
कविता:शांति के अग्रदूत
चलो आज शांति के अग्रदूतों की बात करते हैं
महापुरुषों के उपदेशों को याद करते हैं
सत्य, अहिंसा के पुजारी गांधी जी और
विनोबा भावे के विचारों को याद करते हैं
चलो आज शांति की बात करते हैं
चाचा नेहरू के संदेशों को याद करते हैं
पंचशील के सिद्धांतों की बात करते हैं
आसमान में मुक्त कर श्वेत खगों को
विश्व शांति दिवस का आगाज़ करते हैं
चलो आज शांति की बात करते हैं
कर्मठता था जिनका ध्येय
मानववाद था जिन्हें प्रिय
सदाचार के प्रहरी
गौतम बुध को याद करते हैं
चलो आज शांति के अग्रदूतों को याद करते हैं
अपनत्व से ओतप्रोत रहे
साधना मगन और तपस्वी रहे
संयम, त्याग और प्रेम के सागर
महावीर स्वामी को याद करते हैं
चलो आज शांति के उपासकों को याद करते हैं
परहित कारी और परोपकारी
मानव मात्र की सेवा की , जीवन सारी
कभी सिस्टर ,कभी मदर कहलाई
गरीबों की मसीहा मदर टेरेसा को याद करते हैं
चलो आज शांति की बात करते हैं
क्योंकि यूं ही नहीं आता कोई याद हमेशा
कर्म योगी होता नहीं उनसा श्रेष्ठ कोई दूजा
शांति के अग्रदूतों के आगे तो
विश्व होता आया नतमस्तक हमेशा हमेशा
चलो आज शांति की बात हम करते हैं
विश्व शांति दिवस पर आज विश्व स्तर पर
शांति के अग्रदूतों को मिलकर नमन करते हैं
शांति को कर्म वचन से निभाने का प्रण करते हैं
चलो आज एकता,अहिंसा, सौहार्द की बात करते हैं
शांति के अग्रदूतों को याद करते हैं।
हिमाद्री 'समर्थ '
Published on:
21 Sept 2020 02:15 pm
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