13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

तो दो साल से ज्यादा हो जाएगा ‘मैडम’ का प्रोबेशन पीरियड

सीकर. शिक्षा विभाग में कार्यरत महिला कर्मचारी व महिला शिक्षक अब पहले से ज्यादा समय अपने बच्चों को दे सकें गी। इस दौरान वे बच्चों की अच्छी परवरिश कर सकेंगी तथा उनकी पढ़ाई पर भी ज्यादा ध्यान दे सकेंगी।

2 min read
Google source verification
sikar news

तो दो साल से ज्यादा हो जाएगा ‘मैडम’ का प्रोबेशन पीरियड


सीकर. शिक्षा विभाग में कार्यरत महिला कर्मचारी व महिला शिक्षक अब पहले से ज्यादा समय अपने बच्चों को दे सकें गी। इस दौरान वे बच्चों की अच्छी परवरिश कर सकेंगी तथा उनकी पढ़ाई पर भी ज्यादा ध्यान दे सकेंगी। महिला शिक्षकों व कर्मचारियों को अब बच्चों की देखभाल के लिए ७३५ दिन की छुट्टियां मिलेंगी। इन छुट्टियों का नाम चाइल्ड केयर लीव दिया गया है। हालांकि यह अवकाश प्रोबेशन पीरियड वाली महिलाओं को नहीं मिलेगा। विशेष परिस्थिति में मिलता भी है तो उनका प्रोबेशन पीरियड बढ़ा दिया जाएगा। इसके लिए माध्यमिक शिक्षा के निदेशक नथमल डिडेल ने हाल ही में आदेश भी जारी कर दिए हैं। आदेश में लिखा है कि जब तक महिला के दो बच्चों की उम्र 18 वर्ष तक न हो जाए, उस दौरान छुट्टियां मिलती रहेगी । यह छुट्टियां महिला को लगातार नहीं मिलेगी। जब तक आवश्यकता हो तब तक यह छुट्टियां दी जाएगी। पहले महिलाओं को 180 दिनों की छुट्टियां मिलती थी। यह अवकाश एक कलेण्डर वर्ष में तीन बार से अधिक नहीं लिया जा सकेगा ।


प्रोबेशन पीरियड में यह होगी शर्ता
प्रोबेशन पीरियड यानी परीवीक्षा काल में कार्मिक को चाइल्ड केयर अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाएगा, लेकिन विशेष परिस्थितियों में स्वीकृत किया जाता है तो प्रोबेशन अवधि उतने दिन आगे होगी, जितनी अवधि का चाइल्ड केयर अवकाश स्वीकृत होगा। दिव्यांग संतान के प्रकरण में संबंधित महिला कार्मिक से निर्भरता प्रमाण-पत्र अवकाश स्वीकृति से पूर्व किया जाना आवश्यक होगा।


अलग खाता
यह अवकाश किसी भी अन्य अवकाश के नाम से नहीं किया जाएगा। चाइल्ड केयर अवकाश का खाता पृथक से संलग्न प्रपत्र में संधारित किया जाएगा। इसे सेवा पुस्तिका में चस्पा किया जाएगा।

यह थी परेशानी
किसी घर में पति-पत्नी दोनों शिक्षक हैं, या दोनों सरकारी कर्मचारी हैं एेसे में परिजन अपने बच्चों को ज्यादा समय नहीं सकते थे। हर समय उनके चिंता रहती थी कि उनका बच्चा स्कूल से जब आएगा तब उसे वाहन से कौन उतारेगा। उसकी पढ़ाई कैसे होगी। बच्चों की बोर्ड की परीक्षा के समय पढ़ाई कराने की चिंता भी रहती थी। इसके अलावा गर्भावस्था व शिशु जन्म के समय भी छुट्टियों की ज्यादा जरूरत रहती थी। उनको पहले छुट्टियां कम मिलती थी।


शिक्षा विभाग में महिलाओं को अब चाइल्ड केयर लीव के लिए ७३५ दिन की छुट्टियां मिलेंगी। यह छुट्टियां उनके लिए काफी उपयोगी साबित होगी। इस संबंध में निदेशक ने आदेश जारी कर दिया है।
पवन कुमार शर्मा, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी सीकर