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खुलासा : रेकॉर्ड ना चिकित्सक, आखिर किसने किया उपचार, चार अस्पताल चिरंजीवी योजना से बेदखल

चिरंजीवी योजना में मरीजों के उपचार को लेकर सरकारी और निजी अस्पतालों में हो रही लपकागिरी पर प्रशासन की गाज गिर गई है। शहर में पिछले दो दिन से लपकों पर कार्रवाई के लिए गठित टीम की जांच रिपोर्ट के बाद जिला प्रशासन ने सीकर शहर के चार निजी अस्पतालों को चिरंजीवी योजना से बेदखल कर दिया है। अभी भी तीन अस्पताल शक के दायरे में हैं, जिन पर कार्रवाई हो सकती है।

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खुलासा : रेकॉर्ड ना चिकित्सक, आखिर किसने किया उपचार, चार अस्पताल चिरंजीवी योजना से बेदखल

खुलासा : रेकॉर्ड ना चिकित्सक, आखिर किसने किया उपचार, चार अस्पताल चिरंजीवी योजना से बेदखल

चिरंजीवी योजना में मरीजों के उपचार को लेकर सरकारी और निजी अस्पतालों में हो रही लपकागिरी पर प्रशासन की गाज गिर गई है। शहर में पिछले दो दिन से लपकों पर कार्रवाई के लिए गठित टीम की जांच रिपोर्ट के बाद जिला प्रशासन ने सीकर शहर के चार निजी अस्पतालों को चिरंजीवी योजना से बेदखल कर दिया है। अभी भी तीन अस्पताल शक के दायरे में हैं, जिन पर कार्रवाई हो सकती है। तीन लपकों की गिरफ्तारी के बाद टीम की छापेमारी से सीकर शहर सहित जिले के निजी अस्पतालों में हड़कंप मच गया। निजी अस्पतालों में मरीज के उपचार के सभी रेकॉर्ड को टटोलना शुरू कर दिया। अस्पतालों में मरीज के दस्तावेजों से सरकारी चिकित्सकों के नाम और पर्चियों को हटा दिए गए। राजस्थान पत्रिका ने इस संबंध में लगातार खबरें प्रकाशित तो जिला प्रशासन हरकत में आया और इन धांधलियों को लेकर छापेमार कार्रवाई शुरू कर दी है।

इन अस्पतालों पर गिरी गाज

सरकारी अस्पताल में भर्ती मरीजों को बरगलाकर निजी अस्पतालों में ले जाने वाले तीन लपकों की पूछताछ के बाद छापेमार कार्रवाई की। टीम ने गुरुवार को कल्याण अस्पताल के आस-पास के सात निजी अस्पतालों पर निरीक्षण कर जांच की। जिला प्रशासन ने सीकर शहर के शेखावाटी जनाना हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, धन्वंतरी हॉस्पिटल, सेफ एंड क्योर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल, जेएस वेदांता हॉस्पिटल को चिरंजीवी योजना से बाहर कर दिया। सीएमएचओ की गठित टीम की जांच में साफ हो गया कि चिरंजीवी योजना को लेकर कई निजी अस्पतालों में भारी गडबडियां हो रही है। इन अस्पतालों में उपचार करवाने वाले मरीज के दस्तावेजों में चिकित्सक का न तो नाम है और न ही हस्ताक्षर है। जिससे तय हो गया कि मरीज का उपचार सरकारी या अन्य चिकित्सक कर रहे हैं। कल्याण अस्पताल में सक्रिय लपके भर्ती मरीज को डिस्चार्ज करवाए बिना ही निजी अस्पताल में ले जा रहे हैं। जहां उसी मरीज की टीआईडी दोबारा जनरेट की जा रही है। जिम्मेदारों की लापरवाही का नतीजा है कि चिरंजीवी योजना से जुड़ते समय निजी अस्पतालों ने जिन चिकित्सकों की सूची दी उनमे से कई चिकित्सक तो अस्पताल में आते ही नहीं है और न ही किसी आलाधिकारी ने इसकी सुध ली। जिससे मरीजों के साथ खिलवाड़ होता रहा।

इनका कहना है

चिकित्सा विभाग की ओर से गठित टीम के निरीक्षण में मिली अनियमितताओं के बाद सीकर शहर में चार निजी अस्पतालों को चिरंजीवी योजना से डी पैनल कर दिया गया है। आगे भी यह कार्रवाई जारी रहेगी।

डॉ निर्मल सिंह सीएमएचओ सीकर