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सीकर : आलीशान मकान के अंडरग्राउंड में चल रहा था ऐसा काम, यूं सप्लाई करता था माल

शहर के बीचोंबीच कॉलोनी स्थित आलीशान मकान और उसके आगे का रास्ता बंद। ताकि कोई गली में कोई अंजान आदमी घुसे नहीं।

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सीकर.

शहर के बीचोंबीच कॉलोनी स्थित आलीशान मकान और उसके आगे का रास्ता बंद। ताकि कोई गली में कोई अंजान आदमी घुसे नहीं। इसके बाद मकान के अंदर हॉल में लगा बच्चों का झूला और इसके नीचे बनी सुरंग। जिसमें छुपा कर रखा हुआ था लाखों रुपए का नकली गुटखों का कच्चा माल। लेकिन, जब सुरंग की तलाशी ली गई तो उसमें बरामद हुए करीब 25 लाख रुपए का माल और छह नामी कंपनियों के रैपर रोल देखकर कंपनी प्रतिनिधि और पुलिस भी हैरत में पड़ गई। मौके से गुटखों का नकली माल बनाने वाली दो मशीनों को बरामद किया गया और माल को जब्त कर कारोबार को अंजाम दे रहे मकान मालिक श्यामलाल सैनी को हिरासत में लेकर पुलिस थाने ले गई। लेकिन, कॉलोनी के अंदर सालों से संचालित हो रही नकली गुटखों की फैक्ट्री शहर में पूरे दिन चर्चा का विषय बनी रही कि आखिर न तो इसकी भनक स्वास्थ्य विभाग को लगी। बल्कि पुलिस भी अंजान बनी रही। जो कि, किसी के गले नहीं उतर रहा।


बेसमेंट में चलता था कारखाना
पुलिस के अनुसार श्यामलाल ने अपने मकान को इस तैयार कर रखा है कि बाहर से देखने पर पता ही नहीं चलता कि पीछे की साइड में अंडरग्राउंड तीन कमरे बना रखे हैं। जिसमें गुटखों का नकली माल मिलाने के लिए मिक्सर मशीन व पैकिंग मशीन फिट कर रखी थी। यहां नकली माल तैयार करने के बाद उसकी यहीं पैकिंग कर दी जाती और मिलते-जुलते रैपर में मसाला भरकर उसको बेचने के लिए निकाल दिया जाता था।


पुलिस ने यहां से छह नामी कंपनियों का करीब डेढ़ सौ किलो कच्चा माल सहित चार सौ किलो का नकली सामान बरामद किया है। जिसको बाद में एक पिकअप गाड़ी में भर कर थाने ले जाया गया। हालांकि जानकारी में आया है कि गुटखों के अलावा और भी कई उत्पाद थे जो कि, श्यामलाल के घर तैयार किए जाते थे। कारोबार में उसके एक लडक़े का नाम भी सामने आ रहा है।


जानलेवा केमिकल
माल की जांच करने आए तानसेन कपंनी के डिस्ट्रीब्यूटर प्रहलाद गुप्ता व संदीप शर्मा ने बताया कि पान मसाले के इस कच्चे माल में खुशबू के लिए पैरासिन नाम का केमिकल मिलाया जा रहा था। जिसकी अधिक मात्रा पान मसाला चबाने वाले के लिए जानलेवा भी साबित हो सकती है। मौके पर तानसेन, तुलसी , मिराज, विमल, पानबहार व दिलबाग की पैकिंग में भरे जाने वाले नकली माल के दस कार्टन मिले हैं। इसके अलावा 15 रोल तानसेन, पांच दिलबाग, दो रोल विमल गुटखे के बरामद हुए हैं। जिनकी कीमत 20 से 25 लाख रुपए की बताई जा रही है।

ऐसे पकड़ में आया मामला
तानसेन कंपनी के डिस्ट्रीब्यूटर संदीप शर्मा के अनुसार तीन दिन पहले जयपुर में एक सेल्समैन कम कीमत में माल बेच रहा था। उसे पकड़ा तो मालूम हुआ कि माल तो नकली है। उससे माल खरीदने वाले का पता पूछा गया तो राधाकिशनपुरा में श्यामलाल द्वारा फैक्ट्री खोलने की बात सामने आई। एक दिन पहले जब श्यामलाल के घर कंपनी के लोग पहुंचे तो उसने माल तैयार करने की बात से मना कर दिया। इसके बाद मकान की घेराबंदी कर सुबह पुलिस को साथ लेकर आए तो श्यामलाल व उसका परिवार सकते में आ गया। हैरत तब हुई जब हॉल के अंदर बच्चे का झूला रखा हुआ था और उसके नीचे लगे ढ़क्कन को दरी से ढक़ रखा था। पहले तो पता नहीं लगा लेकिन, बाद में दरी के नीचे ढ़क्कन नजर आया तो कंपनी वालों को शक हुआ और ढ़क्कन हटाने के बाद सुरंगनुमा गली में उतर रही सीढिय़ां देखकर मामला पकड़ में आ गया।


दो दिन से पीछे थी पुलिस
हालांकि नकली गुटखा फैक्ट्री की सूचना जरिए मुखबिर सबसे पहले शहर कोतवाल के पास पहुंची। दो दिन रैकी कर कोतवाल महावीर सिंह राठौड़ ने उच्च अधिकारियों को अवगत कराया और इसके बाद उद्योग नगर थाने की टीम को भेजकर श्यामलाल को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया।


कबाड़ी से खरीदी थी मशीन
उद्योग नगर के एसएचओ राममनोहर ने बताया कि आरोपित श्यामलाल सैनी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इसने कबूला है कि गुटखों का नकली व्यापार शुरू करने के लिए यह जयपुर कबाड़ी बाजार से मशीनें खरीद कर लाया था। पुलिस यह पता लगाना चाह रही है कि इस कारोबार में इसके साथ और कौन-कौन शामिल हैं और घटिया माल की बिक्री ये लोग कहां-कहां सप्लाई करते थे।


विभाग की लापरवाही
मामले में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही खुलकर सामने आई है। जबकि कोटपा एक्ट के तहत इस तरह नकली तंबाकू उत्पाद करने वाली फर्म के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए थी। सूत्रों का कहना है कि विभाग ने इस मामले में पिछले तीन साल में अभी तक एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जो कि, सवालों के घेरे में है।


मचा हडक़ंप
क्षेत्र में हडक़ंप मच गया। कॉलोनी के लोग छतों पर खड़े होकर माजरा देखने लगे। हालांकि इस दौरान श्यामलाल का परिवार सदमे में था। इधर, आरोपित श्यामलाल का कहना था कि बदनाम करने के लिए पड़ौसियों ने मेरे खिलाफ साजिश रची है।


दर्जनभर चेक बाउंस
सीओ सिटी गिरधारी लाल शर्मा के मुताबिक आरोपित श्यामलाल के खिलाफ 10 से 12 बैंक चैक बाउंस हो चुके हैं।


रात को बाइक पर होती थी सप्लाई
नकली गुटखा की सप्लाई देर रात तक होती थी। पुलिस रैकी के दौरान एक दिन पहले भी दो बाइक सवार श्यामलाल के घर से गुटखे की सप्लाई बाइक पर करके ले जा रहे थे। हालांकि पुलिस ने इनका पीछा भी किया बताया लेकिन, वे लोग अंधेरे का फायदा उठाकर पार हो गए थे।