
फतेहपुर. एक तरफ पूरा देश डिजीटल हो रहा है, वहीं सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा अभी भी दानदाताओं के भरोसे है। जो स्कूल 25 फीसदी राशि जमा करवा रही है वहां तो कंप्यूटर लैब तैयार हो गई व जहां 25 फीसदी राशि नहीं है वहां के विद्यार्थियों के लिए कंप्यूटर शिक्षा अभी भी सपना बना हुआ है। सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा आज भी दानदाताओं के भरोसे है, जिन स्कूलों को दानदाता मिले वहां तो कंप्यूटर की शिक्षा दी जा रही है व जहां दानदाता नहीं मिले वहां आज भी मात्र कंप्यूटर रूम बना हुआ है। दानदाताओं के अभाव में जिले की 181 स्कूलों में आईसीटी लैब तैयार नहीं हुई। मुख्यमंत्री वंसुधरा राजे ने 2018-19 की बजट घोषणा में प्रदेश की समस्त माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों में आईसीटी कंप्यूटर लैब बनाने की घोषणा की थी।
कंप्यूटर शिक्षा के लिए 75 फीसदी राशि सरकार व 25 फीसदी राशि जनसहभागिता से जमा करवानी है। जनसहभागिता के आधार पर क्रियावित इस योजना में 2 लाख 27 हजार 750 रूपये सरकार के द्वारा तब जिए जाते है जब स्कूल की ओर से 75 हजार की राशि जमा करवाई जाएं। जिन स्कूलों को दानदाता नहीं मिले है वहां पर आज भी कंप्यूटर लैब नहीं बन सकी है। ऐसे में वहां के विद्यार्थियों को कंप्यूटर शिक्षा से वंचित रखा जा रहा है।
जिला कलक्टर को लिखा पत्र
स्कूल शिक्षा के शासन सचिव नरेश कुमार गंगवाल ने जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर स्कूलों में कंप्यूटर लैब के लिए सहयोग करवाने का आग्रह किया। आईसीटी लैब में एमपी व एमएलए लैड, डीएमएफटी, बीएडीपी, सीएसआर, मगरा, डांग विकास योजना, भामाशाह, जनसहयोग आदि से प्राप्त कर जमा करवा सकते है। जिला कलेक्टरर्स को पैसे आवंटित करवाने के लिए निर्देश जारी
किए है।
जिले में यह है स्थिति
सीकर जिले में माध्यमिक शिक्षा के तहत 554 स्कूल संचालित है। इनमें से 311 स्कूलों में कंप्यूटर लैब संचालित है। 62 विद्यालयों में कंप्यूटर लैब स्थापित किया जाना प्रकियाधीन है। जिले की 181 स्कूलों में कंप्यूटर कक्ष तो बने हुए है लेकिन वहां पर लैब स्थापित नहीं है।
Published on:
05 May 2018 04:27 pm
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