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नक्सली इलाके में ऑपरेशन के दौरान जवान की मौत, तीन बेटियों ने कंधा देकर दी अंतिम विदाई

सीकर.जिले के टाटनवा गांव निवासी बीएसएफ जवान जितेन्द्र सिंह शेखावत की रविवार को छत्तीसगढ़ के रायपुर में नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन के दौरान शरीर में पानी की कमी से मौत हो गई।

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सीकर

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Sachin Mathur

Jul 20, 2021

नक्सली इलाके में ऑपरेशन के दौरान जवान की मौत, तीन बेटियों ने कंधा देकर दी अंतिम विदाई

नक्सली इलाके में ऑपरेशन के दौरान जवान की मौत, तीन बेटियों ने कंधा देकर दी अंतिम विदाई

सीकर.जिले के टाटनवा गांव निवासी बीएसएफ जवान जितेन्द्र सिंह शेखावत की रविवार को छत्तीसगढ़ के रायपुर में नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन के दौरान शरीर में पानी की कमी से मौत हो गई। जवान का अंतिम संस्कार मंगलवार को पैतृक गांव टाटनवा में सैनिक सम्मान से हुआ। जिसमें जवान की तीन बेटियों ने कंधा देकर जवान को अंतिम विदाई दी। शहीद अमर रहे के नारों के बीच छोटे भाई जोगेन्द्र सिंह ने मुखाग्नि दी। इससे पहले जवान की पार्थिव देह आज सुबह ही टाटनवा गांव पहुंची। जिसे ग्रामीण धोद बाईपास से ही तिरंगा यात्रा के साथ नारे लगाते हुए गांव लाए। यहां पारिवारिक रस्मों के बाद जवान की अंतिम यात्रा निकाली गई। जिसमें काफी संख्या में शामिल हुए लोगों ने मोक्षधाम तक की पूरी यात्रा में भी शहीद व भारत माता के जयकारे लगे। अंत्येष्टि स्थल पर पुष्प चक्र चढ़ाकर बीएसएफ के जवानों ने जवान को अंतिम सलामी दी। जिसके बाद छोटे भाई ने मुखाग्नि की अंतिम क्रिया की। जवान की अंतिम क्रिया के दौरान एसडीएम गरिमा लाटा, तहसीलदार रजनी यादव, पूर्व विधायक गोरधन वर्मा, कांग्रेस नेता राकेश मोरदिया, सीओ सिटी वीरेंद्र शर्मा, भाजपा नेता रामेश्वर रणवा सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।

बेसुध हुए मां, पत्नी व बेटियां
जवान जितेन्द्र सिंह की मौत से परिवार में दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मंगलवार सुबह भी जब जवान की पार्थिव देह घर पहुंची तो जवान की मां, पत्नी व तीनों बेटियों का रो- रोकर बुरा हाल हो गया। दुख से वे बार बार बेसुध हो रही थी। बड़ी मुश्किल से उन्हें संभाला गया। बाद में तीनों बेटियों ने अंतिम यात्रा में पिता को कंधा भी दिया। जिसे देख हर किसी की आंखों में नमी उतर आई।

एक महीने पहले आया था गांव
जवान जितेंद्र सिंह एक महीने पहले ही छुट्टियों में गांव आया था। परिवार के लोगों ने बताया कि सर्च ऑपरेशन से एक दिन पहले ही उन्होंने जवान से बात की थी। परिजनों ने बताया कि जितेन्द्र सिंह 2001 में बीएसएफ में कांस्टेबल पद पर भर्ती हुए थे। पिछले कुछ समय से वे छत्तीसगढ़ के रायपुर में तैनात थे।

शहीद के दर्जे को लेकर असमंजस
जवान जितेन्द्र सिंह के शहीद के दर्जे को लेकर फिलहाल असमंजस बना हुआ है। जिला सैनिक कल्याण अधिकारी हीर सिंह के अनुसार उनके पास अब तक जवान जितेन्द्र सिंह को शहीद घोषित किए जाने की सूचना नहीं है। जबकि पार्थिव देह के साथ आए बीएसएफ अधिकारियों के मुताबिक सर्च ऑपरेशन में मौत की वजह से जवान जितेन्द्र सिंह को शहीद का दर्जा मिलेगा। बहरहाल ग्रामीणों ने जवान को शहीद का दर्जा दिए जाने की मांग शुरू कर दी है।