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सरकारी स्कूल पर ग्रामीणों ने अपनी जेब से खर्च किए 55 लाख रुपए, सरकार का था ये जवाब

राजस्थान पत्रिका के नींव अभियान से प्रेरित होकर ग्रामीणों ने गांव में पहले से मौजूद स्कूल के जर्जर भवन को तुड़वाकर पूरा नया स्कूल भवन ही खड़ा कर दिया।

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प्रभाष नारनोलिया/लक्ष्मणगढ़.

राजस्थान सरकार ने स्कूल के नए भवन के लिए पैसा देने से मना कर दिया तो ग्रामीणों ने खुद विद्यालय की तस्वीर बदलने की ठान ली। मामला शहीद लियाकत अली राजकीय माध्यमिक विद्यालय खीरवा (लक्ष्मणगढ़) से जुड़ा है। खीरवा गांव के ग्रामीणों के जज्बे से अब सरकारी स्कूल की तस्वीर ही बदल गई।

राजस्थान पत्रिका के नींव अभियान से प्रेरित होकर ग्रामीणों ने गांव में पहले से मौजूद स्कूल के जर्जर भवन को तुड़वाकर पूरा नया स्कूल भवन ही खड़ा कर दिया हैं। इस कार्य में ग्रामीणों की ओर से लगभग 55 लाख रुपए की राशि भी खर्च की गई हैं। वर्तमान में विद्यालय में गांव के लगभग 210 छात्र अध्ययन कर रहे हैं। खीरवा गांव का शहीद लियाकत अली राजकीय माध्यमिक विद्यालय अन्य जिलों के लिए रोल मॉडल साबित हो रहा है।

हर एक ग्रामीण ने किया सहयोग

स्कूल भवन के निर्माण कार्य की बराबर निगरानी कर रहे ग्रामीण सुरेन्द्र सिंह निर्वाण व सेवानिवृत्त प्राचार्य युसुफ अली ने बताया कि गांव में 1965 में स्थापित हुई स्कूल काफी जर्जर अवस्था में हो गई थी। ग्रामीणों की ओर से सरकार को नया भवन बनवाने की मांग की गई थी, परन्तु सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया। गत वर्ष सभी ग्रामीण एक जाजम पर आए और ग्रामीणों के सहयोग से स्कूल की कायापलट करवाने का प्रस्ताव रखा। ग्रामीणों ने इस प्रस्ताव सहर्ष स्वीकृति प्रदान की और मौके पर ही पांच लाख रुपए की राशि भी एकत्रित हो गई।

बाद में सभी ग्रामीणों ने अपनी अपनी इच्छानुसार आर्थिक सहयोग देना शुरू कर दिया और इस प्रकार लगभग 55 लाख रुपए की राशि एकत्रित हो गई। राशि एकत्रित होने के बाद गत मई माह में नए भवन का निर्माण कार्य शुरू किया गया था और वर्तमान में स्कूल भवन का निर्माण करवाकर उस पर रंग रोगन भी करवा दिया गया हैं। चारदीवारी व शौचालय का निर्माण कार्य करवाया जा रहा हैं। निर्वाण ने बताया कि नये भवन के निर्माण में सभी ग्रामीणों ने तन, मन और धन से पूरा सहयोग दिया और लगातार जारी हैं।

यहां हुई राशि खर्च

संस्था में कार्यरत विज्ञान शिक्षक कमल किशोर गोयनका ने बताया कि ग्रामीणों की ओर से लगभग 55 लाख रुपए की राशि से नए भवन का निर्माण कार्य कराया गया हैं। नए भवन में ग्रामीणों ने 20 लाख की राशि खर्च कर सात कमरों का निर्माण करवाया। वहीं दूसरी तरफ 25 लाख रुपए की लागत से स्कूल के पास में स्थित निजी जमीन को भी खरीद लिया।

वहीं आठ से दस लाख रुपए की लागत से चारदीवारी व शौचालय निर्माण, स्कूल परिसर में सीमेंटेड ब्लॉक जड़वाने, नए भवन के रंग रोगन तथा बिजली व पानी की फिटिंग में खर्च किए। गोयनका ने बताया कि इसके अलावा इन कमरों के ऊपर भी ग्रामीणों की ओर से सात कमरों का निर्माण कार्य प्रस्तावित हैं। जिसके प्रयास ग्रामीणों की ओर से किए जा रहे हैं।

प्रोजेक्ट व्यवस्था बना रखी है

पत्रिका की ओर नींव अभियान से स्कूल की कायापलट करने के बारे में एक प्रेरणा मिली। पत्रिका के अभियान के आह्वान पर जिस प्रकार जिले के विभिन्न गांवों में ग्रामीणों ने सरकारी स्कूलों की दशा सुधारने के लिये प्रयास कि ये, उससे खीरवा गांव के ग्रामीणों में भी एक नई ऊर्जा का संचार हुआ और परिणाम सबके सामने हैं। भविष्य में स्कूल परिसर में पढ़ाई व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिये सीसीटीवी कैमरे, बच्चों के लिये झूले व प्रोजेक्टर आदि की भी व्यवस्थायें करने की योजना बना रखी हैं।
-सुरेन्द्र सिंह निर्वाण (ग्रामीण), खीरवा, लक्ष्मणगढ़ (सीकर)