
राजस्थान के तृतीय श्रेणी शिक्षकों को तबादले का इंतजार। फोटो: एआई
सीकर। लंबे समय से तबादलों का इंतजार कर रहे ग्रेड थर्ड शिक्षकों की किस्मत किसी चाबी खोए ताले में बंद लग रही है। तबादलों की गली के रूप में निकली पीएमश्री स्कूलों की पहले चरण की भर्ती में उन्हें सीकर जिले में भी मनचाही जगह नहीं मिल सकी। आलम ये रहा कि नियुक्ति के लिए जिन 16 शिक्षकों ने आवेदन किया, उनमें से 15 के आवेदन ही रद्द हो गए। इससे महज एक शिक्षक को ही पीएमश्री स्कूल के बहाने घर के नजदीक आने का अवसर मिल सका।
राजस्थान में ग्रेड थर्ड शिक्षकों के 2018 के बाद तबादले नहीं हुए हैं। पीएमश्री स्कूलों में भी प्रधानाचार्य से लेकर ग्रेड सैकंड तक के स्टाफ को तो दूसरे जिले में चयन का अवसर दे दिया, लेकिन ग्रेड थर्ड शिक्षकों के लिए यहां भी जिले की स्कूल में ही आवेदन का विकल्प दिया गया। इस पर भी जिन शिक्षकों ने घर के नजदीक आने के लिए आवेदन किया तो उनके भी आवेदन रद्द हो गए। ऐसे में पीएमश्री स्कूलों के रूप में निकली तबादलों की ये गली भी उनके लिए तंग निकली।
सूत्रों की मानें तो जिले में ग्रेड थर्ड शिक्षकों की पीएमश्री स्कूलों में नियुक्ति में शैक्षिक योग्यता के अलावा कोरोना काल की कक्षा क्रमोन्नति सबसे बड़ी बाधा रही। दरअसल, पीएमश्री स्कूलों की नियुक्ति के लिए आवेदक के कक्षा 10, 12, स्नातक व स्नातकोत्तर सहित पात्रता परीक्षाओं में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक, 3 से 5 वर्ष के अनुभव और पांच साल के बोर्ड परीक्षा परिणाम की पात्रता तय की गई थी। इससे बहुत से शिक्षक तो पात्रता पूरी नहीं करने पर आवेदन ही नहीं कर पाए। वहीं, जिन्होंने आवेदन किया उनमें से ज्यादातर के सामने कोरोना काल की दो वर्षों की विद्यार्थियों की बिना परीक्षा हुई क्रमोन्नति बाधा बन गई। क्योंकि इस काल का बोर्ड परिणाम उनकी पात्रता में शामिल नहीं माना गया। लिहाजा उनके आवेदन रद्द हो गए।
पीएमश्री स्कूलों में अब दूसरे चरण की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इसमें भी प्राचार्य, उप प्राचार्य, प्राध्यापक, वरिष्ठ अध्यापक, अध्यापक अध्यापक लेवल-1 और 2, पुस्तकालयाध्यक्ष ग्रेड सैकंड व थर्ड, वरिष्ठ कंप्यूटर अनुदेशक व बेसिक कंप्यूटर अनुदेशक, वरिष्ठ प्रयोगशाला सहायक और प्रयोगशाला सहायक सहित 14 श्रेणियों में 27 जून तक आवेदन मांगे गए थे। पर इनमें भी ग्रेड थर्ड शिक्षकों के सामने उसी पात्रता के साथ जिले में ही स्कूल चयन का विकल्प दिया गया है। लिहाजा दूसरे चरण में भी शिक्षकों को निराशा हाथ लगी है।
Published on:
02 Jul 2026 02:53 pm
