
सीकर. मिनी सचिवालय निर्माण के लिए जिला प्रशासन कलक्टे्रट की जमीन नीलाम करेगा। प्रशासन ने कलक्टे्रट परिसर की जमीन की अनुमानित कीमत लगभग 150 करोड़ रुपए आंकी है। इस राशि से तीन चरणों में मिनी सचिवालय का निर्माण होगा। कलक्टे्रट की जमीन का एक साथ खरीददार नहीं मिलने पर अलग-अलग फर्मों को भी जमीन बेची जाएगी।
फिलहाल जिला प्रशासन को नगर परिषद ने मिनी सचिवालय के निर्माण में आने वाले खर्चे के बराबर की राशि कलक्ट्रेट की जमीन के बदले में देने का प्रस्ताव दिया है। लेकिन इस फैसले पर अंतिम निर्णय राज्य सरकार स्तर पर होना है।
सांवली रोड पर प्रस्तावित मिनी सचिवालय फिलहाल तीन मंजिला बनाया जाएगा। इसकी डीपीआर भी बनकर तैयार हो चुकी है।
सांवली रोड स्थित बीड़ में मिनी सचिवालय बनने से सभी सरकारी कार्यालय एक ही परिसर में शिफ्ट होंगे। वहीं शहरवासियों को रोज-रोज लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी।
नगर परिषद ने भी दिया प्रस्तावकलक्टे्रट की जमीन को खरीदने का नगर परिषद ने भी जिला प्रशासन को दिया है।
नगर परिषद प्रशासन मिनी सचिवालय के निर्माण में आने वाली राशि का भुगतान करने के लिए तो तैयार है। परिषद यहां व्यावसायिक कॉम्पलेक्स का निर्माण कर बेचने की भी योजना बना रहा है।
चार वर्ष से कवायद
मिनी सचिवालय का प्रोजेक्ट पिछली सरकार के समय तैयार हुआ था। लेकिन विधानसभा चुनाव की आचार संहिता के बाद प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया। इसके बाद भाजपा सरकार में फिर मिनी सचिवालय के प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया गया। पिछले वर्ष कलक्टर-एसपी कॉन्फ्रेन्स में मुख्यमंत्री ने तत्कालीन जिला कलक्टर को मिनी सचिवालय की डीपीआर बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद बजट को लेकर समस्या आ रही थी। अब सरकार ने कलक्ट्रेट की जमीन को नीलाम कर मिनी सचिवालय बनाने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है।
कार्यालय होंगे शिफ्ट
मिनी सचिवालय का निर्माण भी तीन चरणों में पूरा होगा। जैसे-जैसे भवन निर्माण पूरा होगा वैसे-वैसे कलक्टे्रट परिसर को नीलाम किया जाएगा। मिनी सचिवालय में कलक्ट्रेट परिसर में संचालित कार्यालयों के अलावा जिला मुख्यालयय पर संचालित सभी कार्यालय शिफ्ट होंगे।
जाम से मिलेगी मुक्ति
मिनी सचिवालय बनने से शहर में लगने वाले जाम से शहरवासियों को मुक्ति मिलेगी। क्योंकि कलक्ट्रेट के कारण शहर में काफी जाम रहता है। कलक्ट्रेट के सांवली रोड स्थित मिनी सचिवालय में शिफ्ट होने से सांवली रोड क्षेत्र में भी डवलपमेंट होगा। फिलहाल जिला मुख्यालय पर सरकारी कार्यालय अलग-अलग जगह संचालित है। इस कारण आमजन को काफी परेशानी होती है। मिनी सचिवालय में सरकारी कार्यालय शिफ्ट होने से लोगों के साथ अधिकारी-कर्मचारियों को फायदा मिलेगा।
ऐसे समझें नक्शे को...
1. फ्रंट में होगा कलक्ट्रेट परिसर... मिनी सचिवालय के फ्रंट में कलक्ट्रेट परिसर होगा। इसमें जिला कलक्टर, उपखंड अधिकारी व तहसील और यूआईटी कार्यालय होगा।
2. ए-ब्लॉक में होगी पंचायतीराज... इसमें जिला पंचायतीराज विभाग के दोनों प्रकोष्ठ के साथ जिला मुख्यालय पर स्थापित विकास अधिकारियों के कार्यालय भी शिफ्ट होंगे।
3. अंतिम ब्लॉक में न्यायिक कार्यालय... अंतिम ब्लॉक में न्यायिक अधिकारियों के कार्यालय होंगे। एडवोकेट चैम्बर के दो ब्लॉक का निर्माण होगा। तीन मंजिल तक उन्हीं विभागों को आवंटित किए जाएंगे।
डीपीआर बनकर तैयार हो गई है। शुरुआत में यूआईटी से लगभग दस करोड़ लेकर काम शुरू किया जाएगा। इसके बाद कलक्टे्रट की जमीन को लगभग तीन चरणों में बेचा जाएगा। नगर परिषद ने भी कलक्ट्रेट की जमीन को लेने का प्रस्ताव दिया है। - नरेश कुमार ठकराल, जिला कलक्टर
Published on:
14 Oct 2017 05:49 pm
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