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SIKAR : बेटा-बेटी के साथ कुएं में कूदी मां, इन तीन मौतों की वजह है बहुत खौफनाक

Suicide in Sikar : राजस्थान के सीकर जिले में दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। एक महिला ने अपने दो बच्चों को कुएं में फेंकने के बाद खुद ने

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Suicide in Sikar

Suicide in Sikar

सीकर. राजस्थान के सीकर जिले में दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। एक महिला ने अपने दो बच्चों को कुएं में फेंकने के बाद खुद ने भी छलांग लगा दी। जिससे तीनों की मौत हो गई। महिला द्वारा यह कदम उठाए जाने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। बच्चों में एक बेटा व एक बेटी शामिल है। तीनों के शव लक्ष्मगणढ़ सीएचसी के मुर्दाघर में रखवाए गए हैं। हालांकि पीहर पक्ष ने ससुराल पक्ष के खिलाफ दहेज के लिए हत्या किए जाने का आरोप लगाया है।

ये है पूरा मामला

-घटना सीकर जिले के लक्ष्णमगढ़ उपखण्ड के बलारा पुलिस थाना इलाके के गांव पालड़ी की है।
-पालड़ी में मायादेवी योगी (26) अपनी तीन वर्षीय बेटी अंकिता व पांच वर्षीय बेटे ओमप्रकाश के साथ खाना खाकर सो गई थी।
-देर रात परिजनों को तीनों ही घर पर नहीं दिखे तो उनकी तलाश की गई। पता चला कि तीनों घर के पास कुएं में पड़े हैं।
-बलारा पुलिस को रात करीब डेढ़ बजे सूचना दी गई। थानाधिकारी अरूण सिंह मौके पर पहुंचे।
-पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से माया देवी, अंकिता व ओमप्रकाश का शव कुएं से बाहर निकलवाया और लक्ष्मणगढ़ सीएचसी में पहुंचाया।

शराब पीकर मारपीट का आरोप

मायादेवी चूरू जिले के सरदारशहर थानाधिकारी रूपलीसर की रहने वाली थी। उसकी शादी करीब छह साल पहले पालड़ी गांव के केदार के साथ हुई थी। पुलिस की शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि केदार आदतन शराबी है और वह शराब के नशे में अक्सर मायादेवी से मारपीट किया करता था।

भाई ने दर्ज करवाया दहेज हत्या का मामला

मायादेवी के भाई जगदीश ने बलारा पुलिस थाने में दहेज हत्या का मामला दर्ज करवाया है। जगदीश का आरोप है कि उसकी बहन व उसके बच्चों को दहेज के लिए कुएं में धक्का देकर गिरा दिया गया, जिससे उनकी मौत हो गई।

बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंचे

महिला व उसके दो बच्चों के कुएं में शव मिलने की सूचना के बाद मायादेवी के पीहर पक्ष के लोग बड़ी संख्या में गांव पालड़ी पहुंचे और फिर यहां से अस्पताल आ गए। समाचार लिखे जाने तक तीनों शवों को लक्ष्मणगढ़ सीएचसी के मुर्दाघर में पोस्टमार्टम करवाया जा रहा था।

5 घंटे बाद पोस्टमार्टम


गुरुवार सुबह मृतका का भाई जगदीश व उसके परिजन दोपहर को 12 बजे लक्ष्मणगढ़ सीएचसी पहुंच थे। इसके बाद मेडिकल बोर्ड के गठन की कवायद में काफी समय जाया हो गया। बोर्ड गठन होने के बाद भी पांच घंटे बाद ड्यूटी चिकित्सकों ने अस्पताल पहुंच कर शवों का पोस्टमार्टम किया। सीएचसी की व्यवस्था पर परिजनों के साथ-साथ पुलिस प्रशासन ने भी रोष जताया।