29 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

सीकर मेडिकल कॉलेज नहीं होगा जयपुर के भरोसे

कॉलेज के प्रथम बैच के लिए फेकल्टी हुई पूरी
1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

सीकर

•

image

Ashish Joshi

•

Updated: 14 Feb 2021, 11:13 PM IST

सीकर मेडिकल कॉलेज नहीं होगा जयपुर के भरोसे

सीकर मेडिकल कॉलेज नहीं होगा जयपुर के भरोसे

सीकर. सांवली स्थित कल्याण राजकीय मेडिकल कॉलेज में पढऩे वाले भावी चिकित्सकों के लिए अच्छी खबर है। प्रदेश के अन्य मेडिकल कॉलेज की बजाए सीकर मेडिकल कॉलेज में बतौर फेकल्टी नियुक्ति के लिए भी चिकित्सकों ने वरीयता दी है। सीकर मेडिकल कॉलेज को १४ नई फेकल्टी नई है। जिनमें ११ फेकल्टी वरिष्ठ है। यही कारण है कि सीकर मेडिकल कॉलेज में प्रथम सत्र के जरूरी फेकल्टी की कमी पूरी हो गई है। जिस कारण अब सीकर मेडिकल कॉलेज को मान्यता लेने के लिए जयपुर या अन्य मेडिकल कॉलेज से भेजी जाने वाली फेकल्टी की समस्या से निजात मिल गई है। गौरतलब है कि मेडिकल कॉलेज के प्रथम सत्र के लिए पढ़ाने के लिए ५८ फेकल्टी की जरूरत है।
-----------------------
ये नई फेकल्टी मिली
कॉलेज के प्रिंसीपल डा के के वर्मा ने बताया कि शनिवार को जारी लिस्ट के अनुसार सीकर मेडिकल कॉलेज के लिए १४ नई फेकल्टी की नियुक्ति हुई है। जिनमें गायनी और एनाटमी के एक-एक प्रोफेसर मिले हैं। जनरल मेडिसिन के दो, एनेस्थिसिया के दो, आर्थोपेडिक्स के एक, पीडियाट्रिक्स के एक, माइक्रोबॉयोलॉजी के एक, फार्माकॉलोजी के एक, गायनी के एक पद पर सहआचार्य और एनेस्थिसिया के एक, रेडियोडायग्नोसिस के एक और साइकेट्री के एक सहायक आचार्य की नियुक्ति हुई है। इनमें से दो लोगो ने ज्वाइन कर लिया है। अन्य फेकल्टी सोमवार को ड्यूटी ज्वाइन करेगी।
--------------------------------
घट जाएगी लाइन
सीकर मेडिकल कॉलेज के संस्थापन प्रभारी और सह आचार्य डा रामरतन यादव ने बताया कि इन नई नियुक्तियों के कारण सबसे ज्यादा फायदा रेडियो डायग्नोसिस पर एमडी की नियुक्ति होने से होगा। कल्याण अस्पताल के सोनोग्राफी सेंटर पर रेडियोडायग्नोसिस के एमडी के बैठने से न केवल दोनो मशीन पर सोनोग्राफी हो सकेगी। वहीं विशेषज्ञ होने से परिणाम भी सटीक आएंगे। गौरतलब है कि इससे पहले कल्याण अस्पताल में सोनोग्राफी का जिम्मा एमबीबीएस या डिप्लोमा धारी चिकित्सकों के पास था। जिससे परेशानी हो रही थी।