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दुल्हन के लुटेरे को पकडऩे के लिए पुलिस को देहरादून में करनी पड़ी थी कड़ी मशक्कत, जानें दुल्हन के साथ कैसे पकड़ा गया आरोपी…

सीकर. डोली से दुल्हन लूटकर ले जाने वाले युवक अंकित व उसके साथी मुकेश को पकडऩे के लिए पुलिस को भी खूब पसीना बहाना पड़ा।

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सीकर. डोली से दुल्हन लूटकर ले जाने वाले युवक अंकित व उसके साथी मुकेश को पकडऩे के लिए पुलिस को भी खूब पसीना बहाना पड़ा। इसके लिए पुलिस को कई किलोमीटर की पैदल दौड़ लगानी पड़ी। पुलिस का वाहन जाम में फंस गया तो दूसरों की बाइक लेकर पीछा करना पड़ा। नजदीक पहुंचने के बाद भी जब संबंधित क्षेत्र की स्थानीय पुलिस ने मामले को हल्के में लेते हुए मदद से मना कर दिया तो खुद आइजी के दखल के बाद युवक को दबोचा जा सका। इसके बाद दुल्हन को भी दस्तयाब कर लिया गया और पुलिस सुरक्षित उसे लेकर सीकर आ गई। घटना के 86 घंटे बाद बरामद हुई दुल्हन व अपहरण करने वाले युवक तथा उसके साथी को दस्तयाब करने की जांच पड़ताल की गई तो यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ। तीनों को बरामद करने के लिए सबसे पहले इन तक पहुंचने वाले अजीतगढ़ थानाधिकारी और एसआइ सवाई सिंह तंवर ने पत्रिका को बताया कि दुल्हन को लूट जाने की घटना के बाद पुलिस की कई टीमों का गठन कर उन्हें अलग-अलग दिशाओं के लिए रवाना कर दिया गया था। पुलिस अधीक्षक डा. अमनदीप सिंह कपूर के निर्देश पर उनको दो कांस्टेबल मुकेश बृजेश के साथ देहरादून गाजियाबाद भिजवाया गया। 16 अप्रेल को घटना के बाद टीम यहां उसके अगले दिन पहुंच गई थी। तीन दिन होटल, धर्मशाला व ढाबों पर भटकने के बाद 20 अप्रेल को एक वकील से सूचना लगी कि दो युवक हाथ में ताजा मेहंदी लगी एक युवती को कहीं ले जा रहे हैं। सूचना पूख्ता होते ही पुलिस टीम अपना वाहन लेकर उनके पीछे लग गई। इधर, रास्ते में एक जगह शोभायात्रा निकलने पर जाम लगा होने से पुलिस उस दिशा में पैदल ही दौड़ पड़ी। युवक व उसका साथी बच निकलने की आशंका पर पुलिस ने राहगिर की बाइक उधार में ली और सवाई सिंह तथा दोनों कांस्टेबल बाइक पर सवार होकर संबंधित लोकेशन तक पहुंचे। वर्दी में नहीं होने के कारण अंकित को पुलिस पर शक नहीं हुआ और इसके बाद उसको विश्वास में लेकर मुकेश को भी पकड़ लिया। जो उसके आस-पास ही छुपा हुआ था। पहले तो अंकित बस में जाने की जिद करने लगा लेकिन, इसके बाद दुल्हन सहित तीनों को लेकर पुलिस रवाना हो गई।

फोटो खींचकर मंगवाई

एसआई सवाई ङ्क्षसह के अनुसार दोनों युवक व दुल्हन की पहचान के लिए संबंधित को तीनों की फोटो पुलिस ने वाट्सएप की। इसके बाद वकील ने कहा कि तीनों यही हैं। मौका पाकर दोनों युवक दुल्हन को यहां से कहीं ओर नहीं भगा ले जाएं, इसके लिए स्थानीय पुलिस से मदद मांगी गई। लेकिन, उन्होंने मामले को गंभीरता से नहीं लिया तो राजस्थान के आइजी ने डीआइजी उतराखंड को फोन कर प्रकरण की हकीकत बताई। उनकी दखल के बाद वहां की पुलिस अधीक्षक ने सहयोग के लिए पुलिस जाब्ता भिजवाया। तीनों को बरामद कर सीकर लाने वाली टीम की पीठ पुलिस के सभी अफसरों ने थपथपाई।

फोन ने आसान किया काम

हालांकि दुल्हन की बरामदगी के लिए सीकर जिले से दिल्ली, मेरठ सहित कई जगहों पर पुलिस की टीम भिजवाई गई थी। लेकिन, अजीतगढ़ थाना पुलिस की टीम इनकी तलाश में जहां भी गई, वहीं अपने मोबाइल नंबर बांटे। ताकि सूचना मिलने पर कार्रवाई संभव हो सके। पुलिस टीम ने बताया कि थाने, मंदिर, कोर्ट, होटल व धर्मशाला से लेकर हर छोटी-मोटी दुकान पर इन्होंने अपने मोबाइल नंबर बांटे। जिसका फायदा टीम को मिला।