जयपुर से उत्तर दिशा में वाया रींगस होकर 80 किलोमीटर दूर पड़ता है। इस श्याम मंदिर की आधारशिला सन् 1720 में रखी गई थी। खाटू के श्याम मंदिर में भीम के पौत्र और घटोत्कच के पुत्र बर्बरीक की पूजा श्याम के रूप में की जाती है।
खाटूधाम कैसे पहुंचें
सड़क मार्ग : खाटू धाम से जयपुर, सीकर आदि प्रमुख स्थानों के लिए राजस्थान राज्य परिवहन निगम की बसों के साथ ही नीजि बसे, टैक्सी और जीपें भी यहाँ आसानी से उपलब्ध हैं।
रेलमार्ग : निकटतम रेलवे स्टेशन रींगस जंक्शन 16 किलोमीटर है।
वायुमार्ग : यहाँ से निकटतम हवाई अड्डा जयपुर है, जो कि यहाँ से करीब 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
Published on:
27 Jun 2017 11:00 am
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