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फ तेहपुर. वन भूमि में कचरा डालने की पुरानी आदत से नगर पालिका प्रशासन बाज नहीं आ रहे है। बार बार नोटिस जारी करने व मौखिक रूप से मना करने के बाद भी सोमवार को कचरा डालने के लिए टैक्टर वन भूमि में चले गए, लेकिन भेड़ प्रजनन फार्म के कर्मचारियों ने कचरा नहीं डालने दिया।
इसके बाद कचरा डालने देने का मामला एसडीएम तक पहुंचा। एसडीएम रेणू मीना ने भी भेड़ फार्म को कचरा डालने के लिए अस्थाई तौर पर इजाजत देने की बात कही। इस पर भेड़ फार्म के डिप्टी डाइरेक्टर रामेश्वर ने इनकार कर दिया। मामले के अनुसार फ तेहपुर में स्थित वन विभाग की जमीन भेड़ प्रजनन केन्द्र को लीज पर मिली है। ऐसे में वन भूमि की सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारी भेड़ प्रजनन केन्द्र की है।
नगर पालिका के पास कचरा डालने के लिए पहले जगह नहीं थी, इसलिए पालिका वन भूमि पर कचरा डालती रही। नतीजा लगातार भूमि बंजर हो रही है व जानवर भी कचरे में मुंह मार रहे हंै। नगर पालिका द्वारा बीड़ के एक बड़े हिस्से में लगातार कचरा डाला जा रहा है। इसी पर भेड़ फार्म ने कचरा नहीं डालने के लिए नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को नोटिस जारी कर दिया है। उसके बाद भी टै्रक्टर कचरा डालने पहुंचे थे। इस पर भेड़ फार्म के अतिरिक्त कर्मचारियों को भेजकर टै्रक्टर को लौटा दिया।
बड़ा सवाल कहां डलेगा कचरा!
कस्बे में रोजाना कई टन कचरा इकठ्ठा होता है। कचरा निस्तारण के लिए नगर पालिका को जगह भी मिली हुई है। उक्त जगह पर निर्माण कार्य पर स्टे आया हुआ है। ऐसे में पालिका की ओर से उस जगह का कोई उपयोग नहीं किया जा सकता है। इसके अलावा नगर पालिका के पास जगह नहीं है ऐेसे में कचरा कहां डाला जाएं यह बड़ा सवाल है। दरअसल कचरा डालने की समुचित व्यवस्था के लिए नगर पालिका के अधिकारियों ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। वन भूमि में डालते रहने के कारण कोई दूसरी जगह भी नहीं देखी। अब कचरा डालने की जगह को लेकर जहोजहाद करनी पड़ रही है।
Published on:
03 Jul 2018 06:01 pm
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