
Real life story of Ramleela in Thoi Sikar Rajasthan
शिम्भु दयाल शर्मा
थोई. राजस्थान के सीकर जिले के थोई कस्बे में रामलीला का मंचन आधी सदी से ज्यादा समय से बरकरार है। सरकारी कर्मचारी हो या व्यवसायी हर कोई रामलीला के मंच पर अभिनय कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर रहा है। थोई कस्बे की रामलीला का मंचन श्रीरामलीला परिषद के तत्वाधान में 1960 से किया जा रहा है। नाथूलाल पुरोहित व गिनोड़ मल जोशी ने दशहरे के अवसर पर रामलीला में अभिनय करने का विचार आया।
दोनों ने ये विचार ग्रामवासियों के समक्ष प्रस्तुत किया। सर्वप्रथम राम का अभिनय जीवण राम शर्मा ने किया। शर्मा वर्तमान में बतौर संरक्षक के रामलीला परिषद में हैं। नर्तकों एवं वाद्य यंत्रों के कलाकारों को इस मौके पर विशेष रूप से अन्य स्थानों से पारिश्रमिक देकर बुलाया जाता है, लेकिन खास बात यह है कि स्थानीय कलाकार निशुल्क सेवाएं दे रहे हैं। वर्तमान में मोहित बंसल राम का अभिनय कर रहे हैं प्रथम बार में ही एक अच्छे कलाकार की भूमिका निभाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर रहे हैं। वर्तमान में मोहित निजी विद्यालय में अध्यापन कर रहे हैं।
हिमांशु सैन भी पिछले छ: सालों से लक्ष्मण का अभिनय कर रहे हैं। इनके पिता शंकर लाल सैन ने भी वर्षों तक लक्ष्मण का अभिनय किया है। इन्हीं से प्रेरणा लेकर परिषद में सेवा दे रहे हैं। हिमांशु वर्तमान में एम कॉम प्रवेश में अध्ययन कर रहे हैं। माता सीता का अभिनय शुभम शर्मा चार वर्षों से कर रहे हैं। 11 वीं कक्षा में अध्ययन कर रहे शुभम् जब सीता के किरदार की भूमिका निभाते हैं तो सबका दिल जीत लेते हैं।
19 वर्षों से लगातार परशुराम का अभिनय कर रहे कैलाश शर्मा इससे पूर्व 17 साल तक राम का अभिनय भी कर चुके हैं। इतना ही नहीं राम के पार्ट से पूर्व 3 वर्षों तक लक्ष्मण के पार्ट की भी अच्छी भूमिका निभाई है। वर्तमान में वशिष्ठ, सुतीक्षण सहित कई अभिनय कर रहे हैं। राजकीय सेवा में अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं।
बाप-बेटे रावण
9 वर्षों से रावण का अभिनय कर रहे कैलाश सोनी राजकीय सेवा में अध्यापक हैं। पिता स्व. विश्वम्भर दयाल सोनी ने करीब तीन दशक तक रावण का अभिनय किया।
टेलर हैं निर्देशक
रामलीला परिषद के डाइरेक्टर शंकर लाल टेलर सिलाई करते हैं। रात को देर रात तक परिषद के कार्यों की योजनाएं बनाकर अपने निर्देशन में वर्षों से रामलीला का मंचन करवा रहे हैं।
सैलून चलाते हैं हनुमान
हनुमान जी का अभिनय कर रहे शंकर लाल सैन जब मंच पर आते हैं तो दर्शक भाव विभोर होकर हनुमान जी के जयकारे लगाने से नहीं चूकते हैं। दिन भर सैलून चलाने वाले शंकरलाल कलाकारों में अपनी अहम् भूमिका रखते हैं। दशरथ का अभिनय दिनेश दीक्षित पिछले 13 वर्षों से कर रहे हैं। इससे पूर्व राम, हनुमान, अंगद, मेघनाथ, बाणासुर सहित अनेक पात्रों का अभिनय कर चुके हैं। दीक्षित विद्युत प्रसारण निगम में सहायक प्रथम के पद पर कार्यरत हैं।
बाणासुर 12वीं में
पिछले तीन वर्षों से बाणासुर का अभिनय कर रहे जयेश दीक्षित बारहवीं कक्षा में अध्ययन कर रहे हैं। वर्तमान में बाणासुर, मेघनाथ, कामदेव सहित अनेक किरदारों की भूमिका शानदार तरीके से निभा रहे हैं।
हर किरदार में फिट हैं विनोद
पिछले 15 साल से विश्वामित्र का पार्ट कर रहे विनोद धोलान परिषद में 11 साल तक लगातार स्टोर कीपर और बाद में मंत्री पद पर रहे। निजी विद्यालय में शिक्षण का कार्य कर रहे धोलान जरूरत पडऩे पर किसी भी कलाकर का अभिनय बड़ी रूचि के साथ करते हैं। वर्तमान में परिषद के अध्यक्ष कैलाश चन्द्र गुप्ता हैं जो एक व्यवसायी हैं। समाज में धार्मिक कार्यक्रमों सहित राजनीति में भी अपनी अच्छी पकड़ रखते हैं। मंत्री एस.डी. शर्मा व कोषाध्यक्ष अशोक कुमार पंच परिषद का कार्य देख रहे हैं।
Published on:
14 Oct 2018 06:06 pm
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