22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

SPECIAL REPORT: देश को पावर व एनर्जी देगा सीकर का यूरेनियम

बिजली के मामले में बनेंगे आत्मनिर्भर

2 min read
Google source verification

सीकर

image

Ashish Joshi

Mar 10, 2022

SPECIAL REPORT: देश को पावर व एनर्जी देगा सीकर का यूरेनियम

SPECIAL REPORT: देश को पावर व एनर्जी देगा सीकर का यूरेनियम

SPECIAL REPORT:सीकर. देश की सामरिक व आर्थिक मजबूती में सीकर जिला Sikar District अब जल्द ही अहम भूमिका में होगा। जिले के खंडेला Khandela में मिले यूरेनियम uranium के भंडार के खनन के लिए यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया Uranium Corporation of India (यूसीआइएल) युद्ध स्तर पर तैयारी कर रहा है। सब उम्मीद के मुताबिक रहा तो वर्ष 2023 के अंत तक 3 हजार करोड़ का यूरेनियम पायलट प्रोजेक्ट uranium pilot project शुरू हो जाएगा। जिससे देश की 'पावर' व अर्थव्यवस्था Economy के साथ रोजगार को भी बड़ी मजबूती मिल सकेगी। गौरतलब है कि यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (यूसीआइएल) की ओर से देश भर में 10,500 करोड़ के ऐसे 13 प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। यहां खनन कार्य शुरू होने पर देश में तीन गुणा यूरेनियम का उत्पादन होगा। यूसीआइएल और परमाणु खनिज अन्वेषण एवं अनुसंधान निदेशालय Directorate of Atomic Minerals Exploration and Research (एएमडी) के साझा प्रयासों से 3 डी मॉडल के आधार पर रोयल में एक किलोमीटर लम्बी अनूठी सुरंग (अयस्क निकाय) खुदाई का काम चल रहा है। सीकर जिले से निकलने वाला यूरेनियम एनएसी (नेशनल फ्यूल कॉर्पोरेशन) को भेजा जाएगा।

40 साल तक मिल सकेगी 800 मेगावाट बिजली
वर्तमान में देश में भविष्य की बिजली जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से यूसीआइएल विदेशों में यूरेनियम माइनिंग लीज पर लेने की तैयारी कर रहा है। ऑस्ट्रेलिया, कजाकिस्तान, रूस, कनाडा, नामीबिया सहित कुल दस देशों में इसके विशाल भंडार है। वर्ष 2023 में सीकर प्रोजेक्ट शुरू होने के बाद भारत बिजली के मामले में आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाएगा। यहां के यूरेनियम से 40 साल तक 800 मेगावाट बिजली प्राप्त की जा सकती है। अब तक के अन्वेषण के अनुसार खंडेला के यूरेनियम भंडार की गुणवत्ता देश में सबसे बेहतर है।

मजबूत होगी अर्थव्यवस्था, बढ़ेगा रोजगार
यूरेनियम से देश की अर्थव्यवस्था व रोजगार को मजबूती मिलेगी। अभी देश की बड़ी बजट राशि विदेशों से यूरेनियम खरीद में खप रही है। जिसकी देश में ही उपलब्धता बढऩे पर अर्थ व्यवस्था को बड़ा फ ायदा होगा। इसके अलावा खंडेला में यूरेनियम प्लांट से एक हजार लोगों को स्थाई नौकरी के साथ प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से करीब 20 हजार युवाओं को रोजगार मिल सकेगा।

400 फीट नीचे हो रही सुरंग खुदाई
रोयल व सुहागपुरा गांव में फि लहाल 400 फीट नीचे तक सुरंग खुदाई चल रही है। यह एक किलोमीटर लम्बी व 6 मीटर चौड़ी होगी। कोरोनाकाल में महीनों तक खुदाई का काम प्रभावित हुआए इसलिए प्रोजेक्ट में देरी संभव है। इलाके में चट्टानों के बीच में धार के रूप में यूरेनियम होने की पुष्टि हुई थी।

इसलिए है यूसीआइएल का महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट
-खंडेला जयपुर व दिल्ली से ज्यादा दूर नहीं होने से यूरेनियम सप्लाई में ज्यादा खर्चा नहीं आएगा।
-शेखावाटी के अन्य क्षेत्रों में भी यूरेनियम भंडार होने से हैदराबाद की तर्ज पर यहीं पर प्रोसेसिंग प्लांट भी लगाया जा सकता है।


...यहां और भी हैं यूरेनियम के भंडार
शेखावाटी में झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी क्षेत्र के जहाजए नृसिंहपुरी व नीमकाथाना क्षेत्र के तीन गांवों में भी यूरेनियम के भंडार होने की संभावना जताई गई है। यहां कोविड की वजह से अन्वेषण का काम फि लहाल अटका हुआ है।