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खाटूश्यामजी हादसा: श्याम मंदिर कमेटी चोर रास्तों से करवा रही थी चहेतों को दर्शन, 15 रास्ते किए सीज, मेला प्राधिकरण उपाध्यक्ष ने कहा छोड़ेंगे नहीं

खाटूश्यामजी में भगदड़ से तीन मौत के बाद सवालों के कटघरे में आई श्याम मंदिर कमेटी की नई कारस्तानी सामने आई है।

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सीकर

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Sachin Mathur

Aug 09, 2022

खाटूश्यामजी हादसा: श्याम मंदिर कमेटी चोर रास्तों से करवा रही थी चहेतों को दर्शन, 5 रास्ते किए सीज, मेला प्राधिकरण उपाध्यक्ष ने कहा छोड़ेंगे नहीं

खाटूश्यामजी हादसा: श्याम मंदिर कमेटी चोर रास्तों से करवा रही थी चहेतों को दर्शन, 5 रास्ते किए सीज, मेला प्राधिकरण उपाध्यक्ष ने कहा छोड़ेंगे नहीं

सीकर/खाटूश्यामजी. खाटूश्यामजी में भगदड़ से तीन मौत के बाद कटघरे में आई श्याम मंदिर कमेटी की नई कारस्तानी सामने आई है। मंदिर कमेटी ने श्याम बाबा के वीआईपी दर्शनों के लिए कई चोर रास्ते भी बना रखे थे। जिनमें से 15 रास्तों को हादसे के बाद हरकत में आए प्रशासन ने आज बंद किया। ये रास्ते मुख्य मेला मैदान में स्थित दुकानों के पीछे व मंदिर के पास बने हुए थे। जिन्हें कुछ जगह ताले लगाकर तो कहीं टीन शैड लगाकर बंद किया गया। दांतारामगढ़ तहसीलदार विपुल चौधरी, रींगस सीओ सुरेंद्र सिंह, थाना प्रभारी सुभाष चंद्र यादव और ईओ विशाल यादव की अगुआई में हुई कार्रवाई का कुछ सेवादारों ने विरोध भी किया।

संभागीय आयुक्त को जांच, हरकत में आया प्रशासन
खाटूश्यामजी हादसे को गंभीर मानते हुए संभागीय आयुक्त को जांच सौंपने के बाद मंगलवार को प्रशासन अल सुबह ही हरकत में आ गया। प्रशासन की टीम सुबह ही खाटूश्यामजी की सड़कों पर कार्रवाई करती नजर आने लगी। इस दौरान टीम ने कई जगहों से अतिक्रमण हटाया। वहीं, चोर रास्तों का जायजा लेकर उन्हें भी एक- एककर बंद किया।

मौत सामान्य हादसा नहीं, किसी को नहीं छोड़ेंगे- बोराणा
हादसे के बाद मंगलवार को मेला प्राधिकरण के उपाध्यक्ष रमेश बोराणा भी खाटूश्यामजी आए। जिन्होंने कलक्टर व एसपी के साथ दुर्घटना स्थल का जायजा लिया। घटना के संभावित कारण भी पूछे। इस दौरान प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि खाटूश्यामजी में मौत सामान्य हादसा नहीं है। सरकार और मेला प्राधिकार इसे गंभीरता से ले रहा है। कहा कि हादसे की जिम्मेदारी तय होगी। जिसमेंं मंदिर कमेटी या प्रशासन जो भी दोषी होगा उसे बख्शेंगे नहीं। सख्त कार्रवाई करेंगे। बोले कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस संबंध में जीरो टॉलरेंस अपनाने के लिए कहा है। बोराणा ने स्वीकार भी किया कि हादसे को टाला जा सकता था। कहा कि मेहरानगढ़ के बाद खाटूश्यामजी उदाहरण बन गए हैं। पर अब इस बात का पूरा ध्यान रखा जाएगा कि आगे से ऐसे हादसे फिर से ना हो। इसके लिए प्रदेशभर के मेलों के लिए मास्टर प्लान बनाया जाएगा।