
राहत: सरकारी अस्पतालों में दवा वितरण केन्द्रों की नियमित होगी मॉनिटरिंग
प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में मुख्यमंत्री निशुल्क दवा केन्द्रों की नियमित रूप से मॉनिटरिंग की जाएगी। सभी अस्पतालों के फार्मासिस्ट को अस्पताल प्रबंधन को दवा केन्द्रों पर उपलब्ध व खपत होने वाली दवाओं की सूचना देनी होगी। इससे आउटडोर व इंडोर में मौजूद चिकित्सकों को मरीजों को दवा के अन्य विकल्प लिखने में मदद मिलेगी। जिससे मरीजों को निशुल्क दवाएं नहीं मिलने पर निजी दुकानों पर नहीं भटकना पड़ेगा। इसके लिए राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन (आरएमएससीएल) ने प्रदेश के सभी सीएमएचओ और अस्पतालों के चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
स्थानीय खरीद बढ़ेगी
आरएमएससीएल के अनुसार निशुल्क दवा योजना का मॉडल कई राज्यों ने अपनाया था लेकिन इसके बावजूद कई चिकित्सा संस्थानों में निशुल्क दवा की उपलब्धता और उपकरण व मशीनों के रखरखाव को लेकर प्रबंधन की ओर से गंभीरता नहीं बरती जाती है। जिससे अक्सर कई विशेष प्रकार की दवाएं कम हो जाती है। यही कारण है कि मरीजों अस्पतालों बढ़ तो रहे हैं लेकिन मरीजों को निशुल्क दवाओं का लाभ नहीं मिल रहा है।
Published on:
24 Feb 2024 11:55 am
