
Uranium Project In Sikar
अजय शर्मा
Uranium Project In Sikar : सीकर। देश और प्रदेश में अब एक ही राजनीतिक दल (भाजपा) की सरकार है। ऐसे में इस 'डबल इंजन सरकार' बनने से कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर फिर से काम शुरू होने की उम्मीद है। पिछले दो वर्षों से पर्यावरण विभाग की एनओसी, बिजली कनेक्शन, राजस्व तथा खनन विभाग सहित पेंचों की वजह से राजस्थान का यूरेनियम प्रोजेक्ट भी उलझा रहा। अब इस प्रोजेक्ट को रफ्तार मिलने की उम्मीद है। यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल) की ओर से देश के तीसरे यूरेनियम प्लांट के लिए पिछले आठ वर्षों से तैयारी की जा रही है।
खंडेला इलाके के रॉयल गांव में प्रस्तावित प्रोजेक्ट के लिए सुरंग व चारदीवारी का काम लगभग पूरा हो चुका है। यहां लगभग 1086.46 हेक्टेयर क्षेत्र में यूरेनियम के भण्डार होने का अनुमान है। एक्सपर्ट का मानना है कि यहां के यूरेनियम से 40 साल तक 800 मेगावाट बिजली प्राप्त की जा सकती है।
3 हजार करोड़ का होगा निवेश, पांच हजार को रोजगार
यूरेनियम कारपोरेशन ऑफ इंडिया की ओर से खंडेला के रॉयल इलाके में लगभग 3 हजार करोड़ का निवेश किए जाने की संभावना है। यूरेनियम प्लांट से सीकर जिले के लगभग 5 हजार लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार मिल सकेगा। सह उत्पादों के आधार पर क्षेत्र में सह उद्योग की स्थापना की राह भी आसान होगी।
आंकड़ों में समझें पूरे प्रोजेक्ट को
-सर्वे की कवायद : वर्ष 1998
-ड्रिल से खुदाई : 1999 से
-यूरेनियम की पुष्टि : 2005 में
-प्रोजेक्ट के लिए कवायद : 2016 से
-यूरेनियम के लिए सुरंग : 1 किलोमीटर
-सुरंग की चौड़ाई : 6 मीटर
-सुरंग पर खर्चा : 22 करोड़ से अधिक
-प्रोजेक्ट पर कुल संभावित खर्चा : 3 हजार करोड़
-रॉयल में कितने भंडार की आस : 12 मिलियन टन
-कितने क्षेत्र में यूरेनियम : 1086.46 हेक्टर
होमवर्क पूरा हरी झंडी का इंतजार
प्रदेश में पांच साल कांग्रेस और केन्द्र में भाजपा की सरकार होने की वजह से यह प्रोजेक्ट अनुमति के फेर में उलझा रहा है। भाजपा नेताओं की तरफ से भी कई बार तत्कालीन राज्य सरकार पर अनुमति में ढिलाई बरतने के भी आरोप लगाए गए। एक्सपर्ट का कहना है कि यदि सरकार की ओर से पर्यावरण स्वीकृति सहित चार एनओसी जल्द जारी की जाती है तो खनन शुरू हो सकता है। यहां एनओसी के लिए फाइल सबमिट की चुकी है। वहीं विभागों की ओर से प्रोजेक्ट को लेकर होमवर्क भी पूरा किया जा सकेगा।
दुनिया में और कहां है यूरेनियम
भारत के अलावा दुनिया के कई देशों में यूरेनियम के भंडार हैं। दुनिया में सर्वाधिक यूरेनियम का उत्पादन कजाकिस्तान, कनाडा और आस्ट्रेलिया में होता है। इसके अलावा निगेर, रुस, नामीबिया, उज्बेकिस्तान, यूएस व यूक्रेन में भी यूरेनियम खनिज मिला है।
पत्रिका एक्सपर्ट व्यू
यूरेनियम को मुख्य तौर पर बिजली बनाने के काम में लिया जाता है। परमाणु उर्जा के अलावा दवा, रक्षा उपकरणों, फोटोग्राफी सहित अन्य में भी यूरेनियम काम आता है। यूरेनियम प्रोजेक्ट सीकर में शुरू होने से राजस्थान में उद्योग और तेजी से रफ्तार पकड़ेंगे।-राजीव बगडिय़ा, प्राध्यापक भूगोल
Published on:
14 Dec 2023 03:33 pm
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