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Interview: नई पीढ़ी को सनातन संस्कृति व सभ्यता से जोडऩे के लिए शुरू करेंगे गुरुकुल: चंद्रमादास महाराज

सचिन माथुर सीकर. अयोध्या से 12 साल पहले भ्रमण करते हुए पालवास आया तो करणी माता का मंदिर और वातारण देख यहीं रम गया।

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सीकर

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Sachin Mathur

Aug 21, 2023

Interview: नई पीढ़ी को सनातन संस्कृति व सभ्यता से जोडऩे के लिए शुरू करेंगे गुरुकुल: चंद्रमादास महाराज

Interview: नई पीढ़ी को सनातन संस्कृति व सभ्यता से जोडऩे के लिए शुरू करेंगे गुरुकुल: चंद्रमादास महाराज

सीकर. अयोध्या से 12 साल पहले भ्रमण करते हुए पालवास आया तो करणी माता का मंदिर और वातारण देख यहीं रम गया। अब सनातन संस्कृति व सभ्यता को आगे बढ़ाने के लिए पौराणिक व आधुनिक शिक्षा के समन्वय वाला एक गुरुकुल शुरू करना लक्ष्य है। जिसे पूरा करने के लिए जमीन मिल चुकी है। ईश्वर की कृपा हुई तो जल्द ही ये संकल्प पूरा होगा। ये कहना है अयोध्याधाम के हनुमानगढ़ी मंदिर के पुजारी व पालवास के श्री करणी गोपाल गौधाम के पीठाधीश्वर चंद्रमादास महाराज का। जिन्होंने रामलीला मैदान में होने वाले श्रीलक्ष्मी गौ पुष्टी महायज्ञ व अपने जीवन के बारे में पत्रिका से विशेष बात की। पेश है साक्षात्कार के सार अंश।

स. श्रीलक्ष्मी गौ पुष्टी महायज्ञ की प्रेरणा कहां से मिली और इसका क्या उद्देश्य है?
ज. हवन आदि कार्य बढऩे पर भी उसका फल नहीं मिलने की बात साधु- संतों से पूछी तो उन्होंने इसकी वजह अनुष्ठानों में शुद्ध वैदिक रीति व वैदिक लक्षणा गाय के घी की कमी को बताया। इसी बात से दोनों की शुद्धता को ध्यान में रखते हुए यज्ञ करने की प्रेरणा मिली। महायज्ञ का उद्देश्य प्रकृति, पर्यावरण, समाज व प्राणिमात्र का कल्याण करना है।

स. क्या महायज्ञ में बाजार में बिकने वाले घी का उपयोग नहीं होगाï?
ज. बाजार के घी में चर्बी मिलने तक के समाचार सामने आ चुके हैं। ऐसे में प्रदेशभर की गो शालाओं से देसी गाय का शुद्ध 500 किलो घी मंगवाकर यज्ञ में आहुतियां दी जाएगी।

स. महायज्ञ के दौरान क्या- क्या आयोजन होंगे?
ज. 9 कुंडीय महायज्ञ के साथ रुद्राभिषेक, वृंदावन की मंडली द्वारा शहर में प्रभात फेरी व हरिकीर्तन, अयोध्या के संतो द्वारा अखंड रामायण के पाठ, गो माता के मंदिर के साथ पूजन व नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर से आने वाले 11 हजार रुद्राक्ष का सवा करोड़ महामृत्युंजय जाप के साथ अभिमंत्रण के बाद वितरण सहित कई धार्मिक कार्यक्रम होंगे।

स. महायज्ञ में बाहर से भी संत आएंगे?
ज. अयोध्या से हनुमानगढ़ी के महंत व अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरीशंकर दास महाराज, अयोध्या से राम दिनेशाचार्य महाराज, रामजन्म भूमि के कोषाध्यक्ष गोविंद गिरी महाराज, हरिद्वार से विष्णु दास महाराज, राम कथा वाचक चिन्मयानंद बापू, सनत्कुमार महाराज व सांवलिया बाबा सहित देश के कई प्रमुख तीर्थस्थलों के साधु- संत महायज्ञ में आएंगे।

स. शास्त्र व संतों के अनुसार प्रभु लीला में प्रवेश व संत वेश प्रभु कृपा से ही मिलना माना जाता है। आप पर यह कृपा कैसे हुई?
ज. साढे आठ वर्ष की आयु में जनेउ संस्कार के बाद पिता ने गुरुकुल में पढऩे भेजा था। गुरु व ग्रंथों के सानिध्य से निवृति मार्ग व शिक्षा से सनातन संस्कृति व संस्कारों की रक्षा की प्रेरणा मिली तो इसमें आ गया। अब आधुनिक पीढ़ी को सनातन संस्कृति व सभ्यता से जोडऩे के लिए गुरुकुल शुरू करने का लक्ष्य तय किया है। जिसमें आधुनिक शिक्षा के साथ पौराणिक शिक्षा का समन्वय होगा।

स. गुरुकुल कब तक अस्तित्व में आएगा और कर्म क्षेत्र पालवास चुनना कैसे हुआ?
ज. अभी मैं अयोध्या के हनुमानगढ़ी के मंदिर में पुजारी हूं। 12 साल पहले भ्रमण करते हुए पालवास आया तो करणी माता का मंदिर, लोगों का स्नेह व अच्छा वातावरण मिला तो यहीं का हो गया। गुरुकुल के लिए नाथावतपुरा के पास अजीत सिंह ने 12 बीघा जमीन दी है। मेरे पास तो आय का कोई साधन है नहीं। ईश्वर की कृपा से आमजन का सहयोग मिला तो दो- तीन साल में भवन निर्माण के बाद ये शुरू हो जाएगा।

स. सीकर आ रहे बाघेश्वर धाम महंत धीरेंद्र शास्त्री को त्रिकालदर्शी माना जाता है। दूसरी और सिद्धियों को मुक्ति में बाधक भी माना जाता है। आप क्या कहेंगे?े
ज. इस संबंध में रामसुखदास महाराज ने कहा था कि एक साधक गुप्त भजन से जनकल्याण करने वाला अंर्तमुखी साधक होता है और दूसरा सिद्धियों से जन कष्टों को दूरता है। दोनों ही परमात्मा से जुड़ते हैं। धीरेंद्र शास्त्री सनातन को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ले जा रहे हैं। सीकर की धरती पर उनका स्वागत है।

स. साधु- संतों का राग राम की बजाय राज में बढ़ रहा है। अवसर मिलने पर क्या आप भी राजनीति में आएंगे?
ज. राजनीति जिम्मेदारी से हटे तो धर्मनीति ने हमेशा आगे आकर समाज की रक्षा की है। इसलिए संतों का राजनीति में आना गलत नहीं कहा जा सकता। बशर्ते की वह अपने कर्तव्यों को नहीं भूले। पर मेरे जीवन का लक्ष्य भजन करते हुए संस्कारयुक्त शिक्षा से समाज कल्याण है।

स. समाज के लिए कोई संदेश?
ज. श्रीलक्ष्मी गो पुष्टी महायज्ञ शेखावाटी के हर सनातनी का है। सभी जुडकऱ लाभ प्राप्त करें। समाज में ऐसे आयोजन करते रहें।