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VIDEO: फिरौती के लिए किया गया था गन्नु का अपहरण, पुलिस व ग्रामीणों ने घेरा तो भाटीवाड़ में छोड़ भागे बदमाश

सीकर. कोचिंग संचालक के नौ वर्षीय बेटे धीरीश हुड्डा उर्फ गुन्नू का अपहरण फिरौती के लिए किया गया था, लेकिन झुंझुनुं पुलिस की रणनीति और ग्रामीणों के सहयोग से बने चक्रव्यूह से अपहर्ता बाहर नहीं निकल पाए।

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सीकर

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Sachin Mathur

Oct 05, 2022

फिरौती के लिए किया गया था गन्नु का अपहरण, पुलिस व ग्रामीणों ने घेरा तो भाटीवाड़ में छोड़ भागे बदमाश

फिरौती के लिए किया गया था गन्नु का अपहरण, पुलिस व ग्रामीणों ने घेरा तो भाटीवाड़ में छोड़ भागे बदमाश

सीकर. कोचिंग संचालक के नौ वर्षीय बेटे धीरीश हुड्डा उर्फ गुन्नू का अपहरण फिरौती के लिए किया गया था, लेकिन झुंझुनुं पुलिस की रणनीति और ग्रामीणों के सहयोग से बने चक्रव्यूह से अपहर्ता बाहर नहीं निकल पाए। आठ घंटे तक वह नदी और गांव के कच्चे रास्तों में घूमते रहे। आखिर दबाव बढ़ता देखकर अपहर्ताओं ने गुन्नू को भाटीवाड़ की नदी में पटक दिया। बाद में कच्चे रास्तों में गाड़ी से भागने का प्रयास किया, लेकिन नदी में गाड़ी आगे नहीं ले जा सके। अपहर्ता गाड़ी को नदी में छोड़कर पैदल ही कच्चे रास्तों से भाग गए। अपहर्ताओं की तलाश में झुंझुनूं के अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. तेजपाल सिंह के नेतृत्व में सौ से अधिक पुलिस के जवान और ग्रामीण पैदल ही देर रात तक जुटे हुए थे।

कैमरे में फुटेज, फिरोती के फोन ने दिखाई राह

अपहर्ताओं की गाड़ी का फुटेज मंगलवार सुबह 10: 45 बजे खींवासर स्थित ऊबली बालाजी मंदिर में लगे कैमरे में दिखाई दे गया। इसके बाद से ही झुंझुनूं पुलिस सक्रिय हो गई। अपहर्ता बाद में गाड़ी को कच्चे रास्ते से छावसरी, टीटनवाड़ की तरफ ले गए। यहीं पर झुंझुनूं पुलिस ने अपहर्ताओं को घेरने की रणनीति बनाई। गांव के लोगों को गाड़ी के फोटो भेजने के साथ पुलिस के सहयोग के लिए कच्चे रास्तों पर वाहन लगाकर नाकाबंदी करने के लिए कहा। ऐसे में इन गांवों के लोग सक्रिय हो गए। लेकिन अपहर्ता नदी के रास्ते से गाड़ी को टीटनवाड़ से सोलाना की तरफ ले गए। पुलिस और ग्रामीणों की गाडिय़ां भी अपहर्ताओं की तलाश में जुट गई, लेकिन अपहर्ताओं ने गाड़ी को नदी में कहीं छिपा दिया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि अपराधियों ने यहां से फिरौती के लिए फोन किया। इसके बाद पुलिस को इनकी लोकेशन मिल गई। पुलिस की गाडिय़ां अपहर्ताओं के पीछे लग गई। ऐसे में आरोपी बालक को नदी में छोड़कर भाग गए।

100 से अधिक पुलिस के जवान, 25 गाडिय़ां, ग्रामीणों की सक्रियता
बालक गन्नू की सकुशल बरामदगी में पुलिस के साथ ग्रामीणों की सक्रियता भी काम आई। अपहर्ताओं की लोकेशन आने के बाद सौ अधिक पुलिस के जवान और अधिकारी उसकी तलाश में जुट गए। गुढ़ागौडज़ी थानाधिकारी बंशीधर ने बताया कि बालक की बरामदगी के लिए पुलिस के साथ इलाके के ग्रामीणों से भी सहयोग मांगा गया। ऐसे में आसपास के गांवों के लोग भी पुलिस की मदद में जुट गए। पुलिस के अलावा 25 अधिक गाडिय़ों में ग्रामीण अपहर्ताओं की गाड़ी की तलाश में जुट गए। गांव के कच्चे रास्तों पर पुलिस के साथ ग्रामीण भी नाकाबंदी कर खड़े हो गए। पुलिस और ग्रामीण दिनभर भूखे प्यासे बच्चे को सकूशल बरामद करने में जुटे रहे, जिसका परिणाम यह रहा कि अपहर्ताओं को बच्चे को छोड़कर भागना पड़ा।

झुंझनुं पुलिस ने आईजी को सौंपा गन्नू

बच्चे के मिलने पर जयपुर रेंज आईजी उमेशचंद्र दत्ता भी मौके पर पहुंच गए। झुंझुनुं के पुलिस अधिकारियों ने बच्चे को आईजी को सुपुर्द कर दिया। बाद में सीकर पुलिस उप अधीक्षक विरेन्द्र शर्मा को बच्चे को सौंप दिया गया। वे उन्हें लेकर सीकर चले गए।

सीकर-झुंझुनूं पुलिस का संयुक्त ऑपरेशन, ग्रामीणों का हर कदम पर सहयोग
सीकर-झुंझुनूं पुलिस के संयुक्त अभियान के चलते बालक सकुशल बरामद हो पाया है। ग्रामीणों ने इस अभियान में पुलिस का हर कदम पर सहयोग किया है। अपहर्ताओं की गाड़ी जहां से भी गुजरी इसकी सूचना सहीं समय पर ग्रामीणों ने पुलिस को उपलब्ध करवाई। ऐसे में दोनों जिलों की पुलिस अपहर्ताओं के पीछे लगी रही। शाम छह बजे अपहर्ताओं ने एक फोन किया था। इसमें बात समझ में नहीं आई, लेकिन इस कॉल से पुलिस को उनकी तलाश में सहायता मिली।

कुंवर राष्ट्रदीप, पुलिस अधीक्षक, सीकर

बालक को सकुशल सौंप दिया गया है। अपहर्ताओं की गाड़ी बरामद हो गई है। आरोपियों की तलाश में सौ से अधिक पुलिस के जवान और ग्रामीण जुटे हुए हैं। अपहर्ता नदी में पैदल ही भागे हैं। पुलिस लगातार उनका पीछा कर रही है। ग्रामीणों ने पुलिस का दिल से सहयोग किया।
डॉ. तेजपाल सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक, सीकर