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होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका की नाकाबंदी से ईरान पर क्या होगा असर?

ईरान और अमेरिका के बीच अस्थाई तौर पर सीजफायर (Ceasefire) लागू है। ऐसे समय में अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) पर नाकाबंदी करने का ऐलान किया है। अमेरिका की घोषणा के बाद ईरान ने जवाब दिया है।
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भारत

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Vinay Shakya

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Updated: 14 Apr 2026, 11:47 PM IST

US-Iran Conflict

हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजरता जहाज। (Representative Image- IANS)

ईरान और अमेरिका के बीच अस्थाई तौर पर युद्ध विराम पर सहमति बनी है। ऐसे समय में अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट पर नाकाबंदी की घोषणा की है। होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका द्वारा नाकाबंदी की घोषणा के बाद ईरान ने पलटवार किया है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका की नाकाबंदी से उनके देश पर कोई असर नहीं होगा।

ईरान ने चेतावनी के साथ अमेरिका को दिया करारा जवाब

अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट पर नाकाबंदी की घोषणा की है। अमेरिका की घोषणा के बाद ईरान ने कड़ी चेतावनी के साथ अमेरिका को करारा जवाब दिया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (Islamic Revolutionary Guard Corps) ने कहा कि किसी भी प्रकार के तनाव को रणनीतिक जलमार्ग में बलपूर्वक नियंत्रित किया जाएगा। ईरानी अधिकारियों ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका की नाकाबंदी से कोई असर नहीं होगा।

IRGC ने चेतावनी दी कि कोई भी गलत कदम दुश्मन को होर्मुज स्ट्रेट की घातक भंवरों में फंसा देगा। ईरान ने अपनी स्थिति को दोहराते हुए कहा कि हमारी सेनाओं का होर्मुज स्ट्रेट पर पूर्ण नियंत्रण है, जो अमेरिकी नौसेना की बढ़ती उपस्थिति के बीच चुनौती का संकेत है। इस घटनाक्रम ने आगे तनाव बढ़ने की आशंका को बढ़ा दिया है, जिसका वैश्विक व्यापार मार्गों, तेल आपूर्ति श्रृंखलाओं और ऊर्जा बाजारों पर संभावित प्रभाव पड़ सकता है।

होर्मुज स्ट्रेट पर कब लागू होगी नाकाबंदी

अमेरिका ने घोषणा की है कि 13 अप्रैल से ईरानी बंदरगाहों पर समुद्री नाकाबंदी लागू करेगा। अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) के अनुसार, यह नाकाबंदी ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों में और उसके आसपास संचालित होने वाले सभी देशों के जहाजों पर समान रूप से लागू होगी। सैन्य कमान ने कहा कि इन प्रतिबंधों का उद्देश्य ईरान से जुड़ी समुद्री गतिविधियों को नियंत्रित करना है, जबकि ईरानी बंदरगाहों से संबंधित न होने वाले जहाजों के लिए आवागमन की सुविधा बनाए रखना है।

CENTCOM ने कहा- राष्ट्रपति की घोषणा के अनुसार, 13 अप्रैल को पूर्वी समयानुसार सुबह 10 बजे से ईरानी बंदरगाहों में प्रवेश करने और बाहर निकलने वाले सभी समुद्री यातायात पर नाकाबंदी लागू करना शुरू किया जाएगा। CENTCOM ने स्पष्ट किया कि ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों में प्रवेश करने या निकलने वाले सभी देशों के जहाजों पर, जिनमें अरब खाड़ी और ओमान की खाड़ी के सभी ईरानी बंदरगाह शामिल हैं, निष्पक्ष रूप से नाकाबंदी लागू की जाएगी। सेनाएं गैर-ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए नौवहन की स्वतंत्रता में बाधा नहीं डालेंगी।