
धोद तहसील विवाद मामले में अब राहत की तैयारी, नई बनेगी सीकर ग्रामीण तहसील
सीकर. राजस्थान के सीकर जिले में धोद तहसील कार्यालय के धोद में स्थानांतरित करने के बाद लगातार बढ़ते आदंोलनों के बीच सरकार ने अब राहत देने की तैयारी कर ली है। जिला कलक्टर ने सीकर ग्रामीण तहसील के प्रस्ताव की अधिसूचना जारी कर दी है। सरकार के मंजूरी के बाद जल्द सीकर तहसील की घोषणा हो सकेगी। जिला कलक्टर अविचल चतुर्वेदी की ओर से जारी आदेश में बताया कि सीकर ग्रामीण तहसील में भू-अभिलेख निरीक्षक कार्यालय के कूदन, रसीदपुरा, सबलपुरा, सिहोटी छोटी, दुजोद व नानी नव सृजित के क्षेत्र को शामिल किया जाएगा। जबकि पटवार मंडल की बात करें तो कूदन, गोठड़ा भूकरान, पलथाना, जेरठी, रसीदपुरा, सांवलोदा पुरोहितान, सांवलोदा धायलान, खाखोली, सबलपुरा, किरडोली, झीगर छोटी, भढ़ाडर, सिहोटी छोटी, श्यामपुरा, सेवा, सेवद बड़ी, दुजोद, मण्डावरा, पुरां बड़ी, कासली, कंवरपुरा, चंदपुरा, नानी व हर्ष को शामिल किया गया है। गौरतलब है कि पिछले महीने प्रशासन ने सीकर में संचालित धोद तहसील को धोद में शिफ्ट कर दिया था। इसके बाद कुछ संगठनों ने प्रशासन के फैसले को सराहा। वहीं कई संगठनों के साथ कुछ ग्राम पंचायत क्षेत्र के लोगों ने दूरी बढऩे की वजह से विरोध किया था।
इसलिए उठी सीकर ग्रामीण तहसील की मांग
धोद इलाके की 20 से अधिक ग्राम पंचायत सीकर के नजदीक है। इन क्षेत्रों के लोगों का कहना है कि तहसील कार्यालय की दूरी बढऩे की वजह से छोटे-छोटे कार्याो के लिए परेशानी होगी। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत समिति सहित अन्य कार्यालय सीकर में होने की वजह से अन्य क्षेत्र के लोगों को दिक्कत होगी।
सबलपुरा में होगा कार्यालय
जिला प्रशासन के अनुसार नव सृजित सीकर ग्रामीण तहसील का कार्यालय सबलपुरा में होगा। क्योंकि ग्रामीणों की ओर से लगातार यह भी मांग की जा रही थी कि सीकर ग्रामीण तहसील का कार्यालय बाईपास इलाके में ही स्थापित हो, जिससे लोगों की आवागमन की राह भी सुगम हो सके।
नई घोषणा में पर्दे के पीछे सियासत भी जमकर
बजट बहस की चर्चा के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने तहसील कार्यालय को लेकर घोषणा की। लेकिन इसमें बताया गया कि धोद तहसील स्थापित होगी। जबकि धोद में तहसील कार्यालय पहले से है। वहीं लगातार बढ़ते आंदोलन के बाद सियासत भी नजर आने लगी। वहीं अधिवक्ताओं ने भी आंदोलन के बाद मुख्यमंत्री से मुलाकात कर इस मामले में पक्ष रखा था।
आठ साल से उलझा हुआ था मामला
धोद तहसील कार्यालय शिफ्ट होने का मामला आठ साल से उलझा हुआ था। धोद के ग्रामीणों की ओर से तहसील व एसडीएम कार्यालय को सीकर से गांव में शिफ्ट करने की मांग की। प्रशासन ने तहसील कार्यालय को तो धोद में शिफ्ट कर दिया। लेकिन एसडीएम व पंचायत समिति कार्यालय फिलहाल सीकर में ही संचालित है।
तहसील कार्यालय की स्थापना को लेकर जो आप जानना चाहते है...
1. प्रशासन की की ओर से अधिसूचना जारी करने की वजह, इससे क्या फायदा होगा।
-नए कार्यालय की स्थापना से पहले अधिसूचना जारी करने का प्रावधान है। इसके बिना कोई भी कार्यालय नहीं खुल सकता है, ताकि किसी को कोई आपत्ति हो तो उनका पक्ष भी सुना जा सके। अधिूसचना का सीधे तौर पर मतलब यह है कि सीकर ग्रामीण तहसील को यदि सरकार ने अनुमति दी यह क्षेत्र इसमें शामिल हो सकेंगे। सरकार चाहे तो इसमें बदलाव कर सकती है।
2. सीकर ग्रामीण तहसील की कब तक घोषणा हो सकती है।
सरकार की ओर से जिला प्रशासन की ओर से जारी अधिसूचना का अध्ययन किया जाएगा। इसके बाद इसकी स्वीकृति जारी होगी। इसके बाद कार्यालय में पद सृजित करने के लिए फाइल राजस्व मंडल के जरिए वित्त विभाग तक जाएगी। अगले महीने तक आदेश जारी होने की संभावना है।
3. सीकर तहसील का कार्यालय कहां तक स्थापित हो सकता है।
-सीकर ग्रामीण तहसील का कार्यालय सबलपुरा या बाईपास क्षेत्र में स्थापित होने की संभावना है।
4. सीकर ग्रामीण तहसील में किन क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा।
-धोद तहसील से जिन कार्यालयों की दूरी अधिक है उनको सीकर ग्रामीण तहसील के जरिए राहत देने का प्लान है।
इनका कहना है
सीकर ग्रामीण तहसील की अधिसूचना जारी कर दी है। राÓय सरकार से मंजूरी के बाद कार्यालय स्थापना के आदेश जारी होंगे। इस संबंध में राÓय सरकार को भी प्रस्ताव भिजवा दिया गया है। इससे लोगों को सरकारी कामकाम में और अधिक राहत मिल सकेगी।
धारासिंह मीणा, अपर जिला कलक्टर, सीकर
Published on:
11 Mar 2022 12:03 pm
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