
Video: नीमकाथाना जिले में शामिल होने के लिए ग्रामीण लामबंद
सीकर/कांवट. कस्बे के नालोट रोड स्थित मैरिज गार्डन में रविवार को पूर्व प्रधान शिवदयाल पालीवाल की अध्यक्षता में खंडेला तहसील को नवगठित जिला नीमकाथाना में शामिल नहीं करने पर विरोध सभा की। वक्ताओं ने कहा कि लोग कांवट सहित आसपास की ग्राम पंचायतों को नीमकाथाना में शामिल करने की मांग कर रहे थे, लेकिन दो दिन पहले दुल्हेपुरा में आए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने स्पष्ट कर दिया कि खंडेला विधानसभा सीकर जिले में ही रहेगी। वक्ताओं ने कहा कि कांवट सहित आसपास के गांवों से सीकर जिला मुख्यालय 70 किमी दूर पड़ता है जबकि नीमकाथाना महज 20 से 25 किमी दूरी है। इस दौरान एडवोकेट जगदीश मल्लाका ने आमजन के हितों को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करने की बात कही। बैठक के दौरान तय किया कि इन गांवों को नीमकाथाना में शामिल करने की मांग को लेकर 13 जून को पिपलोदा का बास बस स्टैंड पर सभा का आयोजन किया जाएगा। साथ ही नीमकाथाना में शामिल करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री, जिला पुनर्गठन समिति के अध्यक्ष रामलुभाया व नीमकाथाना विशेषाधिकारी को ज्ञापन दिया जाएगा। इस दौरान भाजपा मंडल अध्यक्ष रंगलाल स्वामी, लालचंद खैरवा, रजनीश फोगावट, हम्मीराम खोखर, रामवतार बड़सरा, किसान नेता बोदूराम, रणजीत सिंह गढ़ी आदि मौजूद रहे।
इधर, जुगलपुरा में भी सरदार वल्लभ भाई पटेल सेवा समिति के नेतृत्व में ग्रामीणों ने कांवट, जुगलपुरा, भादवाड़ी सहित आसपास की ग्राम पंचायतों को नीमकाथाना जिले में शामिल करने की मांग को लेकर बैठक की। इस दौरान समिति अध्यक्ष शक्तिसिंह तंवर, उपाध्यक्ष मूलचंद वर्मा, कोषाध्यक्ष कृष्ण सिंह राठौड़, सतपाल चौहान, नंदसिह आदि थे।
कांवट. ग्राम जुगलपुरा में नीमकाथाना जिले में शामिल होने की मांग को लेकर आयोजित बैठक।
Published on:
12 Jun 2023 09:55 pm
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