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Sikar News: मौसम का मिजाज बदला तो सामने आई ये तस्वीर, बिजली निगम जुटा तैयारियों में

एक्सपर्ट ने बताया कि इस साल जिले में बिजली खपत का आंकड़ा पीक सीजन में 150 लाख यूनिट को भी पार कर सकता है।

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सीकर

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Santosh Trivedi

Apr 20, 2026

Rajasthan Cheap Electricity RERC New rule implemented Consumers will get cheap electricity from DF-DSM

फाइल फोटो पत्रिका

सीकर। मौसम का मिजाज बदलते ही बिजली की खपत का आंकड़ा भी चढ़ने लगा है। अप्रेल की शुरुआत में जहां बारिश और ओलावृष्टि की वजह से जिले में रोजाना बिजली की खपत का आंकड़ा 70 लाख तक पहुंच गया था।

अब पारे में बढ़ोतरी के साथ बिजली खपत का आंकड़ा भी बढ़ गया है। जिले में 15 दिन में बिजली खपत का आंकड़ा 31 लाख तक बढ़ गया है। रविवार को बिजली का खपत का आंकड़ा 101 लाख यूनिट तक पहुंच गया।

बिजली निगम के अधिशाषी अभियंता संजीव पारीक ने बताया कि उपभोक्ताओं को गुणवत्ता पूर्ण बिजली सप्लाई देने के लिए निगम टीम लगातार मुस्तैद है। एक्सपर्ट ने बताया कि इस साल जिले में बिजली खपत का आंकड़ा पीक सीजन में 150 लाख यूनिट को भी पार कर सकता है।

इधर, पूरे डिस्कॉम क्षेत्र की बात करें तो पिछले 10 दिन में 700 से 750 मेगावाट तक बिजली की खपत पहुंच गई है। अप्रेल से जून तक बिजली की खपत ज्यादा होती है। विशेषत: शाम 7 से सुबह 5 बजे तक ज्यादा डिमांड बढ़ती है। पिछले साल अप्रेल में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था। भीषण गर्मी के कारण बिजली की डिमांड 750 से 850 मेगावाट तक पहुंच गई थी।

इस साल अप्रेल के शुरुआत में बरसात, ओलावृष्टि और बादलों के कारण बिजली की खपत कम रही। लेकिन बीते दस दिन में सूरज के तीखे तेवर के चलते बिजली की खपत बढ़ गई है।

एसी-कूलर-पंखों ने बढ़ाई खपत

इन दिनों औसत तापमान 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच है। घरों-दफ्तरों और अन्य संस्थानों में एसी, कूलर और पंखे लगातार चलने से बिजली की दैनिक डिमांड 700 से 750 मेगावाट तक पहुंच चुकी है। उपभोकता 2 किलोवाट के बिजली कनेक्शन से तीन-चार किलोवाट तक पंखे, एसी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, हाईपावर मशीन, घरेलू आटा चक्की और अन्य उपकरण चला रहे हैं।

छीजत रोकना बनी चुनौती

बिजली की छीजत रोकने की कोशिशों और नवाचार के बावजूद विद्युत के अवैध उपयोग से करीब 3 से 5 प्रतिशत विद्युत छीजत जारी है। जिससे अनियमित वोल्टेज और ट्रिपिंग हो रही है। तेज गर्मी, आंधी-तूफान, बरसात के दौरान समस्या बढ़ती है।

इस तरह होती है बिजली की खपत

1500 वॉट एसी
750 वॉट मिक्सर-ग्राइंडर
600 वॉट वाॅशिंग मशीन
300 वॉट कूलर
250 वॉट रेफ्रिजरेटर
250 वॉट कंप्यूटर
10 वॉट छोटे स्टडी लैंप
75 वॉट पंखा
40 वॉट ट्यूबलाइट-बल्ब
1000 वॉट वाटर मशीन

कोचिंग जोन में अभी से ओवरलोड सिस्टम

कोचिंग जोन में लगातार छात्रावासों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। एक्सपर्ट ने बताया कि कोचिंग जोन क्षेत्र में अभी से सिस्टम ओवरलोड होने लगा है। एक्सपर्ट का कहना है कि यदि निगम की ओर से सिस्टम को अपग्रेड नहीं किया गया तो चुनौती बढ़नी तय है।