
सीकर. दुष्कर्म के आरोप में सूरत में गिरफ्तार हुए जैन मुनि शांतिसागर के मामले में क्रांतिकारी संत तरुण सागर ने भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। जैन मुनि पर एक युवती के दुष्कर्म के आरोप और इसके बाद उसकी गिरफ्तारी को महाराज तरुण सागर ने दुखद घटना बताया।
तरुण सागर ने कहा कि इस तरह के जैन मुनि जैन धर्म की परंपराओं को कलंकित करने का काम कर रहे हैं। ये संत नहीं हो सकते और इस तरह का घिनौना काम तो पाखंडियों का होता है।
तरुण सागर ने जैन भवन में पत्रकारों से कहा कि इस तरह के लोग धर्म की आड़ में अपना गोरखधंधा चलाते हैं।
किसी भी स्थिति में इन्हें सही नहीं ठहराया जा सकता। यह बहुत बड़ी समस्या है। मैंने पहले भी कहा है कि देश में हर तीसरा साधु भ्रष्ट है।
मैं समझता हूं कि जो अंतरंग से वैराग्य नहीं होते और केवल बाहर से साधु का चोला ओढ़ लेते हैं। वे लोग साधु के वेश में गलत काम करते हैं। क्योंकि काम सबसे प्रबल शत्रु है और इस जहां में सबकुछ जीता जा सकता है लेकिन, काम को जीतना बड़ा मुश्किल है।
काम आंतरिक शत्रु है जो बड़े से बड़े साधु को जमीन पर पटक देता है। जिसके कारण ज्ञान और वैराग्य धरे के धरे रह जाते हैं। भीतर के शत्रु पर विजय हासिल करने वाले को ही महावीर कहा जाता है।
इस तरह की घटनाएं चिंता का विषय है। इससे युवा भी धर्म से विमुख हो रहे हैं। समाज को विचार करना चाहिए और इस तरह के साधुओं की पहचान कर उनका बहिष्कार करना चाहिए। उल्लेखनीय है कि पहले भी जैन मुनि रामरहीम के मामले पर कड़वी प्रतिक्रिया व्यक्त कर चुके हैं।
ये है मामला
जैन मुनि शांतिसागर को शनिवार की रात दुष्कर्म के मामले में गुजरात की सूरत पुलिस ने गिरफ्तार किया था। मेडिकल जांच में दुष्कर्म की पुष्टि होने के बाद ही जैन मुनि की गिरफ्तारी संभव हो पाई। शांतिसागर पर मध्यप्रदेश की रहने वाली एक युवती ने दुष्कर्म का आरोप लगाया था।
Published on:
16 Oct 2017 02:03 pm
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