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संत रतिनाथ महाराज ब्रह्मलीन, नम आंखों से दी समाधि, बंद रहे शेखावाटी के कई कस्बे

सीकर. शब्द भी निशब्द! स्वर भी! एक संत का जाना...स्वरों को भी विराम दे गया। संत रतिनाथ की पहचान एक संत के रूप में ही नहीं, बल्कि भजन सम्राट के रूप में भी थी!

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सीकर

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Sachin Mathur

Dec 25, 2022

संत रतिनाथ महाराज ब्रह्मलीन, नम आंखों से दी समाधि, बंद रहे शेखावाटी के कई कस्बे

संत रतिनाथ महाराज ब्रह्मलीन, नम आंखों से दी समाधि, बंद रहे शेखावाटी के कई कस्बे

सीकर. शब्द भी निशब्द! स्वर भी! एक संत का जाना...स्वरों को भी विराम दे गया। संत रतिनाथ की पहचान एक संत के रूप में ही नहीं, बल्कि भजन सम्राट के रूप में भी थी! ईश्वर से साक्षात करवाते...जीवन और मृत्यु के मोल को समझाते...नर की नश्वरता और ईश्वर के रहस्यों से पर्दा उठाते उनके भजन मानवीय मूल्यों को समाहित किए रहते थे। वे सूफी परम्परा के वाहक रहे तो शास्त्रीय संगीत या लोक संगीत में भी उन्हें महारथ हासिल थी। उनके जागरण में एक के बाद एक भजनों की स्वरलहरियां निर्बाध गति से चलायमान रहती थी। ऐसे ही विरले संत रतिनाथ शनिवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। हजारों की भीड़ ने संत को नम आंखों से समाधि दी। सैकड़ों की तादात में साधु समाज भी इस क्षण का साक्षी बना।


व्यवस्थाओं में जुटा रहा पुलिस प्रशासन

रतिनाथ महाराज का देहावसान होने पर श्रद्धालुओं की भीड़ के दबाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन रात से ही व्यवस्थाओं में जुट गया। अपर पुलिस अधीक्षक रामचंद्र मुंड के निर्देशन में रात को बऊ आने-जाने के रास्ते को एकतरफा कर दिया गया। प्रमुख रास्तों पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए छह डीवाईएसपी, 15 थानाधिकारियों सहित करीब 350 पुलिस के जवानों का जाब्ता लगाया गया।

संत के सम्मान में बंद रहे शेखावाटी के कई कस्बे, अंतिम दर्शनों के लिए उमड़ी भीड़

सीकर. भजन सम्राट बऊ धाम के महंत रतिनाथ महाराज को शनिवार को नम आंखों से समाधि दी गई। गुरू के दर्शन करने के लिए रात से ही बऊ धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। दिन उगने के साथ भीड़ हजारों की संख्या में एकत्र हो गई। दोपहर एक बजे संतों की उपस्थिति में रतिनाथ महाराज को बऊ धाम में समाधी दी गई। संत के सम्मान में शुक्रवार को सीकर शहर, लक्ष्मणगढ़, फतेहपुर, नवलगढ़ और मंडावा कस्बे के बाजार बंद रहे। लोगों ने स्वत: अपनी दुकानें बंद रखी। वहीं बऊ में दिन भर समाधि के दर्शन करने के लिए हजारों श्रद्धालुओं का हुजूम रहा।

म्हारा...सतगुरूवन बलिहारी

बलिहारी...बलिहारी...म्हारा सतगुरूवन बलिहारी, बंधन काट किया किया जिव मुक्ता...जैसे रतिनाथ महाराज के भजन बऊधाम में शनिवार को दिनभर गूंजते रहे। महाराज का देहवसान का समाचार पहुंचते ही भक्तों की आंखें नम हो गई। हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने स्वरों के माध्यम से स्वरांजलि देने के लिए भजन शुरू कर दिए। स्थिति यह थी कि रात से दोपहर तक लगातार भजन गूंजते रहे। भक्तों ने भी गुरू को स्वरांजलि दी।

एक झलक पाने को हर कोई था आतुर

संत रतिनाथ महाराज के अंतिम दर्शनों के लिए हर कोई आतुर था। उनकी देह रात को जयपुर से सीधे सालासर लाया गया। बालाजी मंदिर के सामने वाहन में ही भक्तों ने उनके अंतिम दर्शन किए। बाद में तड़के चार बजे बऊ धाम में उनकी देह को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। दोपहर एक बजे श्रद्धालुओं ने उनके दर्शन किए। महाराज श्री के अंतिम दर्शन के लिए पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र सिंह राठौड़, सांसद सुमेधानंद सरस्वती, विधायक राजेंद्र पारीक, डॉ राजकुमार शर्मा, अभिनेष महर्षि, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुभाष महरिया, सीकर नगर परिषद सभापति जीवण खां, भाजपा नेता दिनेश जोशी, प्रधान मदन सेवदा, बुधगिरी मढी के पीठाधीश्वर महंत दिनेश गिरी, खासोली धाम के नवरतन गिरी, गाडोदा धाम के महावीर जति, सनवाली के शांति नाथ महाराज सहित बड़ी संख्या में संत महात्मा, जनप्रतिनिधियों व भक्तों ने बऊ आश्रम पहुंच कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पुनिया, केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल सहित कई लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की है।

प्रतिष्ठान बंद रख कर दी श्रद्धांजलि

संत रतिनाथ महाराज के सम्मान में शनिवार को सीकर शहर के प्रमुख बाजार बंद रहे। बिना किसी दबाव के लोगों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। इसके अलावा लक्ष्मणगढ़, फतेहपुर, झुंझुनूं के मंडावा व नलगगढ़ कस्बे के भी बाजार बंद रहे। ऐसा पहली बार हुआ है, जब किसी संत के सम्मान में बिना किसी दबाव में बाजार बंद रहे हो।