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राजस्थान में यहां कागजों में दौड़ रहा एक्शन प्लान, जिम्मेदार लापरवाह, पढ़ें पूरी खबर

Rajasthan: सीकर शहरवासियों को जाम से राहत दिलाने का सरकारी एक्शन प्लान कागजों में उलझा हुआ है। बजट में घोषणा के बाद भी नवलगढ़ पुलिया फोरलेन का काम शुरू नहीं हो सका है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी पिछले दिनों सीकर के अटके प्रोजेक्टों को लेकर गंभीरता दिखा चुके हैं। लेकिन जिम्मेदार एजेंसी काम को शुरू नहीं करवा रही है।

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विनोद सिंह चौहान
Rajasthan: सीकर शहरवासियों को जाम से राहत दिलाने का सरकारी एक्शन प्लान कागजों में उलझा हुआ है। बजट में घोषणा के बाद भी नवलगढ़ पुलिया फोरलेन का काम शुरू नहीं हो सका है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी पिछले दिनों सीकर के अटके प्रोजेक्टों को लेकर गंभीरता दिखा चुके हैं। लेकिन जिम्मेदार एजेंसी काम को शुरू नहीं करवा रही है। नवलगढ़ पुलिया का काम शुरू हो तो 30 हजार से अधिक परिवारों को बड़ी राहत मिल सकती है। दूसरी तरफ शहर में यातायात का दवाब कम करने के लिए बने बाइपास के फाटक आमजन का दर्द बढ़ा रहे हैं।

नहीं रेंग रही कान में जूं तक
सीकर-झुंझुनूं बाईपास पर दासा की ढाणी रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज नहीं बनने की वजह से यहां दिनभर जाम के हालात रहते हैं। जनप्रतिनिधियों की ओर से तीन बार घोषणा हो चुकी है। लेकिन अभी तक धरातल पर कोई राहत के प्रयास नजर नहीं आ रहे। दिन में कई बार फाटक बंद रहने से पांच हजार से अधिक वाहन चालकों को रोजाना काफी परेशानी उठानी रही है। जिले की प्रभारी मंत्री शकुन्तला रावत भी पिछले दिनों समीक्षा बैठक में इस मुद्दे को गंभीर मान चुकी है। इस मामले में रेलवे प्रशासन भी सहमति दे चुका है। इसके अलावा जिला परिषद व नगर परिषद की बैठक में कई बार इन मुद्दों को लेकर हंगामा हो चुका है। इतना सब कुछ होने के बाद भी जिम्मेदारों के कान में जूं तक नहीं रेंग रही।

ऐसे समझें जनता का मर्ज

1. शहर में जाम और बाईपास पर फाटक बंद
नवलगढ़ रोड व पिपराली इलाके में बढ़ते यातायात दवाब की वजह से नवलगढ़ पुलिया पर भी दिनभर जाम के हालात बने रहते है। एेसे में शहर से जयपुर रोड की तरफ जाने में जाम की चुनौती से सामना करना पड़ता है। वहीं बाईपास से जाने पर फाटक बंद की समस्या रहती है। यदि दासा की ढाणी पर ओवरब्रिज का निर्माण होता है तो शहरवासियों को काफी राहत मिल सकती है।

2. अंडरपास में जलभराव कैसे मिले राहत
राधाकिशनपुरा अंडरपास में जलभराव होने पर अभी लोग फाटक बंद की समस्या की वजह से शहर में होकर ही गुजरते है। यदि दासा की ढाणी फाटकर पर ओवरब्रिज का निर्माण होता है तो शहर में यातायात का दवाब कम हो सकता है। इस संबंध में लोगों की ओर से कई साल से मांग की जा रही है।

3. सभा और परीक्षाओं के दौरान चुनौती
चुनावी सभा, धार्मिक आयोजन और परीक्षाएं होने के दौरान शहर में जाम की समस्या बढ़ जाती है। हाल ही नीट परीक्षा के दौरान फाटक पर काफी लंब जाम लग गया था। इससे कई परीक्षार्थियों को सेंटर में पहुंचने में देरी भी हुई। प्रशासन नीट परीक्षा से सबक लेते हुए रीट में यहां 40 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए। ऐसे में अब सभा और परीक्षाओं के दौरान सड़कों से गुजरना किसी चुनौती से कम नहीं है।

दासा की ढाणी फाटक: अभी तक वित्तिय स्वीकृति नहीं
दासा की ढाणी रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज के लिए प्रोजेक्ट दो बार बन चुका है। लेकिन अभी तक वित्तिय स्वीकृति कहीं से नहीं मिली है। इस वजह से जनता की आस पूरी नहीं हो पा रही है। प्रशासन के अलावा यातायात पुलिस भी यहां से गुजरने वाले वाहनों की संख्या के आधार पर ओवरब्रिज प्रोजेक्ट को जरूरी मान चुके है। कहीं ऐसा ना हो की जनता को सड़कों पर उतर ही अपनी मांगों को पूरा करवाने के लिए मजबूर होना पड़े।