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Rajasthan New District: नीमकाथाना जिला बहाली के लिए चक्काजाम और उग्र प्रदर्शन, ट्रेन रोकने की चेतावनी

Neem Ka Thana District Bachao Andolan: नीमकाथाना जिला बहाली की मांग को लेकर युवा शक्ति ने सड़कों पर जोरदार प्रदर्शन किया। साथ ही ट्रेन रोकने की चेतावनी दी।

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सीकर

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Anil Prajapat

Jan 31, 2025

Neem Ka Thana District Bachao Andolan

Neem Ka Thana District Bachao Andolan: सीकर। नीमकाथाना जिला बहाली की मांग को लेकर युवा शक्ति ने सड़कों पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कई प्रमुख मार्गों को चक्काजाम कर दिया, जिसके कारण दिनभर क्षेत्र में भारी परेशानियां उत्पन्न हुईं। ’नीमकाथाना के सम्मान में हर युवा मैदान में’ के बैनर तले चल रहे आंदोलनकारियों की शाम तक प्रशासन से बात नहीं बनने के बाद आंदोलन को अनिश्चितकाल के लिए जारी रखने का ऐलान किया गया। प्रदर्शनकारी कोटपुतली-कुचामन स्टेट हाईवे पर टैंट लगाकर बैठ गए।

सुबह होते ही चक्काजाम शुरू हो गया और देखते ही देखते चारों तरफ प्रदर्शनकारी सड़क पर उतर आए। सुबह से लेकर शाम तक स्थानीय लोग और व्यापारी आंदोलन में शामिल हुए, जिससे नीमकाथाना का बाजार पूरी तरह बंद रहा। गलियों में भी कोई आवाजाही नहीं हुई। इस बंद के कारण खनन उद्योग और स्कूलों में भी अवकाश घोषित कर दिया गया।

पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा भी धरना स्थल पर पहुंचे और आंदोलनकारियों को समर्थन दिया। उन्होंने सरकार से जल्द से जल्द समस्या के समाधान की मांग की। उन्होने कहा कि अगर नीमकाथाना जिला बहाल नहीं किया गया तो अब लोग रेलवे ट्रैक पर बैठने को मजबूर होंगे। इधर, वकीलों ने भी अपनी ओर से समर्थन जताते हुए कोर्ट के सामने सड़क पर हवन किया, जिससे इस आंदोलन का राजनीतिक और सामाजिक असर भी बढ़ गया।

एंबुलेंस को छोड़ किसी को नहीं दिया रास्ता

चक्काजाम के कारण न केवल लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा, बल्कि एंबुलेंस को छोड़कर किसी भी अन्य वाहन को रास्ता नहीं दिया गया। कुचामन-कोटपूतली स्टेट हाईवे पर लगाए गए चक्काजाम से यातायात ठप हो गया। इसके अलावा उपखंड क्षेत्र में भूदोली बाईपास, मांवडा, जीर की चौकी और कोर्ट के बाहर भी चक्काजाम किया गया।

बसों के रूट में करना पड़ा बदलाव

चक्काजाम आंदोलन ने स्थानीय परिवहन व्यवस्था को भी प्रभावित किया। रोडवेज बसों के रूट में बदलाव किया गया, जिससे यात्रियों को दिक्कतें आईं। खनन कारोबार और बाजार बंद रहने के कारण करोड़ों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ। प्रशासन और पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रयास किए लेकिन आंदोलनकारियों की संख्या और उनकी प्रतिबद्धता को देखते हुए किसी भी प्रकार का संवाद कायम नहीं हो सका।

चक्काजाम ने नीमकाथाना क्षेत्र में जनजीवन को पूरी तरह से प्रभावित किया है और यह स्पष्ट संकेत दिया है कि जिले की बहाली की मांग को लेकर स्थानीय लोगों में गहरी नाराजगी है। सरकार को अब इस मामले पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि सामान्य स्थिति बहाल हो।


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