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1962 में शहीद सिपाही जनक सिंह के परिजनों ने कभी सोचा भी नही था, कि… उनको भी मिलेगी ये खुशखबरी

इस दौरान उन्होंने कहा कि देश पर अपने प्राण न्योछावर करने वाले शहीदों का सम्मान करना हमारा नैतिक दायित्व है।

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नीमकाथाना/गणेश्वर/पाटन. वर्ष 1962 में शहीद हुए गांव महावा निवासी सिपाही जनक सिंह के परिजनों ने कभी सोचा भी नहीं था कि भविष्य में कभी उनके घर कोई आकर शहीद को इतना सम्मान देंगे व उनकी गांव में कभी मूर्ति भी लगेगी। मगर शनिवार को नीमकाथाना पहुंची शहीद सम्मान यात्रा उनके लिए खुशखबरी लेकर उनके घर पहुंची तो परिजनों व ग्रामीणों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। इस दौरान शहीद परिवार के घर हुए कार्यक्रम में सैनिक कल्याण सलाहकार समिति अध्यक्ष प्रेम सिंह बाजौर ने आश्रितों का सम्मान कर शहीद की गांव में मूर्ति लगाने की बात कही। इस दौरान उनके सामने शहीद की फोटो परिजनों के पास नहीं होने की बात सामने आई तो बाजौर ने तुरंत सैनिक कल्याण अधिकारी सुरेन्द्र सिंह को शहीद के रिकॉर्ड के आधार पर जल्द सेना से फोटो मंगवाने के आदेश दिए। इससे पूर्व सुबह 10 बजे नेहरु पार्क स्थित शहीद सुनील कुमार यादव की मूर्ति स्थल पहुंची। वहां से उनके निवास स्थान पर शहीद वीरांगना का स्वागत किया। वहां से खेतड़ी मोड़ स्थित शहीद होशियार सिंह लांबा मूर्ति स्थल व शहीद जेपी यादव पार्क पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की तथा वीरांगना कविता सामोता व वीरांगना प्रेम देवी का शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि देश पर अपने प्राण न्योछावर करने वाले शहीदों का सम्मान करना हमारा नैतिक दायित्व है। जिन शहीदों ने हमारी सुरक्षा के लिए अपने प्राणों व परिवार की परवाह तक नहीं की तथा युद्ध भूमि में हंसते-हंसते अपने सीने पर गोली खा ली उन शहीदों को हमें हमेशा याद रखना चाहिए।यात्रा के दौरान लोगों ने पानी, बिजली, सडक़ सहित अनेक समस्या भी बाजौर के सामने रखी। इस पर उन्होंने ग्रामीणों को जल्द समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया।


समस्याएं जानी
पाटन.गांव में बाजौर ने सैनिक सम्मान यात्रा के अंतर्गत शनिवार को इलाके के हसामपुर व पाटन में शहीद प्रमोद कुमार सैन व शहीद कल्याण सिंह की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की। हसामपुर में हुए कार्यक्रम में बाजौर ने शहीद वीरांगना अंजना देवी का सम्मान किया। इस अवसर पर हसामपुर सरपंच विजेंद्र सिंह तंवर, कमल गुप्ता, कैप्टन रामकुमार सिंह, पंचायत समिति सदस्य सरोज कंवर, बुद्ध सिंह सूबेदार सहित अनेक लोग उपस्थित थे। पाटन में हुए कार्यक्रम में बाजौर ने शहीद वीरांगना सुशीला कंवर का सम्मान किया। बाजौर ने शहीद परिवारों की समस्याओं की भी जानकारी ली। गौरतलब है कि शहीद सम्मान यात्रा 22 जिलों में संपूर्ण हो चुकी है तथा अब 23वें जिले सीकर में शुरू हुई है। शहीद सम्मान यात्रा के अंतर्गत बाजौर ने अपने निजी खर्चे पर 20 से 22 करोड़ रुपए की लागत से 1100 शहीद प्रतिमाएं बनवाई है।


चार शहीदों की माताओं को दिए चेक
शहीद सम्मान यात्रा के दौरान शनिवार को क्षेत्र में चार शहीदों की माताओं को चेक दिए। इसमें शहीद सुबेदार मोहन सिंह की माता रतन कंवर को 67 हजार, शहीद नागर मल सैनी की माता रामनारायण को 1 लाख 90 हजार रुपए, सिपाही शहीद प्रमोद कुमार की माता विमला देवी को 1 लाख 50 हजार रुपए तथा शहीद रामवतार बारबर की माता गिता देवी को 1 लाख 92 हजार रुपए का चेक प्रदान किया।


याद रखेगा हिंदुस्तान
गणेश्वर. गांव के शहीद गोकुल चंद यादव की प्रतिमा स्थल पर शनिवार को सैनिक कल्याण बोर्ड अध्यक्ष प्रेम सिंह बाजोर ने शहीद प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित कर वीरांगना पिंकी यादव व माता पिता व बच्चों का सम्मान किया। इस दौरान बाजौर ने कहा देश के लिए मर मिटने वाले शहीदों के बलिदान को हिंदुस्तान कभी नहीं भूल सकेगा।

क्षेत्र में बनी शहीद मूर्तियों पर एक नजर
शहीद नाम गांव मूर्ति स्मारक दिनाकं
सुनील यादव नीमकाथाना हां 18-10-2014
होशियार सिंह नीमकाथाना हां 21-9-2001
जगदीश प्रसाद यादव नीमकाथाना हां 13-12-2001
मोहन सिंह ढाणी मालावाली हां 22-04-2002
बंशीधर ढाणी मनीकावाली नहीं 24-08-1996
गोकुलचंद यादव सालावाली हां 13-04-2016
रामनारायण सिंह गांवड़ी नहीं 11-09-1993
प्रहलाद सिंह गांवड़ी नहीं 29-11-1995
नागर मल सैनी खादरा हां 18-10-1999
सवाई सिंह बल्लमदासपुरा नही 1971
जनक सिंह नीमकावाली नही 21-10-1962
बनवारी लाल गुर्जर राजपुरा हां 17-02-1965
प्रमोद कुमार हसामपुर हां 04-10-2009
कल्याण सिंह पाटन हां 13-08-1999
रामवतार बारबर बिहारीपुर हां 11-11-1999