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आधी रात एकत्र हुआ पुलिस का भारी जाप्ता, सुबह होते ही 200 जवानों ने गांव में डाली रेड

सीकर पुलिस ( Sikar Police ) ने एक वर्ष बाद फिर नीमकाथाना क्षेत्र के नयाबास गांव ( Raid in Nayabas Village ) में रेड डालने की हिम्मत जुटाई है। नौ थानों के दौ से अधिक जवान ( Heavy Police Force Raid in Nayabas Village of Neemkathana ) रविवार तडक़े नयाबास गांव में घुसे और सूरज उगने के साथ ही गांव में अपराधियों ( Police Search Operation for Criminal ) की तलाश कर वापस आ गए।

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सीकर

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Naveen Parmuwal

Dec 02, 2019

आधी रात इकट्ठा हुआ पुलिस का भारी जाप्ता, सुबह होते ही 200 जवानों ने गांव में डाली रेड

आधी रात इकट्ठा हुआ पुलिस का भारी जाप्ता, सुबह होते ही 200 जवानों ने गांव में डाली रेड

सीकर/नीमकाथाना.

सीकर पुलिस ( Sikar police ) ने एक वर्ष बाद फिर नीमकाथाना क्षेत्र के नयाबास गांव ( raid in nayabas village ) में रेड डालने की हिम्मत जुटाई है। नौ थानों के दौ से अधिक जवान ( Heavy police force Raid in Nayabas Village of Neemkathana ) रविवार तडक़े नयाबास गांव में घुसे और सूरज उगने के साथ ही गांव में अपराधियों ( police search operation for Criminal ) की तलाश कर वापस आ गए। इस कार्रवाई में पुलिस ने पांच हजार रुपए के इनामी बदमाश हिस्ट्रीशीटर सुरेश उर्फ बुचिया समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर उनके पास से 18 पेटी अंग्रेजी शराब और दो वाहन जब्त किए हैं। गिरफ्तार आरोपी सुरेश उर्फ बुचिया, प्रकाश उर्फ गोलू मीणा व राजेश मीणा से पुलिस पूछताछ कर रही है। इनसे चोरी की कई वारदात खुलने की संभावना जताई जा रही है।


बुचिया के घर मिला था आधा किलो सोना, 25 लाख नकद
नयाबास गांव में पुलिस ने इससे पहले गत 31 दिसम्बर की रात को रेड की थी। उस दौरान सीकर जिले के दो सौ जवानों के अलावा जयपुर ग्रामीण के भी पांच थानाधिकारियों की टीम साथ थी। शराब ठेका लूट प्रकरण के कई मामलों में वांछित चल रहे सुरेश उर्फ बुचिया के घर की जांच में उस दौरान पुलिस को आधा किलो सोना, 25 लाख 71 हजार नगद, अवैध शराब व करोड़ों की जमीन खरीद-फरोख्त के कागजात मिले थे। इस कार्रवाई के दौरान बुचिया भाग गया था। इसके बाद पुलिस इस गांव में रेड करने की हिम्मत नहीं जुटा पाई। हालांकि वारदात की योजना बना रहे नयाबास गांव के छह अपराधियों को नीमकाथाना पुलिस ने नीमकाथाना कस्बे से पिछले दिनों ही गिरफ्तार किया था।

रविवार रात को भी किराणा की दुकान में की है चोरी
सीओ रामावतार सोनी ने बताया कि बूचिया ने रविवार रात को भी भादवाड़ी इलाका में एक किराणा की दुकान में चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। आरोपित ने 20 वारदात करना कबूल किया है। पुलिस अभी उसे पूछताछ कर रही है। पुलिस ने गांव में ठेका लूट के अन्य दो अरोपितों को भी गिरफ्तार किया है। जिनसे एक दर्जन से ज्यादा शराब की पेटियां व दो वाहन जप्त किये है।


पुलिस को डर, स्वीकृति चौकी में नहीं रहते जवान
नयाबास में पुलिस के डर की स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वहां पर वर्षों पहले पुलिस की चौकी स्वीकृत कर दी गई थी। चौकी के लिए नफरी भी स्वीकृत कर दी गई, लेकिन वहां आज तक पुलिस के जवान नहीं रहे हैं। अपराधियों को पकडऩा तो दूर पुलिस की गाड़ी इस गांव में गश्त के लिए जाने से भी कतराती है। हालांकि तत्कालीन पुलिस अधीक्षक अखिलेश कुमार ने गांव के लोगों के साथ चौपाल पर चर्चा कर अपराधियों को पुलिस के समक्ष पेश करने का आग्रह किया था। इस पर कुछ अपराधी पेश भी हुए, लेकिन इसके बाद चोरी के आरोपी बलकेश की पुलिस हिरासत में मौत होने के बाद पुलिस ने कदम पीछे खींच लिए।

आधी रात एकत्र हुआ पुलिस का भारी जाप्ता
नयाबास गांव में रेड डालने के लिए सीकर जिले की पुलिस का भारी लवाजमा आधी रात बाद नीमकाथाना कोतवाली पर एकत्र हुआ। कार्रवाई के लिए नीमकाथाना कोतवाली, सदर, पाटन, रानोली, अजीतगढ़ खंडेला, बलारा, नेछवा, रामगढ़ सेठान सहित कई थानाधिकारी, क्यूआरटी व पुलिस लाइन का जाब्ता रात को ही नीमकाथाना पहुंच गया। कार्रवाई की गोपनियता बनाए रखने के लिए दिन उगने के साथ ही पुलिस के लवाजमे ने नयाबास गांव की तरफ रूख किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बुचिया के घर पर पुलिस को कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला।


5 दर्जन मामलों में थी बुचिया की तलाश
हिस्ट्रीशीटर बुचिया की सीकर,जयपुर ग्रामीण सहित कई थानों की पुलिस को करीब पांच दर्जन मामलों में लम्बे समय से तलाश थी। बुचिया गिरोह के साथ वारदात को अंजाम देने के बाद अपने गांव नयाबास में छिप जाता था। वह समोद, मंडावा, पाली, लोसल, चिड़ावा, वीराटनगर, जयपुर ग्रामीण, अलवर, अजमेर सहित अनेक थानों में शराब ठेका लूट में फरार चल रहा था। गांव की स्थिति ऐसी है कि सामान्यत: पुलिस वहां जाने की हिम्मत ही नहीं जुटा पाती। वहां पर रेड के दौरान पुलिस को कई बार हमले का शिकार होना पड़ा है। कई वर्ष पहले अवैध शराब की धरपकड़ के लिए गई आबकारी विभाग की सौ गाडिय़ों के ग्रामीणों ने पथराव कर शीशे तोड़ दिए थे। ऐसे में पुलिस भी इस गांव से दूरी ही बनाकर रखती है। अपराधी के गांव में होने की जानकारी मिलने के बाद भी पुलिस अधिकारी गिरफ्तार करने की हिम्मत नहीं जुटा पाते।