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Asian Games 2018 : जिस ओमप्रकाश को लगता था पानी से डर, उसी ने दिलाया नौकायन में सोना

एशियन गेम 2018 की भारतीय नौकायन टीम में शामिल रहे ओमप्रकाश झुंझुनूं के गांव बुडाना रहने वाले हैं.

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Rowers Om Prakash from Jhunjhunu Rajasthan

Rowers Om Prakash from Jhunjhunu Rajasthan

मनीष मिश्रा/झुंझुनूं. जिसे कभी पानी में जाने से भी डर लगता था। उसी ने आज देश को नौकायन में सोना जिताया है। यह ज’बा है उस सैनिक का जो झुंझुनूं जिले से निकलकर पूरे देश का मान बढ़ा रहा है। अपने कोच बजरंगलाल ताखर से नौकायान के सीखे गुर के चलते इस सैनिक ने नेशनल व इंटरनेशनल में दर्जनभर मेडल जीते हैं।
स्वर्ण पदक विजेता दल में शामिल बुडाना के ओमप्रकाश ने राजस्थान पत्रिका से खास बातचित में बताया कि गुरुवार को डब्लस में हुई हार को लेकर काफी निराश थे। लेकिन कोच ने ऐसा हौंसला बंधाया कि आज वो गम खुशी बदल गया। टीम के साथ मिलकर देश के लिए स्वर्ण पदक जीता, जो जिन्दगी के सबसे बेहतरीन पलों में से था।

Jhunjhunu
Rajasthan
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ओमप्रकाश ने कहा कि एशियन गेम्स-2014 में पदक नहीं जीतने पर कुछ निराशा थी। लेकिन पिछले सात माह की लगातार मेहनत का नतीजा रहा कि नौकायान में देश के लिए स्वर्ण पदक जीता। विदेश की धरती पर तिरंगा फहराने पर सिर फक्र से ऊंचा हो गया। जकार्ता में चल रहे एशियन गेम्स में झुंझुनूं के गांव बुडाना निवासी राजपूताना राइफल्स में कार्यरत किसान के बेटे ओमप्रकाश कृष्णियां ने यह बात राजस्थान पत्रिका को जकार्ता से विशेष बातचीत में बताई।

उन्होंने आदर्श बजरंगलाल ताखर को बताया। परिजनों ने बताया कि दसवीं की पढ़ाई के बाद में ओमप्रकाश सेना में भर्ती हो गया। शुरू से ही खेलों में रूझान होने के कारण नौकायान का प्रशिक्षण पूणे में लिया। भाई जयप्रकाश ने बताया कि बड़े भाई का सपना देश के गोल्ड मेडल जीतना था। वर्ष 2014 में एशियन गेम्स में पांचवां स्थान प्राप्त किया था। लेकिन इसके बावजूद हिम्मत नहीं हारते हुए अभ्यास जारी रखा।


पहले हुए निराश
फौज में कार्यरत छोटे भाई जयप्रकाश ने बताया कि गुरुवार को डब्लस में स्थान नहीं बनाने से बड़ा भाई निराश था। लेकिन परिजनों व साथियों ने हिम्मत बधाई। इस पर टीम के साथ श्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए शुक्रवार को देश के लिए स्वर्ण पदक जीता। देश के लिए स्वर्ण पदक जीतकर सीना चौड़ा कर दिया है।