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सीकर जाम स्थगित के बाद राहत की सांस लेने वाले प्रशासन के लिए चुनौती का दिन होगा 27 फरवरी

किसान नेताओं ने 27 फरवरी को आंदोलन की घोषणा करने की बात कही है।

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सीकर.

कर्जा माफी की मांग को लेकर आंदोलनरत अखिल भारतीय किसान सभा के शनिवार को प्रदेशव्यापी चक्काजाम के स्थगित होने के ऐलान के बाद राज्य सरकार व जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली। अब राज्य सरकार को किसानों के अगले चरण के आंदोलन की रणनीति का इंतजार है। क्योंकि किसान नेताओं ने 27 फरवरी को आंदोलन की घोषणा करने की बात कही है। इधर, प्रशासन ने किसान आंदोलन को लेकर राज्य सरकार को पूरी रिपोर्ट भिजवा दी है। इसमें किसानों की मुख्य मांग व कानून व्यवस्था के बारे में जानकारी दी है।


अस्थाई जेल बनाने का फैसला टला
किसान आंदोलन के चलते राज्य सरकार ने जिला प्रशासन के प्रस्ताव को स्वीकारते हुए सीकर में अस्थाई जेल बनाने की स्वीकृति दी थी। लेकिन एकबारगी आंदोलन शांत होने पर जिला प्रशासन ने अस्थाई जेल बनाने के फैसले को टाल दिया है। हालांकि प्रशासन ने अस्थाई जेल के लिए जगह लगभग चिन्हित कर ली थी।


मामला दर्ज करने को लेकर कुछ तय नहीं

किसान नेताओं के खिलाफ रास्ता जाम व शांतिभंग सहित अन्य धाराओं में दर्ज मामलों को लेकर अभी सरकार ने कुछ भी स्पष्ट नहीं किया है। वहीं सीकर में रामूका बास तिराहे के पास हाइवे जाम करने पर पहले मामला दर्ज कराने की तैयारी थी। लेकिन देर शाम तक इस संबंध में भी कोई आदेश जारी नहीं हुए।


समझौते के सभी बिन्दुओं को लागू करने का दबाव
जिला प्रशासन की ओर से किसान आंदोलन को लेकर भेजी रिपेार्ट में बताया कि किसान संगठन सितम्बर में सरकार के साथ हुई वार्ता के 13 बिन्दुओं को लागू करने की मांग कर रहे है।


13 बिंदु...

शेखावाटी के किसान नेताओं का कहना है कि सम्पूर्ण कर्जा माफी व 13 बिन्दुओं के मामले में राहत नहीं मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।


कर्जा माफी पर अब तक...
प्रदेश में 20 लाख से अधिक किसानों को फायदा मिलेगा। सीकर के एक लाख 7 हजार 452 किसानों को 465 करोड़ 48 लाख का कर्जा माफ होगा। यूपीए की सरकार के दौरान सीकर जिले में किसानों की कर्जा माफी में 7 हजार 188 किसानों के 15 करोड़ 58 लाख का कर्जा माफ किया।