17 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

PHOTO : वृक्ष के नाम से जाना जाता है बालाजी का ये मंदिर, बेहद रोचक है इसका इतिहास

श्री दो जांटी बालाजी धाम का मनाया जा रहा है रजत जयंती समारोह

2 min read
Google source verification
Do janti balaji mandir

सीकर. मंदिरों के नामों के पीछे भी कई रोचक कहानियां होती हैं। ऐसी ही एक कहानी है राजस्थान के सीकर जिले में स्थित दो जांटी बालाजी मंदिर की। इस साल श्री दो जांटी बालाजी धाम का रजत जयंती समारोह मनाया जा रहा है। चहुंओर से आस्था का सैलाब उमड़ रहा है।


दो जांटी बालाजी मंदिर का इतिहास

दो जांटी बालाजी मंदिर सीकर जिले के फतेहपुर शेखावाटी में नेशनल हाईवे 65 पर स्थित है। किसी जमाने में जहां से नेशनल हाईवे शुरू होता है, वहां पर दो जांटी (खेजड़ी) थी। राहगीरों के लिए दोनों जांटियां के पास पहुंच जाने का मतलब होता था कि फतेहपुर आ गया। यहां पर बालाजी का कई दशक पुराना छोटा सा मंदिर था। मंदिर दो जांटियों के पास होने के कारण मंदिर को दो जांटी बालाजी मंदिर के नाम से जाने जाना लगा। वर्ष 1992 में फतेहपुर शेखावाटी के बोचीवाल परिवार के प्रभुदयाल शर्मा की ओर से मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया गया।

रजत जयंती समारोह

श्री दो जांटी बालाजी धाम का रजत जयंती समारोह 25 सितम्बर से शुरू हुआ है, जो 3 अक्टूबर तक चलेगा। समारोह के तहत धार्मिक आयोजन हो रहे हैं। पहले दिन शोभायात्रा व कलश यात्रा निकाली गई।

-30 सितम्बर को श्री महावीर मण्डल पिलानी की ओर से रात सात बजे से संगीतमय सुंदरकांड पाठ होंगे। इस दौरान सीमा मिश्रा भजनों व राजस्थानी गीतों की प्रस्तुति देंगी।

-3 अक्टूबर को रात नौ बजे से जागरण होगा। इस मौके पर रतिनाथ महाराज, निश्चलनाथ महाराज व विकास नाथ महाराज उपस्थित रहेंगे।


कैसे पहुंचे दो जांटी बालाजी

श्री दो जांटी बालाजी धाम सडक़ व रेलमार्ग से पहुंचा जाता है। फतेहपुर, रामगढ़ शेखावाटी, सीकर व चूरू इसके निकटवर्ती बस स्टैण्ड और रेलवे स्टेशन हैं। इसके अलावा राजस्थान के बाहर से आने वाले श्रद्धालु जयपुर व दिल्ली हवाई मार्ग से भी यहां पहुंच सकते हैं।

दो जांटी बालाजी की दूरी

सीकर से 52.5 किलोमीटर
चूरू से 36 किलोमीटर
जयपुर से 166 किलोमीटर
दिल्ली से 311 किलोमीटर