
जम्मू, पंजाब, हरियाणा जा रहा शेखावाटी का प्याज,जम्मू, पंजाब, हरियाणा जा रहा शेखावाटी का प्याज,जम्मू, पंजाब, हरियाणा जा रहा शेखावाटी का प्याज
शेखावाटी का मीठा प्याज अब प्रदेश की दूसरी मंडियों में पैर जमा रहा है। गर्मी बढ़ने के साथ ही हरियाणा, पंजाब सहित कई राज्यों में मांग बढ़ने के कारण सीकर जिले में प्याज की खुदाई जोर पकड़ने लगी है। खेतों में जगह-जगह प्याज की कट्टे भरे जा रहे हैं। शुरूआती आवक को देख कर दूसरे राज्यों से सीकर मंडी में खरीदार बोली लगाने पहुंच रहे हैं। सीकर मंडी में रोजाना प्याज के औसतन 25 से 30 हजार कट्टे आ रहे हैं। वहीं व्यापारी खेतों से प्याज की क्यारियां खरीद रहे। सीकर से बीकानेर जाने वाले मार्ग पर कई जगह खेतों के बाहर ही प्याज की बिक्री की जा रही है।सीकर मंडी में सोमवार को प्याज के थोक भाव ढाई रुपए से साढ़े छह रुपए प्रति किलो तक बोले गए। व्यापारियों के अनुसार पिछले साल गर्मी के सीजन में अच्छे भाव मिलने के कारण किसानों का प्याज की बुवाई की ओर ज्यादा ध्यान रहा। यही कारण रहा कि सीकर में इस साल करीब 25 हजार हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र में प्याज की बुवाई हुई है। अच्छा मौसम रहने के कारण प्याज का अनुमानित उत्पादन करीब चार लाख मीट्रिक टन से ज्यादा आंका जा रहा है
चार माह तक सीजन
सीकर और रसीदपुरा प्याज मंडी में प्याज की बिक्री का सीजन चार माह तक चलता है। पहले रसीदपुरा, खूडी क्षेत्र का प्याज सबसे पहले आता है। वहां बीकानेर, पंजाब और हरियाणा के व्यापारी सीधे खेतों से प्याज की क्यारियां ही खरीद रहे हैं। इसके अलावा भाव कम होने के कारण किसान प्याज की खुदाई भी कम कर रहे हैं। उत्तरी राज्यो में कई जगह फसलों की कटाई शुरू हो गई है। पिछले सालों का ट्रेंड देखें तो अप्रेल माह में प्याज के कट्टों की आवक रोजाना पचास हजार कट्टों तक पहुंच जाती है।
कमजोर गुणवत्ता
थोक व्यापारी देवीलाल बासडीवाले के अनुसार सीकर जिले में भावों को लेकर असमंजस है। इस समय मंडी में कुचामन क्षेत्र का प्याज आ रहा है। जिसकी गुणवत्ता ठीक है लेकिन बारिश के कारण आस-पास के क्षेत्रों से आ रहे प्याज के गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। मंडी में आने वाले किसानों का कहना है कि प्याज की गुणवत्ता कम बताकर प्याज की बोली कम लगाई जा रही है। इस कारण पिछले साल की तुलना में कम भाव मिल रहे हैं। व्यापारियों को सीधे खेतों से प्याज की बिक्री की रही है इधर व्यापारियों के अनुसार भाव लेने के लिए किसान प्याज को गीला ही खोद कर ला है जिस कारण दूसरे राज्यों के व्यापारी कम भाव लगा रहे हैं। एक पखवाड़े बाद सूखने से प्याज के भाव ज्यादा होने के आसार है।
इनका कहना है
हिमाचल प्रदेश के लोगों में सीकर के प्याज की मांग बढ़ी है। सीकर मंडी से दूसरे राज्यों की मंडियो में प्याज के ट्रक जा रहे हैं। बुवाई ज्यादा होने के कारण और गुणवत्ता कम होने के कारण भावों में कमी आ रही है। सीकर में प्याज के भाव इस सीजन में कम रहने के आसार है। - नेमीचंद दूजोद, प्याज व्यापारी
Published on:
11 Apr 2023 11:50 am
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