
Collision Between 2 Cars And 1 Bike: सीकर-सालासर हाईवे पर गनेड़ी गांव के पास दो कार और एक बाइक की भिड़ंत में दो जनों की मौत हो गई वहीं पांच जने घायल हो गए। हादसा इतना भीषण था कि एक कार में सवार सभी लोग बुरी तरह से घायल हो गए। कार भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना पर उपखंड अधिकारी राजवीर सिंह यादव, तहसीलदार अविनाश, थानाधिकारी रामकिशन यादव मौके पर पहुंच गए। क्षतिग्रस्त वाहनों में घायल लोग बुरी तरह से फंस थेे। जेसीबी की मदद से घायलों को वाहनों से निकाला गया।
थानाधिकारी रामकिशन यादव ने बताया कि कांकरोली के होजाड़ा निवासी शिवकुमार सोनी परिवार के साथ खाटूश्याम व सालासर दर्शनों के लिए आए थे। खाटू दर्शन के बाद परिवार कार से सालासर जा रहे थे। गनेड़ी गांव से निकलते ही सामने से आ रही एक गुजरात नंबर की कार ने एक बाइक सवार को टक्कर मारने के बाद शिवकुमार की गाड़ी से जा भिड़ी। हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर भीड़ जमा हो गई।
गाड़िय़ों में से घायलों को ग्रामीणों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। सालासर, नेछवा, जाजोद व मीठड़ी की 108 एंबुलेंस को बुलाकर सभी घायलों को नेछवा के उपजिला चिकित्सालय लाया गया। जहां बाइक सवार नागौर के झलालड़ निवासी रामदेव हरिजन की मौत हो गई। घायल संजय सोनी ने सीकर में दम तोड़ दिया। गंभीर हालत में शिवकुमार सोनी व उसकी पत्नी ममता सोनी, बहन चन्दा देवी सोनी, चंदा देवी की पुत्री प्रियंका सोनी, बेटा संजय सोनी व चालक किशन लाल को नेछवा से सीकर रैफर कर दिया गया। उसके बाद सभी घायलों को सीकर व जहां से जयपुर रैफर कर दिया गया।
होजाड़ा से सालासर दर्शनों के लिए आए वाहन चालक के दोनों पैर बुरी तरह से फ्रेक्चर हो गए। कार का सामने का हिस्सा पिचकने से चालक व उसके पास बैठी सवारी के पैर भी पिचक कर कार में फंस गए। चालक किशनलाल को काफी मशक्कत से जेसीबी की मदद से निकाला गया।
हादसे में जान गंवाने वाले बाइक सवार रामदेव हरिजन अपनी बहन के पौते की शादी में शरीक होने आ रहा था। शादी वाले घर में बड़भती होने के कारण सभी उसका इंतजार कर रहे थे, लेकिन हादसे की सूचना पर शादी वाले घर में मातम छा गया। गुजरात नंबर की कार में बामणिया निवासी देवी सिंह व सुजानगढ़ निवासी विक्रम सवार थे। उनके मामूली खरोचें आई।
हादसे में घायल प्रियंका सोनी का एक साल का बच्चा भी कार में साथ था। कार सवार सभी गंभीर घायल होने के कारण रैफर कर दिया गया। लेकिन मासूम बच्चा नेछवा अस्पताल में ही रह गया। मासूम को रोते देख चिकित्साकर्मियों का दिल पसीज गया। बाद में एएनएम सुबिता उसे अपने घर ले गई तथा दूध पिलाकर उसे चुप कराया। मासूम की मां का जयपुर में इलाज चल रहा है।
Updated on:
26 Nov 2024, 11:32 AM IST
Published on:
26 Nov 2024, 11:31 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.