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घाटे में डूबी रोडवेज को अब उबारेंगे सारथी

प्रदेश में 559 और सीकर जोन में अनुबंध पर लिए जाएंगे 73 नए बस सारथीमुख्यालय ने दी स्वीकृति

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सीकर डिपो के 750 से यादा कर्मचारियों को मिलेगा फायदा

सीकर डिपो के 750 से यादा कर्मचारियों को मिलेगा फायदा

सीकर. घाटे से उबारने के लिए रोडवेज की साधारण बसों में अब अनुबंध पर बस सारथी लिए जाएंगे। निगम की ओर बस सारथी लेने से घाटे वाले रूट और परिचालकों की कमी से बंद हो चुके रुट को नए सिरे से शुरू किया जाएगा। जिसके तहत मुख्यालय ने प्रदेश में 559 और सीकर जोन में 73 नए बस सारथी अनुबंध पर लेने को हरी झंडी दिखा दी है। बस सारथी के लिए डिपो की कमेटी की ओर से संबंधित रूट का राजस्व तय करके लक्ष्य निर्धारित किया जाएगा। बस सारथी योजना में बस सारथी को निश्चित राशि का लक्ष्य दिया जाता है जिससे रोडवेज को एक निश्चित आय हो सकती है। इसके लिए बस सारथी को दिया जाने वाला लक्ष्य पिछले तीन माह में मार्ग पर प्राप्त राजस्व को ध्यान में रखकर डिपो कमेटी द्वारा लक्ष्य निर्धारित किया जाता है। ऐसे में कोरोना काल में निगम के घाटे को पूरा किया जा सकेगा। इसे देखते हुए बस सारथी योजना को फिर से शुरू किया गया।

डिपोवार बस सारथी
निगम के एमडी राजेश्वर सिंह ने बताया कि रोडवेज में 01 जनवरी, 2021 से शीतकालीन बस का टाइम टेबल लाूग हो गया है। जिसके तहत रोजाना 3875 बसों से 9340 परिचक्र व 14.87 लाख किलोमीटर बसों का संचालन किया जा रहा है। निगम का लक्ष्य रोजाना पांच करोड़ रुपए की आय प्रदेश में अर्जित करने का लक्ष्य है। जिसके तहत सीकर को 73, अजमेर जोन को 107, भरतपुर जोन को 121, बीकानेर जोन को 132, जयपुर जोन को 57, जोधपुर जोन को 193, कोटा जोन को 165, और उदयपुर जोन को 129 सहित कुल 977 बस सारथी अनुबन्ध पर लेने की स्वीकृति दी गई है।

इसके लिए सभी डिपो में मुख्य प्रबंधको को निर्देश जारी कर दिए हैं।