
Organic Farming News: कोरोनाकाल में दोगुना हुआ जैविक खेती का रकबा, राजस्थान दूसरे पायदान पर
आशीष जोशी
Organic Farming News: सीकर. कोरोनाकाल में जैविक खेती Organic Farming में खूब नवाचार हुए। देश-प्रदेश से घर लौटे कामगारों ने अपने गांव में जैविक खेती अपना रोजगार की नई राहें तैयार की। इसी का नतीजा है कि जैविक खेती के क्षेत्रफल में अप्रत्याशित बढ़ोतरी दर्ज हुई है। करीब सवा चार लाख हैक्टेयर क्षेत्रफल में जैविक खेती कर राजस्थान दूसरे पायदान पर आ गया है। Rajasthan came second by doing organic farming पहले स्थान पर मध्यप्रदेश Madhya Pradesh है। वहां बारह लाख हैक्टेयर में जैविक खेती हो रही है। दोनों ही राज्यों में पिछले तीन-चार वर्ष में जैविक खेती का रकबा लगभग दो गुना हुआ है। वहीं देश में जहां वर्ष 2017-18 में कुल 20.34 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में जैविक खेती होती थी। वहीं 2020-21 यह आंकड़ा 38.20 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया।
जैविक उत्पाद निर्यात में 40 फीसदी बढ़ोतरी
देश से निर्यात होने वाले जैविक उत्पादों की मात्रा और मूल्य दोनों में वृद्धि हुई है। राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम National Organic Production Program (एनपीओपी) के तहत वर्ष 2019-20 में 6.38 लाख मीट्रिक टन के मुकाबले 2020-21 में 8.88 लाख मीट्रिक टन भारतीय जैविक उत्पाद निर्यात Indian Organic Products Exportsकिए गए। निर्यात मूल्य 689.10 से बढ़कर 1040.95 मिलियन अमरीकी डॉलर हो गया।
टॉप 5 राज्य : ऐसे बढ़ा जैविक खेती का रकबा
राज्य - 2017-18 - 2018-19 - 2019-20 - 2020-21
मध्यप्रदेश - 640995.46 - 750611.85 - 969456.40 - 1195577.98
राजस्थान - 231571.13 - 346991.47 - 410578.50 - 421686.29
महाराष्ट्र - 260850.55 - 276094.33 - 307656.30 - 396882.62
आंध्रप्रदेश - 55748.65 - 138510.72 - 143203.23 - 242801.36
उत्तराखंड - 54844.66 - 127198.55 - 132587.02 - 215366.40
गुजरात - 83268.94 - 95841.28 - 97207.58 - 149866.41
(एनपीओपी व पीजीएस सहित जैविक खेती का कुल क्षेत्रफल हेक्टेयर में)
अभी लक्ष्य दूर...जैविक किसानों के मामले में हम पांचवें पायदान पर
जैविक खेती का रकबा बढऩे के साथ जैविक किसानों की संख्या भी बढ़ी है, लेकिन अभी हम इसमें लक्ष्य से थोड़े दूर हैं। मध्यप्रदेश Madhya Pradesh में 626358, आंध्रप्रदेश Andra Pradesh 547338, लक्षद्वीप Lakshadweep 489833, उत्तराखंड Uttarakhand 464509 और राजस्थानRajasthan में 446905 जैविक किसान हैं।
इन तीन मामलों से समझें हमारे नवाचार innovation
1. झुंझुनूं : ऑर्गेनिक बाबा बने अभिनव किसान
आठवीं तक पढ़े झुंझुनूं के देलसर खुर्द निवासी धर्मवीर खींचड़ ऑर्गेनिक खेती से हर माह अफसर से ज्यादा रुपए बचा रहे हैं। जिले के लोग ऑर्गेनिक बाबा के नाम से पुकारते हैं। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान ने पूसा कृषि विज्ञान मेले में अभिनव किसान पुरस्कार से सम्मानित किया है।
2. बाड़मेर : धोरों में ऑर्गेनिक सब्जियों से लाई समृद्धि
बाड़मेर के गांधव गांव के किसान संतोष विश्नोई ने कोरोनाकाल में ऑर्गेनिक सब्जियां उगाकर आर्थिक समृद्धि हासिल की। खीरा, टमाटर, मिर्ची, बेंगन व करेला जैसी सब्जियों की जैविक पैदावार से लाखों कमा चुके हैं।
3. सिरोही : खेती ने बनाया करोड़पति
नवदीप गुलेच्छा जैविक खेती के बूते करोड़पति बन गए हैं। अनार के बाद जैविक तरीके से कागदी नींबू के पौधे उगाए हैं। सिरोही में 70 बीघा जमीन में लगाए अनार के साढ़े बारह हजार पौधों से हर साल डेढ़-दो करोड़ की कमाई कर रहे हैं। बूंद-बूंद सिंचाई पद्धति का उपयोग करते हैं। मोस्ट इनोवेटिव फार्मिंग अवॉर्ड मिल चुका है।
एक्सपर्ट व्यू : मेहनत से बना रहे रेकॉर्ड
राजस्थान में जैविक खेती का रकबा लगातार बढ़ता जा रहा है। यहां के किसानों ने नवाचार करते हुए नए केवल उद्यानिकी बल्कि परंपरागत फसलों में भी बेहतर उत्पादन हासिल कर अन्य राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। नवाचारों से यहां के किसान वल्र्ड रेकॉर्ड बुक में नाम दर्ज करवा रहे हैं। रबी और खरीफ दोनों ही फसलों में जैविक तरीके से नवाचार कर खेती में समृद्धि के नए द्वार खोल रहे हैं।
सुंडाराम वर्मा, पद्मश्री से सम्मानित किसान, सीकर
Updated on:
06 Apr 2022 10:06 am
Published on:
06 Apr 2022 10:04 am
बड़ी खबरें
View Allसीकर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
