
सीकर. पौराणिक कथाओं में वर्णित कथा के अनुसार दहकते सूरज को एक फल समझते हुए बाल रूपी हनुमान ने निगल लिया था, लेकिन कलयुग में ऐसा सोचना भी संभव नहीं है। हालांकि आप सूरज के पास तो नहीं जा सकते लेकिन आपका नाम सूरज के पास ‘हॉट टिकट’ के जरिये पहुंच सकता है। यह मौका नासा अपने एक मिशन के जरिए दुनियाभर के लोगों दे रहा है और वो भी मुफ्त में। इतना ही नहीं नासा बकायदा आपके नाम के रजिस्ट्रेशन का प्रमाण पत्र भी देगा। 31 जुलाई 2018 को नासा पार्कर सोलर प्रोब मिशन फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से लाँच करेगा। वाशिंगटन में नासा के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक थॉमस ज्यूबर्शेन ने बताया कि यह मिशन उन तमाम सवालों के जवाब तलाशेगा, जिनके जवाब पिछले छह दशक से सभी वैज्ञानिकों तलाश रहे हैं।
क्या है यह मिशन
सूरज की अलग-अलग वेव लेंथ और हानिकारा किरणें सौरमंडल के ग्रहों को गर्म करने के साथ ही ऊर्जा देती है। पृथ्वी से सूरज की दूरी 150 लाख किलोमीटर दूर है। इसके बावजूद सूरज की किरण मनुष्यों के त्वचा और आंखों के हानिकारक है। सूर्य के इन्हीं किरणों का डेटा हासिल करने के लिए नासा एक अंतरिक्ष यान सूरज के बेहद करीब भेज रहा है। नासा को उम्मीद है कि यान के पिघलने से पहले वह हर तरह की जानकारी पृथ्वी पर भेज देगा। यान दो तरह की जानकारी हासिल करेगा। पहला यह कि सोलार विंड की गति तेज कैसे होती है और दूसरा यह सूर्य के कोरेना का तापमान उसकी सतह से ज्यादा क्यों होता है। नासा के अनुसार सूरज का तापमान 5500 डिग्री सेल्सियस होता है जबकि उसके वातारण का तापमान 20 लाख डिग्री सेल्सियस होता है।
यान सूरज से 60 लाख किमी दूर तक पहुंच जाएगा। यानी यह यान 520 गुना तक सूरज की किरणों को अनुभव कर पाएगा। 1976 में हीलियस-2 यान सूरज से 430 लाख किमी दूर था। नासा का यह पार्कर सोलार प्रोब यान 1.5 बिलियन डॉलर की लागत से तैयार हुआ है। योजना के अनुसार सब ठीक रहा तो सात साल में यान सूर्य की बाहरी सतह के 24 चक्कर लगाएगा। यान एक कार के आकार का है। यान के बाहर 4.5 इंच मोटी कार्बन कम्पोसिट शील्ड लगाई गई है जो यान को सूर्य की हानिकारण किरणों से बचाएगा। इतना ही नहीं यान को 1377 डिग्री सेल्सियस तापमान से सुरक्षित रखेगा। यान के अंदर लगे उपकरण उच्च तापमान को सहन कर लेंगे और अंदर रूम के तापमान पर काम करेंगे।
27 अप्रैल तक ऑनलाइन भेजें...
वाशिंगटन में नासा के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक थॉमस ज्यूबर्शेन ने बताया कि लोग अपना नाम नासा के इस मिशन में भेज सकते हैं। इन नामों को एक माइक्रचिप पर लिखा जाएगा। यह माइक्रोचिप स्पेसक्राफ्ट के जरिए सूरज के करीब भेजी जाएगी, जो सूर्य के चारों तरफ चक्कर लगाएगी। नासा ने कहा कि सूरज पर नाम भेजने के लिए 27 अप्रैल 2018 तक नाम स्वीकार किए जाएंगे।
इस तरह से भेजे अपना नाम
लोगों को दी गई इस लिंक http://go.nasa.gov/HotTicket पर क्लिक करना होगा। इसके बाद एक पेज खुलेगा जिसमें आपको अपना नाम और आखिरी नाम, ईमेल एड्रेस टाइप करके सबमिट करना होगा। इसके बाद आपके मेल पर एक लिंक भेजी जाएगी। इस लिंक पर क्लिक करने के साथ ही आपको रजिस्ट्रशन को ओके करना होगा। रजिस्ट्रन होते ही एक पेज खुलेगा जिसमें आपके नाम के पंजीकरण को देख सकते हैं। नीले रंग में एक लिंक को क्लिक करते ही एक पीडीएफ फाइल खुल जाएगी जिसमें नासा की ओर से आपके नाम का हॉट टिकट होगा।
Published on:
12 Mar 2018 04:32 pm
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