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पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी ने जाने बंगाल के सियासी समीकरण, SIR का गणित सुलझाने में जुटे राजनीतिक दल

पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी अपनी 'जन-गण-मन-यात्रा' के तहत पश्चिम बंगाल के दौरे पर हैं। इस दौरे के समय उन्होंने कई राजनेताओं से बंगाल के सियासी समीकरणों पर चर्चा की।
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कोलकाता

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Vinay Shakya

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Updated: 15 Apr 2026, 2:23 AM IST

पश्चिम बंगाल की मंत्री शशि पांजा से पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी ने चुनावी चर्चा की

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे ने पश्चिम बंगाल विधानसभा के चुनावी तापमान को चरम पर पहुंचा दिया है। राज्य की तमाम राजनीतिक पार्टियां SIR के गणित को हल करने में जुटीं हैं। तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि जिस तरह आनन-फानन में SIR की प्रक्रिया पूरी की गई वो ठीक नहीं है। SIR के तहत बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से कट गए हैं, वे मताधिकार से वंचित रह जाएंगे।

निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया का दावा कर रही बीजेपी

सत्ताधारी पार्टी TMC बंगाल में हुई SIR प्रक्रिया पर लगातार सवाल उठा रही है। वहीं, दूसरी तरफ भाजपा का दावा कि SIR प्रक्रिया से पूरी चुनाव प्रक्रिया स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से होगी। तेज होते आरोप-प्रत्यारोप और बनते-बिगड़ते राजनीतिक समीकरणों के बीच पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी ने मंगलवार को कोलकाता में 'जन-गण-मन यात्रा' के तहत विधानसभा चुनाव के विभिन्न पहलुओं पर राजनेताओं से चर्चा की। कोठारी से हुई बातचीत में राज्य के नेताओं ने SIR समेत तमाम मुद्दों से उन्हें अवगत कराया। सभी ने दावा किया कि उनकी पार्टी चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करेगी।

कोठारी ने जाना कि बंगाल में असल मुद्दे क्या हैं?

पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी अपनी 'जन-गण-मन-यात्रा' के तहत कोलकाता में पश्चिम बंगाल की महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री शशि पांजा से चुनावी मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान शशि पांजा ने कहा कि हम इसलिए SIR का विरोध कर रहे हैं, क्योंकि बड़ी संख्या में हिन्दुओं के नाम भी कटे हैं। बंगाल की मंत्री शशि पांजा ने सवाल उठाया कि SIR के लिए इतनी जल्दी क्यों थी?

शशि पांजा ने कहा कि बंगाल में गलत राजनीतिक विमर्श गढ़ने के लिए SIR का इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसा बताया जा रहा है कि सभी घुसपैठियों के नाम कटे हैं, जबकि ऐसा नहीं है। हमें लोगों को समझाने में काफी समय लग रहा है। मंत्री ने आरोप लगाया कि आम जनता उन्नयन नामक नई पार्टी खड़ी की गई, ताकि वो पार्टी के वोट काट सकें। उन्होंने कहा कि भाजपा ने मतुआ समाज से वादाखिलाफी की है। उनको नागरिकता भी नहीं मिली और उनके नाम भी कट गए।

TMC के आरोपों पर क्या है बीजेपी की राय?

बंगाल की सत्ताधारी पार्टी TMC लगातार SIR प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है। वहीं, दूसरी तरफ बीजेपी इसे जरूरी बता रही है। बंगाल के पूर्व बीजेपी अध्यक्ष राहुल सिन्हा ने कहा कि राज्य के लिए SIR की प्रक्रिया बेहद जरूरी थी। इससे दूध का दूध पानी का पानी अलग हो गया है। SIR के बाद सूची में असली मतदाताओं के नाम रह गए हैं। उन्होंने दावा कि इस बार उनकी पार्टी राज्य में बेहतर प्रदर्शन करेगी।