
लक्ष्मणगढ़ की रचना बनी इंग्लैंड में पीजी स्टूडेंट्स एसो. की अध्यक्ष
लक्ष्मणगढ़. क्षेत्र की प्रतिभाएं प्रदेश और देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर क्षेत्र को गौरवान्वित कर रही है। इसी कड़ी में क्षेत्र के बासनी (बैरास) गांव की बेटी रचना ढाका इंग्लैंड में कील पोस्टग्रेजुएट एसोसिएशन की अध्यक्ष निर्वाचित हुई है। कील पोस्टग्रेजुएट एसोसिएशन इंग्लैंड के उन दो स्टूडेंट यूनियन में से एक है जो कि पोस्टग्रेजुएट (स्नातकोत्तर) विद्यार्थियों के लिए बने है और सक्रियता से काम कर रहे है। गौरतलब है कि यहा के विद्यार्थी संघों में यूरोपियन पुरुष विद्यार्थियों का बोलबाला रहता है। रचना पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी मोहिनी ढाका एवं वृक्ष मित्र पूर्व वरिष्ठ शारीरिक शिक्षक सुल्तान सिंह ढाका की पुत्री हैं। इनके भाई विकास ढाका राजस्थान बार एसोसिएशन जोधपुर के उप सचिव एवं विवेक ढाका भारतीय सीमा सुरक्षा बल में असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर कार्यरत हैं।
दूसरी भारतीय अध्यक्ष
रचना इस संगठन की अध्यक्ष बनने वाली मात्र दूसरी भारतीय विद्यार्थी है। इससे पहले 2007-08 में भारतीय छात्रा रूही अध्यक्ष बनी थी। रचना वर्तमान में कील यूनिवर्सिटी से अपराध-शास्त्र एवं आपराधिक-न्याय के विषय में स्नातकोत्तर कर रही है।
रचना को हाल ही में राजस्थान चैरिटेबल ट्रस्ट की ट्रस्टी भी मनोनीत किया गया है। राष्ट्रपति गाइड रही रचना वहां सेक्शन असिस्टेंट लीडर के रूप में वालंटियर सेवा भी दे रही है। हंसमुख व्यक्तित्व की धनी रचना अपने आस-पास के वातावरण को सकारात्मक बनाकर विद्यार्थियों का सहयोग करती हैं। इसी वजह से गतवर्ष उनको सहपाठियों को प्रेरित करने हेतु बॉब बिट्टी खिताब मिला था। इसीलिए रचना को इस चुनाव में विरोधी कैंडिडेट के दुगुने से भी अधिक वोट मिले हैं।
उपाध्यक्ष के रूप में किए कई कार्य किए
यहां उल्लेखनीय होगा कि रचना गतवर्ष इसी स्टूडेंट यूनियन की उपाध्यक्ष का चुनाव जीतने वाली प्रथम भारतीय बनी थी। बतौर उपाध्यक्ष उसने सक्रिय रहते हुए पूरे सत्र में कई सफल कार्यक्रम आयोजित किए थे। रचना की सक्रियता ब्रिटिश मीडिया में भी चर्चा का विषय रही। गतवर्ष के दिवाली के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में बीबीसी-स्टॉक के सदस्य भी शरीक हुए थे तथा आयोजन से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने अपने प्रात: काल के टॉक शॉ में रचना को आमंत्रित कर इस स्टूडेंट यूनियन और यहां आयोजित दिवाली के बारे में चर्चा करने का अवसर दिया। रचना ने वहां दिवाली के साथ-साथ लोहड़ी एवं अफ्रीकन नाईट प्रोग्राम का भी सफल आयोजन किया जिनमें बड़ी संख्या में विद्यार्थी शामिल हुए। इसके अलावा एजुकेशन कमेटी की सदस्य के रूप में रचना ने अपने सहपाठियों की विभिन्न समस्याओं का निराकरण किया, जिससे प्रभावित होकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनको अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों की समिति का सदस्य भी मनोनीत किया।
स्टूडेंट यूनियन की उपाध्यक्ष चुने जाने के बादे से रचना की लगातार सक्रियता तथा कील पोस्टग्रेजुएट एसोसिएशन के अध्यक्ष के रूप में दावेदारी से वहां पढ़ने वाले भारतीय एवं अन्य अंतराष्ट्रीय विद्यार्थियों को भी प्रोत्साहन मिला। इसकी झलक इस बार के चुनाव में मिलती है। इस चुनाव में विद्यार्थी संघ के पांच निर्वाचित सदस्यों में से चार भारतीय हैं और एक सीरियन।
विद्यार्थी-हित के साथ-साथ देश की सांस्कृतिक विरासत बढ़ाना है लक्ष्य
पत्रिका से बातचीत में रचना ने बताया कि बतौर स्टूडेंट यूनियन अध्यक्ष विद्यार्थियों के हित के साथ-साथ भारत की बेटी के रूप में देश की सांस्कृतिक विरासत को विदेशों में बढ़ावा देना उनका लक्ष्य है। गतवर्ष कील विवि में आयोजित डाइवर्सिटी फेस्टिवल में भी रचना ने राजस्थानी लोकनृत्य घूमर की शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों को रोमांचित कर दिया था। कील विश्वविद्यालय रिसर्च एवं अपने विविध पृष्ठभूमि से आने वाले विद्यार्थियों को बराबरी एवं सम्मान के साथ अपनी स्टूडेंट कम्युनिटी में सम्मिलित करने के लिए जाना जाता है।
Published on:
12 Jun 2023 10:38 pm
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