
सरियों में फंसी एसयूवी व इनसेट में मृतक कैलाश। फोटो: पत्रिका
सीकर। हिमाचल प्रदेश में अटल टनल के नॉर्थ पोर्टल के पास एक अनियंत्रित एसयूवी रोड के किनारे लगे बेरिकेडिंग तोड़ कर निर्माणाधीन पुल के सरियों में फंस गई थी। धोद कस्बे के मांडोता निवासी कैलाश की तीन दिन पहले मंगलवार रात 10 बजे मौत हो गई थी। वहीं उनके तीन साथी घायल हो गए थे। कैलाश पर दो परिवारों को चालने का भार था। उनके बड़े भाई दृष्टिहीन हैं, वहीं उनके स्वयं के दो बेटियां व एक बेटा है।
ऐसे में खेती-बाड़ी व अन्य छोटे-मोटे कृषि से संबंधित कार्य कर वे अपने व अपने बड़े भाई के परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। उनके परिवार के सदस्यों के पहुंचने पर पोस्टमार्टम कर गुरुवार को शव रवाना किया गया। सीकर जिले के मांडोता गांव में शोक की लहर है और हर कोई कैलाश के सरल व सहज व्यवहार के बारे में बातें कर रहा है। शुक्रवार सुबह मांडोता गांव में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार मृतक कैलाश (34) पुत्र गोविंद राम निवासी मांडोता, धोद 27 जून को गांव से दोस्तों के साथ घूमने के लिए निकले थे। उनके गांव के मित्र राजेंद्र ढाका व राजेंद्र के छोटे भाई नरेंद्र ढाका मनाली में दो होटल चलाते हैं। ऐसे में उनके मित्र राजेंद्र के पास उनके होटल में ठहरे थे।
कैलाश के साथ उनके होटल संचालक उनके मित्र राजेंद्र, सिद्धार्थ सिंह शेखावत निवासी खाटूश्याम, सीकर और आदित्य पुत्र मंगल सिंह निवासी पलिया कलां, जिला लखीमपुर खीरी यूपी के साथ वे एसयूवी कार से मनाली से लाहौल की ओर घूमने के लिए जा रहे थे। अटल टनल से निकलते तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर चंद्रा नदी पर बन रहे पुल के सीमेंट के बड़े पीलर में लगे सरियों में जा फंसी। जिस लग्जरी कार से दुर्घटना हुई, वह उनके साथ घूमने गए मित्र की है।
मृतक कैलाश गांव मांडोता में खेती-बाड़ी करते हैं। उनके दो बेटियां व एक बेटा है। पिता गोविंदराम का पहले ही देहांत हो चुका है। एक बड़ा भाई व एक छोटा भाई एयरफोर्स में है, जिनका परिवार सीकर रहता है। उनकी माता व बड़े भाई का परिवार भी उन्हीं के सहारे है। दोनों भाईयों की जमीन को कैलाश की बोता था।
Updated on:
03 Jul 2026 09:21 am
Published on:
03 Jul 2026 09:08 am
