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राजस्थान चुनाव 2018 : बूथ सम्मेलन व यात्रा से बढ़े सीटों पर दावेदार

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Rajasthan assembly election 2018 Ground report of Fatehpur sikar

फतेहपुर(सीकर). राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 से पहले कांग्रेस के मेरा बूथ मेरा गौरव व भाजपा की गौरव यात्रा के बाद जिले की सभी विधानसभा क्षेत्रों में दावेदारों की संख्या बढ़ गई है। गांव-ढाणियों की चौपाल पर अब चुनावी चर्चा ज्यादा है। खास बात यह है कि चुनावी समीकरण टिकट वितरण पर टिके हुए हैं।

प्रमुख पार्टियों के दावेदारों की संख्या को देखते हुए मतदाता पूर्णतया खामोश बैठे है। दोनों पार्टियों के प्रत्याशी तय होने के बाद भी स्थिति साफ हो सकेगी। पूरे क्षेत्र में टिकटों का वितरण होने के बाद ही समीकरण तय होंगे। भाजपा व कांग्रेस सहित माकपा में भी दावेदारों की होड़ मची हुई है। दोनों प्रमुख पार्टियों में आधा दर्जन से भी ज्यादा व्यक्ति टिकटों की मांग कर रहे है। कांग्रेस के मेरा बूथ गौरव व भाजपा की गौरव यात्रा के दौरान दावेदारों ने जमकर शक्ति प्रदर्शन भी किया। चुनावी रण में आज जानते है फतेहपुर सीट का गणित।

कांग्रेस का गढ़, लेकिन महज पांच बार जीती कांग्रेस

फतेहपुर विधानसभा सीट को कांग्रेस की परम्परागत सीट माना जाता है, लेकिन खास बात यह है कि आजादी के बाद से लेकर अब तक कांग्रेस फतेहपुर में महज पांच बार ही जीत दर्ज कर पाई है। ऐसे में आगामी चुनाव में कांग्रेस की चुनौती कम नहीं है।

छह बार जीते जाट उम्मीदवार

फतेहपुर विधानसभा सीट पर अब तक छह बार जाट जाति के उम्मीदवार विधायक बने है। खास बात यह है कि जितनी बार भी जाट बने है वो या तो निर्दलीय या फिर गैर भाजपा व कांग्रेस की टिकट पर चुनाव जीता है। विगत कई चुनावों में कांग्रेस ने तो मुस्लिम को टिकट दी। भाजपा से दो बार जाट को टिकट मिली लेकिन चुनाव नहीं जीत सके। भाजपा ने यहां ब्राह्मण को ही दावेदार बनाया है।

गुटबाजी हावी

फतेहपुर विधानसभा सीट पर दोनों ही पार्टियों में गुटबाजी काफी हावी है। दावेदारों की अधिकता के कारण दोनों पार्टियों में कार्यकर्ता भी परेशान हो रहे है। कांग्रेस में गुटबाजी ज्यादा देखने को मिल रही है। निर्दलीय विधायक नंद किशोर महरिया के कांग्रेस में शामिल होने से क्षेत्र के समीकरण भी बदले है। सभी नेताओं के टिकट मिलने के अपने अपने दावे व वादे है। भाजपा व कांग्रेस में गुटबाजी रूकने का नाम नहीं ले रही है। कांग्रेस का मेरा गौरव मेरा बूथ कार्यक्रम दो जगह पर आयोजित हुआ था।

भाजपा का एक बार ही खुला खाता

फतेहपुर में भाजपा की स्थिति बेहद कमजोर है। भाजपा भी सिर्फ एक बार खाता खोल पाई है। 1993 के बाद फतेहपुर से अभी तक भाजपा कोई खास प्रदर्शन नहीं कर पाई।

यह है जातिगत समीकरण

फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र में हिन्दू व मुस्लिम वोटों का अनुपात 75:25 है। जातिगत समीकरण में जाट, एससी-एसटी, बाह्मण व राजपूत जाति के मतदाता है। मुस्लिम समाज के कायमखानी जाति के सर्वाधिक वोट है।

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