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फतेहपुर के शायर पर डाक टिकट जारी

उच्च शिक्षा की बंदिशें तोडकऱ पांचवी पास शायर नजीर फतेहपुरी लिख चुके हैं 85 किताबेंअमरीकी यूनिवर्सिटी ने मानंद उपाधि से भी नवाजा, साहित्य अकादमी से भी अवार्ड ले चुके हैं नजीर फतेहपुरी

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sikar

फतेहपुर के शायर पर डाक टिकट जारी

फतेहपुर. कामयाबी के लिए शिक्षा नहीं जुनून होना चाहिए। जरूरी नहीं शिक्षित व्यक्ति ही कामयाब बने। फतेहपुर निवासी शायर नजीर फतेहपुरी महज पांचवी पास है लेकिन देश के बड़े शायरों में शुमार हैं। उर्दू भाषा में नजीर फतेहपुरी ने 85 किताबें लिख दी। इतना ही नहीं नजीर की कामयाबी पर भारत सरकार ने हाल ही में पांच रुपए का डाक टिकट जारी किया है। डाक टिकट जारी होने के बाद राजस्थान पत्रिका ने नजीर फतेहपुरी से खास बातचीत कर उनकी कामयाबी के बारे में जाना। 1 दिसंबर 1946 को फतेहपुर में जन्मे नजीर का पूरा नाम नजीर फतेहपुरी इब्राहीम हैं।

नजीर ने ईदगाह स्कूल से पांचवी तक कि शिक्षा ग्रहण की। नजीर के पिता पुणे में काम करते थे। इसके बाद पिता का हाथ बटाने के लिए नजीर ने पढ़ाई छोड़ कर पूना चले गए। वहीं से उन्हें शायरी लिखने व बोलने का शौक लग गया। लगातार अभ्यास के बाद आज नजीर एक मुकाम पर पहुंच गए। नजीर फतेहपुरी ने शेखावाटी में उर्दू के इतिहास से लेकर फतेहपुर तक का इतिहास उर्दू में लिख दिया। 72 वर्षीय नजीर फतेहपुरी ने अब तक उर्दू में 85 किताबें लिख दी। इनमें 20 किताबें उर्दू शेरो शायरी की लिखी। दो किताबें हिंदी में शायरी की लिखी गई है।

इसके अलावा अन्य किताबो में उर्दू साहित्य लिखा। नजीर की चार किताबों को राजस्थान उर्दू अकादमी, चार किताबो को बिहार साहित्य अकादमी ने पुरस्कार देकर नवाजा। उर्दू साहित्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान देने पर अमेरिका की यूनिवर्सिटी नार्थ वेस्ट लंदन यूनिवर्सिटी की ओर से डॉक्टरेट की मानंद उपाधि दी गई। यूनिवर्सिटी के फॉरेन लेंग्वेज डिपार्टमेंट में उर्दू पढ़ाई जाती हैं। उर्दू में नजीर फतेहपुरी की किताबें पढ़ाई जाती हैं।
फतेहपुर के वार्ड 13 निवासी नजीर को साहित्य अकादमी की ओर से नवाजा जा चुका हैं। इसके अलावा राजस्थान व देश कीकई जगह पुरस्कार से नवाजा जा चुका है।
फतेहपुर से लगाव
नजीर फतेहपुरी का फतेहपुर के वार्ड नं 13 में मकान हैं। अभी भी नजीर फतेहपुर आते जाते रहते हैं। वो अभी दो महीने पहले ही फतेहपुर आके गए थे। नजीर के परिवार के लोग फतेहपुर ही रहते हैं।

सरकार ने डाक टिकट जारी कर घर भेजी तो चला पता
नजीर फतेहपुरी ने बताया कि सरकार ने साहित्य कार व फनकारों पर डाक टिकट जारी करने का फैसला किया था। साहित्य में साहित्य अकादमी की ओर से पुरस्कृत करने के उपरांत उन पर डाक टिकट जारी हुआ ह। नजीर ने बताया कि दो दिन पहले ही उन्हें इसके बारे में जानकारी मिली हैं।
नजीर पर हो चुकी है पीएचडी
नजीर फतेहपुरी पर कोटा विश्व विद्यालय व नांदेड विश्व विद्यालय में पीएचडी हो चुकी हैं। इसके अलावा राजस्थान विश्वविद्यालय में एमफिल हो चुकी हैं।