
Rajasthan Road Accident: उदयपुर के सुखेर थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात कार और डंपर की टक्कर से कार सवार पांच दोस्तों की मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलने पर घरों में कोहराम मच गया और उनका रो-रोकर हाल बुरा हो गया। इधर, शुक्रवार सुबह से मोर्चरी के बाहर बड़ी संख्या में रिश्तेदार और परिचित एकत्रित हो गए। सभी मृतकों के शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंपे गए। अंबेरी से देबारी की ओर जा रही कार और डंपर के बीच टक्कर में पांच युवकों की मौत के बाद पुलिस ने सभी के शव एमबी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाए। सुबह मृतकों के परिजन, रिश्तेदार और अन्य मोर्चरी के बाहर एकत्रित हो गए। दोपहर करीब एक बजे तक सभी का पोस्टमार्टम हुआ और परिजन एंबुलेंस में शवों को लेकर गए। इस दुर्घटना के बाद युवकों के परिजनों रो रोकर बुरा हाल है। मृतकों में सुखेर देलवाड़ा (राजसमंद) निवासी हिमत खटीक (32), उदयपुर के बेदला निवासी पंकज नगारची (24), खारोल कॉलोनी निवासी गोपाल नगारची (27), वाड़ा निवासी गौरव गोयल (23) और कानपुर खेड़ा निवासी नारायण गमेती की मौत हो गई।
सीसारमा निवासी गौरव जीनगर (23) के पिता भंवरलाल हैड कांस्टेबल है। उन्होंने बताया कि गुरुवार शाम करीब 7.30 बजे घर पर खाना खाते समय उसके दोस्त हिम्मत खटीक का कॉल आया। इसके बाद वह दोस्त से मिलने का कहकर घर से निकल गया। रात को ड्यूटी से जब वे घर पहुंचे तो उसे फोन किया तब उसने कहा था घर के पास ही है। थोड़ी देर में आ रहा है।
देलवाड़ा निवासी हिम्मत खटीक को कार चलाने का बेहद शौक था। उसके पिता मोहनलाल ने बताया कि दो माह पूर्व ही उसे एक कार दिलवाई थी। उसकी किस्ते हिम्मत ने भरने को कहा था। गुरुवार रात को हिमत उदयपुर में अपने दोस्तों से मिलने का कहकर घर से निकला था। जिसके बाद यह हादसा हो गया। हिम्मत दो भाइयों और एक बहन में बड़ा था।
बेदला निवासी पंकज नगारची के परिजनों ने बताया कि पंकज इंदौर में कैफे में नौकरी करता था। वह मंशा महादेव के व्रत उद्यापन के लिए 4 नवंबर को ही उदयपुर आया था। वह कुछ दिन बाद यहां से पुन: इंदौर जाने वाला ही था। गुरुवार शाम करीब 7 बजे दोस्तों के साथ घूमने की बात कहकर पंकज अपने घर से निकला था। जिसके बाद हादसा हो गया।
कानपुर खेड़ा निवासी नारायण गमेती की दो साल पहले शादी हुई थी। उसके 4 महीने की बेटी है। उसके रातभर घर नहीं जाने पर शुक्रवार सुबह उसके परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। इसके बाद क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने पुलिस को उसका फोटो भेजा तो पता चला कि दुर्घटना में नारायण की मौत हो गई है। वह किराणा की एक दुकान पर काम करता था।
खारोल कॉलोनी निवासी गोपाल नगारची के बड़े भाई राजेंद्र ने बताया कि गुरुवार सुबह पंकज और हिमत गोपाल को लेकर गए थे। इसके बाद शाम को दुर्घटना की सूचना मिली। गोपाल तीन भाइयों में सबसे छोटा था। वह किसी निजी कंपनी की गाड़ी चलाता था। हादसे में गोपाल की मौत की सूचना के बाद से ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
Updated on:
23 Nov 2024, 9:14 AM IST
Published on:
23 Nov 2024, 9:14 AM IST
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