
आलम...बाहर मवेशी, अंदर अव्यवस्था
सीकर.
उपचार की आस में कल्याण अस्पताल में आने वाले मरीजों को रोजाना अव्यवस्थाओं से रूबरू होना पड़ रहा है। इसकी बानगी है कि शेखावाटी के सबसे बड़े अस्पताल परिसर में आवारा श्वान और गोवंश घूमते रहते हैं। इसके कारण हर समय मरीजों के परिजनों को अनहोनी होने का भय सताता है। वजह नियमित रूप से मवेशियों की रोकथाम नहीं हो पाना है। कर्मचारियों का ध्यान हटते ही यह अस्पताल परिसर से भवन के अंदर पार्क तक में प्रवेश कर जाते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है। कमोबेश यही स्थिति जिले में चलने वाले कई सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की है। गौरतलब है पहले भी यहां श्वान नमूने के लिए खून की शीशियों को चाटते हुए मिले थे। प्रशासन ने कमेटी बनवा कर रिपोर्ट तो ले ली लेकिन दोषी पर कोई कार्रवाई तक नहीं की गई।
यह है स्थिति
अस्पताल में प्रशासन ने दो कचरा पात्र भी रखवा रखे हैं। इनमें वार्डों का मेडिकल वेस्ट डाला जाता है। जहां अक्सर श्वान मुंह मारते नजर आते हैं। मवेशी व श्वान यहां से कचरे को इधर-उधर फैला देते हैं। मौका मिलते ही कई बार श्वान अस्पताल परिसर के अंदर बने पार्क तक चले जाते हैं जहां मरीजों के परिजन बैठे रहते हैं। परिसर के अंदर बने पार्क में भी श्वान घूमते रहते हैं। कचरे में कई प्रकार का औषधीय कचरा होता है, जो हवा व पैरों के जरिए अस्पताल के अंदर पहुंच कर संक्रमण का खतरा बढ़ाता है।
Published on:
22 Jan 2020 07:07 pm
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