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आनंदपाल गैंग के इन जानी दुश्मनों को इंडियन आर्मी ने दबोचा, इन्होंने कर डाली थी ये हिमाकत

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श्रीगंगानगर/सीकर. आनंदपाल सिंह गैंग के सीकर के हिस्ट्रीशीटर मनोज ओला के साथी सुखदेव सिंह पर गांव सेवा में फायरिंग करने वाले पकड़े जा चुके हैं। इन्हें श्रीगंगानगर के राजियासर थाना इलाके में सोमवार शाम को सेना की महाजन फायरिंग रेंज में कार लेकर घुसने का प्रयास करते पकड़ा गया है। पांच हथियारबंद आरोपितों को सेना ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से काबू में किया। सैनिक संदिग्धों को पकडकऱ रेंज में ले गई, जहां उनसे जानकारी ली जा रही है। घटनाक्रम के अनुसार सोमवार शाम को एक कार में पांच संदिग्ध हथियारबंद युवकों ने महाजन फायरिंग रेंज में घुसने का प्रयास किया।

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सैनिकों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो आगे जाकर पांचों हथियारबंद युवक कार छोडकऱ भाग निकले। इस पर सेना के जवानों व ग्रामीणों ने उनका पीछा कर राजाणा माइनर के पास रोही में उनको दबोच लिया। उनसे पूछताछ शुरू की गई लेकिन उन्होंने कुछ नहीं बताया। इसी दौरान राजियासर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। सैन्यकर्मी व पुलिस पांचों संदिग्धों को रेंज में ले गए।

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राजियासर थानाधिकारी ने बताया कि सीकर निवासी मुकेश मीणा, अनिल कुमार, श्रवण जाट, देवेश पारीक व हरलाल जाट यहां लूटपाट के इरादे से आए थे। अनजान जगह होने से वे फील्ड फायरिंग रेंज में घुस गए। सैनिकों के रोकने पर यह गाड़ी छोडकऱ गोपालसर की रोही से भागते हुए आरडी 330 के बस स्टैण्ड से बस से भागने के प्रयास में थे. लेकिन इससे पहले सैनिकों ने उन्हें घेर लिया। उन्होंने उन्हें ग्रामीणों की मदद से पकडकऱ पुलिस को सुपुर्द कर दिया।

यह था सीकर फायरिंग का मामला

-9 अगस्त 2018 को गैंगस्टर आनंदपाल सिंह के राइट हैड रहे अपराधी सुभाष बराल के साथी हिस्ट्रीशीटर मनोज ओला पर सीकर की झुंझुनूं बाइपास पर गोलियां चलाई गई।
-छह गोलियां लगने के बाद गंभीर रूप से घायल मनोज ओला को सीकर के एसके अस्पताल से जयपुर रैफर करना पड़ा था।
-उपचार के बाद मनोज ओला की स्थिति खतरे से बाहर हो गई। इसी मामले को लेकर आनंदपाल के जानी दुश्मन राजू ठेहट गैंग के देवेश ने एक कमेंट किया।
-कमेंट आपत्तिजनक था। इसलिए मनोज ओला का साथी सुखदेवा राम व अन्य दिन में देवेश से समझाइश करने 13 सितम्बर 2018 को उसके घर गए।
-उस समय देवेश पर घर पर नहीं मिला। रात करीब दो बजे देवेश अपने साथियों के साथ सुखदेवा राम के घर के गया और वहां फायरिंग की।
-फायरिंग करने के आरोप में देवेश व उसके साथी तभी से फरार चल रहे थे।