17 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजस्थान का जवान भारत- चीन बॉर्डर पर कुर्बान, दो दिन बाद शादी में आने वाला था घर

राजस्थान के सीकर जिले के थोई इलाके के कल्याणपुरा ग्राम पंचायत का वीर जवान देश सेवा करते हुए कुर्बान हो गया।

2 min read
Google source verification

सीकर

image

Sachin Mathur

Apr 08, 2022

राजस्थान का जवान भारत- चीन बॉर्डर पर कुर्बान, दो दिन बाद शादी में आने वाला था घर

राजस्थान का जवान भारत- चीन बॉर्डर पर कुर्बान, दो दिन बाद शादी में आने वाला था घर

Sikar soldier Prabhu Singh was martyred in Sikkim. सीकर/थोई. राजस्थान के सीकर जिले के थोई इलाके के कल्याणपुरा ग्राम पंचायत का वीर जवान देश सेवा करते हुए कुर्बान हो गया। सुबेदार मेजर प्रभु सिंह सिक्किम में भारत- चीन बॉर्डर पर तैनान था। जो एक ऊंचाई पर स्थित चौकी पर तैनात था। नीमकाथाना जिला सैनिक कल्याण अधिकारी अजय सिंह के मुताबिक छह अप्रेल को जवान के सीने में अचानक दर्द उठा। जिसे अस्पताल भर्ती करवाने पर उपचार के दौरान मौत हो गई। जवान की पार्थिव देह शनिवार सुबह अजीतगढ़ थाने लाई जाएगी। जहां से पैतृक गांव ले जाकर सैनिक सम्मान से अंत्येष्टि की जाएगी। जवान के परिवार में दो दिन बाद ही शादी तय थी। जिसमें वह आने की कहकर गया था। लेकिन, किस्मत के खेल ने खुशियों के घर को मातम में बदल दिया।

शादी में आने का किया था वादा
शहीद प्रभु सिंह के परिजनों ने बताया कि सुबेदार दिसंबर 2021 में ही गांव आए थे। दो दिन पहले ही प्रभु सिंह जाट ने अपनी पत्नी सुमन से बात की थी। परिवार में 10 अप्रैल को शादी है। ऐसे में प्रभु सिंह ने कहा कि वह कैसे भी करके शादी में शामिल होने आएंगे। लेकिन, किस्मत का खेल ऐसा पलटा कि शादी से पहले जवान की पार्थिव देह घर आएगी।

शहीद के एक बेटा और बेटी
शहीद प्रभु सिंह के एक बेटा और बेटी है। बेटी की उम्र करीब 21 वर्ष है। जिसने अपनी बीए की पढ़ाई पूरी कर ली है। वहीं बेटा नेट की तैयारी कर रहा है। जवान की शहादत की खबर के बाद पूरे गांव में गम का माहौल है। बड़ी संख्या में ग्रामीण जवान प्रभु सिंह जाट के घर पर पहुंच रहे हैं।

पूरे गांव में शौक का माहौल, बाजार में पसरा सन्नाटा
जवान की मौत पर शुक्रवार को पूरे गांव में गम का माहौल है। आसपास के बाजार बंद है। ऐसे में हर जगह सन्नाटा सा पसरा है। लोग जवान के घर जाकर परिजनों को सांत्वना देने में जुटे हैं।