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विरोध…बोले किसी कीमत पर जमीन नहीं जाने देंगे

कहां-दस हजार लोगों की रोजी-रोटी नहीं छीनने देंगे

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सीकर

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Suresh Sharma

Aug 19, 2021

विरोध...बोले किसी कीमत पर जमीन नहीं जाने देंगे

विरोध...बोले किसी कीमत पर जमीन नहीं जाने देंगे

सीकर. बनने के बाद से ही अपने लिए जमीन तलाश रही सीकर की यूआईटी की पहली ही बड़ी योजना विवादों में आ गई है। 358 हैक्टेयर (तीन सौ बीगा) जमीन का अधिग्रहण कर आवासीय कॉलोनी विकसित करने के प्रस्ताव पर चार गांवों के लोग विरोध में खड़े हो गए है।
गांव दुजोद, सांवली, सालमसिंह की ढाणी व चंदपुरा के सैकड़ों लोगों ने बुधवार को रैली निकाल कर प्रदर्शन किया। यूआईटी सचिव और कलक्टर को ज्ञापन देकर प्रस्ताव को निरस्त करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि किसान किसी भी कीमत पर अपनी जमीन नहीं जाने देंगे। जमीन को बचाने के लिए हर संभव कदम उठाने के लिए वह तैयार है।
कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन, रास्ता रोकने का प्रयास
यूआटी कार्यालय से किसान रैली के रूप में कलक्ट्रेट पहुंचे। वहां पर प्रदर्शन कर प्रस्ताव के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान किसान सड़क पर बैठ गए, लेकिन पुलिस ने उन्हें वहां से हटा दिया। इसके बाद पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने इस प्रस्ताव के खिलाफ भूमि अधिग्रहण विरोध किसान संघर्ष समिति भी गठित कर ली है। अब आंदोलन की दिशा यह समिति ही तय करेगी।
यूआईटी के फायदों से नहीं है सरोकार
किसान सुबह यूआईटी कार्यालय पहुंचे। वहां पर सचिव इंद्रजीत सिंह के समक्ष विरोध जताया। इस दौरान सचिव ने उन्हें अधिग्रहण से किसानों को होने वाले फायदे गिनाए तो किसान तैस में आ गए। किसानों का कहना था कि यूआईटी ने दुजोद के 234 खसरों की 248.67, सांवली के 63 खसरों की 102.30,सालम सिंह की ढाणी के 14 खसरों की 4.10 और चंदपुरा के 14 खसरों की 3.28 हैक्टेयर भूमि खरीदने का प्रस्ताव तैयार किया है। इस भूमि से दस हजार लोग रोजगार से जुड़े हुए हैं। यह बहु फसलीय भूमि है। यहां पर किसान रबी व खरीफ की मुख्य फसलों के अलावा सब्जी भी उगाते हैं। सीकर शहर में सप्लाई होने वाले दूध, सब्जियों व अनाज में इस क्षेत्र की प्रमुख भूमिका है। किसान अपने खेतों में पक्के मकान बनाकर रहते हैं। यूआईटी ने किसानों से बिना बातचीत किए ही पशुधन और किसानों को उजाडऩे का यह प्रस्ताव धनाढ्य लोगों को बसाने के लिए तैयार किया है। किसान अपनी फसल और जमीन को बचाने के लिए जान देने से भी पीछे नहीं हटेगा।
ग्राम सभा और पंचायतों में विरोध में प्रस्ताव
यूआईटी की इस योजना के विरोध में क्षेत्र की ग्राम पंचायतें भी उतर आई है। दुजोद ग्राम पंचायत की ग्राम सभा में अधिग्रहण के विरोध में प्रस्ताव लिया गया है। पंचायत के प्रस्ताव की प्रतिलिपि जिला कलक्टर को भेजी गई है। पंचायत की ओर से भेजे गए प्रस्ताव में कहा गया है कि भूमि अधिग्रहण के विरोध में हुई ग्राम सभा में सभी ने भूमि अधिग्रहण के लिए यूआईटी की ओर से लिए गए प्रस्ताव का विरोध किया है। भविष्य में दुजोद में इस प्रकार का कोई भी प्लान नहीं बनाया जाए।