6 नवंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

विधानसभा में गूंजा शेखावाटी का यह मुद्दा तो सरकार ने उठाया…

लगातार घाटे से जूझ रहे सरकारी होटल व ढाबों को अब सरकार ने ठेके पर देने की तैयारी कर ली है। इसके लिए सभी होटल व ढाबों का सर्वे की कवायद शुरू कर दी है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

•

image

dinesh rathore

•

Updated: 23 Mar 2017, 4:44 PM IST

लगातार घाटे से जूझ रहे सरकारी होटल व ढाबों को अब सरकार ने ठेके पर देने की तैयारी कर ली है। इसके लिए सभी होटल व ढाबों का सर्वे की कवायद शुरू कर दी है। वहीं होटल निगम ने कुछ होटल को पीपीपी मॉडल पर देने के ट्रांजेक्टशन एडवाइजर नियुक्त किए जा रहे हैं। बुधवार को विधानसभा में लक्ष्मणगढ़ विधायक गोविन्द सिंह डोटासरा के सवाल के जवाब में पर्यटन राज्य मंत्री ने यह जवाब दिया। इसके अलावा फतेहपुर विधायक नंदकिशोर महरिया ने श्रमिकों की समस्या उठाई। वहीं धोद विधायक गोरधन वर्मा ने सीकर जिले में उद्योग लगाने के मामला उठाया।

Read:

पहले तो लताड़ा, फिर जिले के सारे अफसरों को इन्होंने बताया लापरवाह

शेखावाटी में 3 बंद

शेखावाटी में पर्यटन विभाग की ओर से आठ होटल शुरू किए गए थे। इसमें होटल हवेली फतेहपुर, होटल झुंझुनूं, होटल चीरमी चूरू, मोटल रतनगढ़, मोटल सीकर, कैफेटेरिया मण्डावा, कैफेटेरिया, महेनसर व यात्रिका सालासर शुरू किया था। इनमें से मोटल सीकर, कैफेटेरिया मण्डावा व कैफेटेरिया महेनसर बंद हो चुके है।

Read:

अब भी नहीं सुधरे तो खत्म हो जाएगा...

खनन पट्टों की अनुमति

धोद विधायक गोरधन वर्मा ने भी जिले की कई समस्या उठाई। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के जरिए लोन मिलने का मामला उठाया। अरावली पर्वतमाला इलाके में हो रहे अवैध खनन का मामला उठाया। इस दौरान निजी खातेदारी की भूमि पर खनन पट्टे जारी करने के मामला भी उठाया।

Read:

जब चिकित्सा मंत्री के गृह जिला में ही होने लगा ऐसा...

होटल चलाना सरकारी दायित्वों में नहीं

निजी हाथों में होटल देने के सवाल पर पर्यटन मंत्री ने बताया कि होटल व्यवसाय करना सरकार के मुख्य दायित्व में दायित्व नहीं है। पर्यटकों की सुविधा के लिए इन होटल व ढाबों को पीपीपी मॉडल पर संचालित करने का निर्णय लिया है।

Read:

यहां लोग एक घंटे में तय करते हैं 12 किमी की दूरी, जानें इसकी वजह

हर वर्ष से तीन से 10 लाख का घाटा

शेखावाटी के भी ज्यादातर होटल घाटे में है। होटल हवेली फतेहपुर व रतनगढ़ चूरू की होटल हर वर्ष तीन से दस लाख के घाटे में है। विधायक डोटासरा ने कहा कि पिछली सरकार के समय आनंद होटल सहित कई होटल फायदे में थे। लेकिन सरकार की गलत नीतियों के कारण आनंद व शेखावाटी के होटल घाटे में गए हैं।

Read:

जरा संभलकर! इस गांव में है इनका आतंक, कभी भी बना सकता है आपको शिकार

विद्यार्थी मित्र व विवि का मामला उठाया

विधायक डोटासरा ने शिक्षा पर चर्चा के दौरान कई मामले उठाए। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय विवि में 53 में से महज सात कर्मचारी पदस्थापित है। इस कारण विवि पटरी पर नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा कि सुराज संकल्प यात्रा के दौरान विद्यार्थी मित्रों को रोजगार दिलाने का वादा किया था। लेकिन सरकार तीन वर्ष में कोई रोजगार नहीं दिला सकी। उन्होंने कहा कि सरकार ने 20 हजार स्कूलों को बंद कर दिया। इससे पद समाप्त होने के साथ बेरोजगारों का नौकरी का सपना भी टूट गया।